केंद्र सरकार ने कानून बदला, अब दिन-रात फहराइये तिरंगा
'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरू करने की तैयारी में जुटी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आजादी के 75वें वर्ष में देश का झंडा कानून बदल दिया गया है। केंद्र सरकार ने लोगों को अपने घर पर या खुले स्थान में दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहराने की अनुमति दे दी है। इससे पहले सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच ही राष्ट्रध्वज फहराने का नियम था, मौसम चाहे जैसा भी हो। भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकने के लिए अधिनियम, 1971 के तहत तिरंगे का प्रदर्शन, फहराना और इसका उपयोग किया जाता है। 20 जुलाई, 2022 से इसके कुछ प्रवधान बदल दिए गए हैं। इसके तहत कोई व्यक्ति अपने घर पर या खुले स्थान में दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहरा सकेगा।
पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही राष्ट्रध्वज फहराने का था नियम
"हर घर तिरंगा अभियान की तैयारी में जुटी सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
पाॅलिस्टर से बने तिरंगे का उपयोग भी किया जा सकेगा अब पालिस्टर और मशीन से बने राष्ट्रीय ध्वज का भी उपयोग किया जा सकेगा। झंडा कानून में बदलाव करते हुए कहा गया है, राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काटा और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पालिस्टर/ऊन या रेशमी खादी से बना होगा। पहले मशीन और पालिस्टर से बने तिरंगे के उपयोग की अनुमति नहीं थी।
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'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरू करने की तैयारी में जुटी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आजादी के 75वें वर्ष में देश का झंडा कानून बदल दिया गया है। केंद्र सरकार ने लोगों को अपने घर पर या खुले स्थान में दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहराने की अनुमति दे दी है। इससे पहले सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच ही राष्ट्रध्वज फहराने का नियम था, मौसम चाहे जैसा भी हो। भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकने के लिए अधिनियम, 1971 के तहत तिरंगे का प्रदर्शन, फहराना और इसका उपयोग किया जाता है। 20 जुलाई, 2022 से इसके कुछ प्रवधान बदल दिए गए हैं। इसके तहत कोई व्यक्ति अपने घर पर या खुले स्थान में दिन और रात दोनों समय तिरंगा फहरा सकेगा।
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