✅भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद् नवनीतम नवी पिल्लै को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए आज नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
👉पिल्लै संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय आईसीजे की न्यायाधीश रह चुकी हैं। उन्होंने रंगभेद के दौर में अपना बचपन बिताया। इसके बाद उन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ मानवाधिकारों और समानता को बढ़ावा देने के लिए काम किया।
👉1941 में डरबन में भारतीय तमिल मूल के माता-पिता के घर जन्मीं पिल्लै बाद में दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने वाली पहली अश्वेत महिला बनीं।
👉पिल्लै संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय आईसीजे की न्यायाधीश रह चुकी हैं। उन्होंने रंगभेद के दौर में अपना बचपन बिताया। इसके बाद उन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ मानवाधिकारों और समानता को बढ़ावा देने के लिए काम किया।
👉1941 में डरबन में भारतीय तमिल मूल के माता-पिता के घर जन्मीं पिल्लै बाद में दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने वाली पहली अश्वेत महिला बनीं।
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❄️ प्रोटोजोआ से होने वाले प्रमुख रोगः-
👉🏻पायरिया
👉🏻कालाजार
👉🏻मलेरिया
👉🏻पेचिस
👉🏻सोने की बीमारी
Trick:- "पापा काम पे सोते है...."
👉🏻पायरिया
👉🏻कालाजार
👉🏻मलेरिया
👉🏻पेचिस
👉🏻सोने की बीमारी
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🦤 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम!
करीब एक दशक के संरक्षण-प्रजनन प्रयासों के बाद, अक्टूबर 2026 में राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में चार ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) को जंगल में छोड़ा गया।
🌿 वर्ष 2016 में शुरू हुए संरक्षण-प्रजनन कार्यक्रम के तहत सैम और रामदेवरा में स्थापित केंद्र इस गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी की आबादी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
📌 अक्टूबर 2026 तक, दोनों केंद्रों में कुल 96 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड थे। जंगल में छोड़े जाने की यह पहल उनकी प्राकृतिक आबादी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
करीब एक दशक के संरक्षण-प्रजनन प्रयासों के बाद, अक्टूबर 2026 में राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में चार ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) को जंगल में छोड़ा गया।
🌿 वर्ष 2016 में शुरू हुए संरक्षण-प्रजनन कार्यक्रम के तहत सैम और रामदेवरा में स्थापित केंद्र इस गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी की आबादी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
📌 अक्टूबर 2026 तक, दोनों केंद्रों में कुल 96 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड थे। जंगल में छोड़े जाने की यह पहल उनकी प्राकृतिक आबादी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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ASHU SIR LIVE🔴
https://youtube.com/live/Sqk362mXIKs?feature=share
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