राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्य
निम्नलिखित सभी या इनमें से किन्हीं कृत्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात् ----
(क)स्व-प्रेरणा से या स्वयं पीड़ित या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत याचिका पर------
(1) मानव अधिकारों के उल्लंघन या उसके अपशमन की, या
(2) किसी लोक सेवक द्वारा उस उल्लंघन को रोकने में बरती गई उपेक्षा की शिकायत की जाँच करेगा।
ख) किसी न्यायालय के समक्ष लम्बित मानव अधिकारों के उल्लंघन के किसी
अभिकथन वाली किसी कार्यवाही में उस न्यायालय की अनुमति से हस्तक्षेप
करेगा।
(ग) राज्य सरकार को सूचना देने के अध्यधीन, राज्य सरकार के नियन्त्रणाधीन
किसी जेल या किसी अन्य संस्था का, जहाँ पर उपचार, सुधार या संरक्षण के प्रयोजनार्थ व्यक्तियों को निरुद्ध किया जाता है या रखा जाता है, निवास करने वालों की जीवन दशाओं का अध्ययन करने एवं उस पर सिफारिशें करने के लिए निरीक्षण करेगा।
(घ) मानव अधिकारों को संरक्षण के लिए संविधान या तत्समय प्रवृत्त किस कानून द्वारा किसी अन्य संस्था का, जहाँ पर उपचार, सुधार या संरक्षण के प्रयोजनार्थ व्यक्तियों को निरुद्ध किया जाता है या रखा जाता है, निवास करने वालों की जीवन दशाओं को अध्ययन करने एवं उस पर सिफारिश करने के लिए निरीक्षण करेगा।
(ङ) उन कारकों का जिनमें उग्रवाद के कृत्य भी हैं, मानव अधिकारों के उपयोग
में बाधा डालते हैं, पुनरावलोकन करेगा एवं उपयुक्त उपचारात्मक उपायों की सिफारिश करेगा।
(च) मानव अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं उसे प्रोन्नत करेगा।
(छ) समाज के विभिन्न खण्डों में मानव अधिकार साक्षरता का प्रसार करेगा तथा प्रकाशकों, साधनों (मीडिया), सेमीनारों एवं अन्य उपलब्ध साधनों के माध्यम से इन अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध सुरक्षाओं के प्रति जागरूकता को विकसित करेगा।
(ज) मानव अधिकारों के क्षेत्र में कार्य करने वाले गैर-सरकारी संगठनों एवं संस्थाओं के प्रयत्नों को प्रोत्साहन देगा।
(झ) ऐसे अन्य कृत्य करेगा, जिन्हें वह मानव अधिकारों के संवर्धन के लिए आवश्यक समझेगा।
निम्नलिखित सभी या इनमें से किन्हीं कृत्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात् ----
(क)स्व-प्रेरणा से या स्वयं पीड़ित या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत याचिका पर------
(1) मानव अधिकारों के उल्लंघन या उसके अपशमन की, या
(2) किसी लोक सेवक द्वारा उस उल्लंघन को रोकने में बरती गई उपेक्षा की शिकायत की जाँच करेगा।
ख) किसी न्यायालय के समक्ष लम्बित मानव अधिकारों के उल्लंघन के किसी
अभिकथन वाली किसी कार्यवाही में उस न्यायालय की अनुमति से हस्तक्षेप
करेगा।
(ग) राज्य सरकार को सूचना देने के अध्यधीन, राज्य सरकार के नियन्त्रणाधीन
किसी जेल या किसी अन्य संस्था का, जहाँ पर उपचार, सुधार या संरक्षण के प्रयोजनार्थ व्यक्तियों को निरुद्ध किया जाता है या रखा जाता है, निवास करने वालों की जीवन दशाओं का अध्ययन करने एवं उस पर सिफारिशें करने के लिए निरीक्षण करेगा।
(घ) मानव अधिकारों को संरक्षण के लिए संविधान या तत्समय प्रवृत्त किस कानून द्वारा किसी अन्य संस्था का, जहाँ पर उपचार, सुधार या संरक्षण के प्रयोजनार्थ व्यक्तियों को निरुद्ध किया जाता है या रखा जाता है, निवास करने वालों की जीवन दशाओं को अध्ययन करने एवं उस पर सिफारिश करने के लिए निरीक्षण करेगा।
(ङ) उन कारकों का जिनमें उग्रवाद के कृत्य भी हैं, मानव अधिकारों के उपयोग
में बाधा डालते हैं, पुनरावलोकन करेगा एवं उपयुक्त उपचारात्मक उपायों की सिफारिश करेगा।
(च) मानव अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं उसे प्रोन्नत करेगा।
(छ) समाज के विभिन्न खण्डों में मानव अधिकार साक्षरता का प्रसार करेगा तथा प्रकाशकों, साधनों (मीडिया), सेमीनारों एवं अन्य उपलब्ध साधनों के माध्यम से इन अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध सुरक्षाओं के प्रति जागरूकता को विकसित करेगा।
(ज) मानव अधिकारों के क्षेत्र में कार्य करने वाले गैर-सरकारी संगठनों एवं संस्थाओं के प्रयत्नों को प्रोत्साहन देगा।
(झ) ऐसे अन्य कृत्य करेगा, जिन्हें वह मानव अधिकारों के संवर्धन के लिए आवश्यक समझेगा।
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