Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
श्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना
को मिली मंजूरी
योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मार्जिन मनी एवं कम ब्याज दर पर ऋण
योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान
महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर एवं शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान
साथ ही, वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी
को मिली मंजूरी
योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मार्जिन मनी एवं कम ब्याज दर पर ऋण
योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान
महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर एवं शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान
साथ ही, वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी
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मंत्रिमंडल की बैठक
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज का उन्नयन कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) जयपुर की स्थापना के लिए विधेयक के प्रारूप पर सहमति
एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर यह संस्थान राज्य का एकमात्र पीजी स्तर का चिकित्सा संस्थान होगा, जिससे सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिलेगा
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज का उन्नयन कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) जयपुर की स्थापना के लिए विधेयक के प्रारूप पर सहमति
एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर यह संस्थान राज्य का एकमात्र पीजी स्तर का चिकित्सा संस्थान होगा, जिससे सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिलेगा
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Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
✔️फतेहगढ़ के मेघा गांव में जुरासिक काल के पहले के जीवाश्म मिले हैं। एक्सपर्ट है कि भारत में पहली बार ऐसा जीवाश्म मिला है।
✔️यह जिस जीव के जीवाश्म हैं, वह 20 करोड़ साल पहले विलुप्त हो चुकी थी।
✔️ जेएनवीयू जोधपुर के भू-विज्ञान विभाग के डीन डॉ. वी.एस. परिहार के नेतृत्व में एक टीम ने रविवार को मेघा गांव में जीवाश्म का अध्ययन किया।
✔️इसमें पता चला कि यह फाइटोसौर (एक तरह की छिपकली) का कंकाल है। यह जीव पानी के आसपास रहता था। इसकी आकृति मगरमच्छ से मिलती जुलती है, लेकिन यह डायनासोर नहीं है।
✔️ डॉ. परिहार के अनुसार यह करीब 20 करोड़ साल पुराने जीवाश्म हैं। इसकी लम्बाई डेढ़ से दो मीटर
✔️यह जिस जीव के जीवाश्म हैं, वह 20 करोड़ साल पहले विलुप्त हो चुकी थी।
✔️ जेएनवीयू जोधपुर के भू-विज्ञान विभाग के डीन डॉ. वी.एस. परिहार के नेतृत्व में एक टीम ने रविवार को मेघा गांव में जीवाश्म का अध्ययन किया।
✔️इसमें पता चला कि यह फाइटोसौर (एक तरह की छिपकली) का कंकाल है। यह जीव पानी के आसपास रहता था। इसकी आकृति मगरमच्छ से मिलती जुलती है, लेकिन यह डायनासोर नहीं है।
✔️ डॉ. परिहार के अनुसार यह करीब 20 करोड़ साल पुराने जीवाश्म हैं। इसकी लम्बाई डेढ़ से दो मीटर
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