दिनेश शर्मा ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद की शपथ ली
दिनेश शर्मा ने मंगलवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 14वें उप-राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
श्री विजय पुरम (पूर्व पोर्ट ब्लेयर) स्थित लोक निवास में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह के दौरान मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने ‘नियुक्ति वारंट’ पढ़कर सुनाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लखनऊ के पूर्व महापौर शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रह चुके हैं। जब वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे तब उनके पास उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई विभाग थे।
दिनेश शर्मा ने मंगलवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 14वें उप-राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
श्री विजय पुरम (पूर्व पोर्ट ब्लेयर) स्थित लोक निवास में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह के दौरान मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने ‘नियुक्ति वारंट’ पढ़कर सुनाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लखनऊ के पूर्व महापौर शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रह चुके हैं। जब वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे तब उनके पास उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई विभाग थे।
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विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच की बैठक गांधीनगर में शुरू
विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (डब्ल्यू.सी.ई.एफ.) 2026 का 10वां संस्करण गुजरात में गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शुरू हो गया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसका संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ये सम्मेलन भारत में पहली बार आयोजित हो रहा है।
65 से अधिक देशों के दो हजार से अधिक हितधारक इसमें भाग ले रहे हैं। इसका विषय है- चक्रीय अर्थव्यवस्था-जन और समृद्धि के लिए परिवर्तन।
इस विश्व स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा और गुजरात सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है
विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (डब्ल्यू.सी.ई.एफ.) 2026 का 10वां संस्करण गुजरात में गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शुरू हो गया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसका संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ये सम्मेलन भारत में पहली बार आयोजित हो रहा है।
65 से अधिक देशों के दो हजार से अधिक हितधारक इसमें भाग ले रहे हैं। इसका विषय है- चक्रीय अर्थव्यवस्था-जन और समृद्धि के लिए परिवर्तन।
इस विश्व स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा और गुजरात सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है
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छह राज्यों ने यमुना के अविरल प्रवाह के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए
देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने यमुना नदी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। ये राज्य हैं – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली। इस समझौते पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
केंद्र सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित की है। श्री शाह ने कहा, केंद्र सरकार इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय बोझ उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत भार संबंधित राज्य उठाएंगे।
सबसे अहम प्रविधानों में हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी का दिल्ली और राजस्थान को उपयोग शामिल है।
देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने यमुना नदी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। ये राज्य हैं – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली। इस समझौते पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
केंद्र सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित की है। श्री शाह ने कहा, केंद्र सरकार इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय बोझ उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत भार संबंधित राज्य उठाएंगे।
सबसे अहम प्रविधानों में हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी का दिल्ली और राजस्थान को उपयोग शामिल है।
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युद्ध अभ्यास 2026: पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’
भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण उत्तराखंड के औली में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन व्यवस्था को मजबूत करना, उभरती चुनौतियों का समाधान करना और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना है।
बता दें कि बीते महीने ही भारतीय और अमेरिकी नौसेना ने भी एक विशेष अभ्यास को अंजाम दिया था। इसके तहत समुद्र के भीतर छिपे विस्फोटक खतरों को खोजने और उन्हें निष्क्रिय करने का अभ्यास किया गया। भारत व अमेरिका की नौसेनाओं का यह ‘एक्सपलोसिव ऑर्डेनेंस डिस्पोजल’ (ईओडी) अभ्यास 10 से 14 अगस्त तक कोच्चि स्थित नौसेना की दक्षिणी कमान में आयोजित किया गया था।
भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण उत्तराखंड के औली में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन व्यवस्था को मजबूत करना, उभरती चुनौतियों का समाधान करना और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना है।
बता दें कि बीते महीने ही भारतीय और अमेरिकी नौसेना ने भी एक विशेष अभ्यास को अंजाम दिया था। इसके तहत समुद्र के भीतर छिपे विस्फोटक खतरों को खोजने और उन्हें निष्क्रिय करने का अभ्यास किया गया। भारत व अमेरिका की नौसेनाओं का यह ‘एक्सपलोसिव ऑर्डेनेंस डिस्पोजल’ (ईओडी) अभ्यास 10 से 14 अगस्त तक कोच्चि स्थित नौसेना की दक्षिणी कमान में आयोजित किया गया था।
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जल शक्ति मंत्रालय ने जारी किया ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान
जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान जारी किया है। इस गान को प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन ने गाया है।
यह गीत जन भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को संगीतमय आवाज देता है। यह वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण और पुनरुद्धार को प्रोत्साहित करता है, साथ ही जन भागीदारी को भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के देश के प्रयासों के केंद्र में रखता है
जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान जारी किया है। इस गान को प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन ने गाया है।
यह गीत जन भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को संगीतमय आवाज देता है। यह वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण और पुनरुद्धार को प्रोत्साहित करता है, साथ ही जन भागीदारी को भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के देश के प्रयासों के केंद्र में रखता है
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में ‘एक शताब्दी सेवा – सेवा के 100 कार्यों में आरएसएस’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।
यह पुस्तक तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौदराराजन ने लिखी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी भर की सेवा, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौदराराजन ने लिखी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी भर की सेवा, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करती है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी में जन सूचना सेवा पहल शुरू की।
सर्वोच्च न्यायापलय ने हिंदी दिवस के अवसर पर ‘जन सूचना सेवा’ शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाना और लोगों के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों को समझना आसान बनाना है।
इस सेवा के अंतर्गत महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी में सार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही करीब 15 से 30 मिनट की अवधि के हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे।
न्यायालय ने कहा कि यह पहल लोगों और विशेष रूप से दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इससे वे महत्वपूर्ण फैसलों, उनके प्रभाव और आगे की कार्यवाही को अपनी परिचित भाषा में आसानी से समझ सकेंगे।
सर्वोच्च न्यायापलय ने हिंदी दिवस के अवसर पर ‘जन सूचना सेवा’ शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाना और लोगों के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों को समझना आसान बनाना है।
इस सेवा के अंतर्गत महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी में सार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही करीब 15 से 30 मिनट की अवधि के हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे।
न्यायालय ने कहा कि यह पहल लोगों और विशेष रूप से दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इससे वे महत्वपूर्ण फैसलों, उनके प्रभाव और आगे की कार्यवाही को अपनी परिचित भाषा में आसानी से समझ सकेंगे।
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अब रिसर्च पेपर को वीडियो में बदलकर आम लोगों तक पहुंचाएगा ‘SARAL AI’
ज्ञानिक शोध को छात्रों और आम लोगों के लिए आसानी से समझने, खोजने और साझा करने योग्य बनाने की दिशा में CSIR-National Institute of Science Communication and Policy Research (CSIR-NIScPR) ने ‘SARAL AI’ को अपनाने की पहल की है। ‘SARAL AI’ Anusandhan National Research Foundation (ANRF), New Delhi की पहल है। इसके जरिए जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर्स को रोचक और आसानी से समझ आने वाले वीडियो में बदला जाता है।
सरकार की ओर से विज्ञान और शोध के प्रभावी संचार के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ज्ञानिक शोध को छात्रों और आम लोगों के लिए आसानी से समझने, खोजने और साझा करने योग्य बनाने की दिशा में CSIR-National Institute of Science Communication and Policy Research (CSIR-NIScPR) ने ‘SARAL AI’ को अपनाने की पहल की है। ‘SARAL AI’ Anusandhan National Research Foundation (ANRF), New Delhi की पहल है। इसके जरिए जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर्स को रोचक और आसानी से समझ आने वाले वीडियो में बदला जाता है।
सरकार की ओर से विज्ञान और शोध के प्रभावी संचार के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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Para Shooting World Championship 2026: भक्ति शर्मा ने जीता ब्रॉन्ज और सिल्वर
साउथ कोरिया के चांगवोन में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत की बेटी भक्ति शर्मा ने देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 के व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ-साथ भक्ति ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भक्ति ठीक से न बोल पाती हैं और ना ही सुन पाती हैं
इसके साथ ही उन्हें चलने में भी दिक्कत होती है, लेकिन इन शारीरिक चुनौतियों को उन्होंने अपने इस सफर में अब तक राह का रोड़ा नहीं बनने दिया है।
साउथ कोरिया के चांगवोन में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत की बेटी भक्ति शर्मा ने देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 के व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ-साथ भक्ति ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भक्ति ठीक से न बोल पाती हैं और ना ही सुन पाती हैं
इसके साथ ही उन्हें चलने में भी दिक्कत होती है, लेकिन इन शारीरिक चुनौतियों को उन्होंने अपने इस सफर में अब तक राह का रोड़ा नहीं बनने दिया है।
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