✨27 अक्टूबर 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), गोवा में ‘यार्ड 1283 (सृष्टि)’, जो अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) है, का जलावतरण श्रीमती संदीपा सहाय द्वारा किया गया।
✨इस अवसर पर सचिव (रक्षा वित्त), श्री विश्वजीत सहाय भी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं एवं मूल्यों को दर्शाता है। इस मौके पर भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
✨स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित ये जहाज समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-आयामी कार्यों के लिए मौजूदा ओपीवी/एनओपीवी की क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
✨इन एनओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड (जीएसएल, गोवा और जीआरएसई, कोलकाता) में किया जा रहा है।
✨इस अवसर पर सचिव (रक्षा वित्त), श्री विश्वजीत सहाय भी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं एवं मूल्यों को दर्शाता है। इस मौके पर भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
✨स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित ये जहाज समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-आयामी कार्यों के लिए मौजूदा ओपीवी/एनओपीवी की क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
✨इन एनओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड (जीएसएल, गोवा और जीआरएसई, कोलकाता) में किया जा रहा है।
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14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में 29 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजन
पर्यटन मंत्रालय पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में तीन दिवसीय मार्ट का आयोजन करेगा
मार्ट में देश-विदेश के 200 से अधिक खरीदारों और विक्रेताओं सहित पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के भाग लेने की उम्मीद
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी
पर्यटन मंत्रालय पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में तीन दिवसीय मार्ट का आयोजन करेगा
मार्ट में देश-विदेश के 200 से अधिक खरीदारों और विक्रेताओं सहित पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के भाग लेने की उम्मीद
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी
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🔥 CET 2026 (10+2 Level) की तैयारी अब होगी और भी दमदार! 🔥
📚 लेकर आए हैं Exam Express Revision — आपकी सफलता की तैयारी का शानदार साथी! 💯
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✅ GK & GS
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✅ कंप्यूटर
✅ विज्ञान
✅ जनस्वास्थ्य
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📞 ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें - 7339953819,8529429129
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✅राजस्थान में संभागीय व्यवस्था
✨राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरूआत - 30 मार्च 1949 को मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री द्वारा की गई।
✨प्रारम्भ में राजस्थान में 5 संभाग थे । (राजस्थान का 6 वां संभाग अजमेर (जयपुर के स्थान पर) - 1 नवम्बर 1956 को बना ।)
✨24 अप्रैल 1962 को राजस्थान में मोहनलाल सुखाड़िया द्वारा संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
✨26 जनवरी 1987 को हरिदेव जोशी द्वारा संभागीय व्यवस्था पुनः आरम्भ की गई व जयपुर को पुनः संभाग बनाया गया ।
✨4 जून 2005 को 7 वां संभाग - भरतपुर (वसुन्धरा राजे द्वारा) बनाया गया।
✨7 अगस्त 2023 को रामलुभाया समिति द्वारा 3 नए संभाग बांसवाड़ा, पाली, सीकर बनाए गए जिनको ललित के पंवार समिति की सिफारिश पर 28 दिसम्बर 2024 को भजनलाल सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया । अतः वर्तमान में राजस्थान में संभागों की कुल संख्या 7 रह गई है।
✨राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरूआत - 30 मार्च 1949 को मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री द्वारा की गई।
✨प्रारम्भ में राजस्थान में 5 संभाग थे । (राजस्थान का 6 वां संभाग अजमेर (जयपुर के स्थान पर) - 1 नवम्बर 1956 को बना ।)
✨24 अप्रैल 1962 को राजस्थान में मोहनलाल सुखाड़िया द्वारा संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
✨26 जनवरी 1987 को हरिदेव जोशी द्वारा संभागीय व्यवस्था पुनः आरम्भ की गई व जयपुर को पुनः संभाग बनाया गया ।
✨4 जून 2005 को 7 वां संभाग - भरतपुर (वसुन्धरा राजे द्वारा) बनाया गया।
✨7 अगस्त 2023 को रामलुभाया समिति द्वारा 3 नए संभाग बांसवाड़ा, पाली, सीकर बनाए गए जिनको ललित के पंवार समिति की सिफारिश पर 28 दिसम्बर 2024 को भजनलाल सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया । अतः वर्तमान में राजस्थान में संभागों की कुल संख्या 7 रह गई है।
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