🪐IIM अहमदाबाद: निधि उत्कृष्टता केंद्र (NIDHI CoE) का उद्घाटन
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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🪐ICAR और NDDB के बीच रणनीतिक गठबंधन (MoU)
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
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❄️भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण❄️
आयोजन: "भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना" विषय पर कार्यशाला।
तिथि व स्थान: 13 जनवरी 2026, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली।
आयोजक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न।
मिशन: यह पहल नेशनल लैंग्वेज ट्रांसलेशन मिशन (NLTM) के तहत काम करती है।
मुख्य उद्देश्य:
भाषा की बाधाओं को खत्म करना।
सभी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना।
एक 'सॉवरेन' (Sovereign) और समावेशी 'लैंग्वेज AI इकोसिस्टम' बनाना।
'भाषादान' (Bhashadaan) पोर्टल: इसके माध्यम से आम नागरिक अपनी स्थानीय भाषा का डेटा योगदान (Contribution) दे सकते हैं।
भाषिणी इन एक्शन: कार्यशाला में AI आधारित रीयल-टाइम अनुवाद और सेवाओं का लाइव डेमो दिया जाएगा।
प्रमुख व्यक्तित्व: अमिताभ नाग (CEO, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न)।
एक लाइन में सारांश: यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भारत की विभिन्न भाषाओं के बीच की दूरी को मिटाकर 'डिजिटल इंडिया' को हर नागरिक तक पहुँचाने का एक बड़ा कदम है।
आयोजन: "भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना" विषय पर कार्यशाला।
तिथि व स्थान: 13 जनवरी 2026, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली।
आयोजक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न।
मिशन: यह पहल नेशनल लैंग्वेज ट्रांसलेशन मिशन (NLTM) के तहत काम करती है।
मुख्य उद्देश्य:
भाषा की बाधाओं को खत्म करना।
सभी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना।
एक 'सॉवरेन' (Sovereign) और समावेशी 'लैंग्वेज AI इकोसिस्टम' बनाना।
'भाषादान' (Bhashadaan) पोर्टल: इसके माध्यम से आम नागरिक अपनी स्थानीय भाषा का डेटा योगदान (Contribution) दे सकते हैं।
भाषिणी इन एक्शन: कार्यशाला में AI आधारित रीयल-टाइम अनुवाद और सेवाओं का लाइव डेमो दिया जाएगा।
प्रमुख व्यक्तित्व: अमिताभ नाग (CEO, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न)।
एक लाइन में सारांश: यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भारत की विभिन्न भाषाओं के बीच की दूरी को मिटाकर 'डिजिटल इंडिया' को हर नागरिक तक पहुँचाने का एक बड़ा कदम है।
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❄️भारत और जर्मनी: डाक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में ऐतिहासिक सहयोग❄️
तिथि व स्थान: 12 जनवरी 2026, अहमदाबाद।
अवसर: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) की भारत यात्रा के दौरान।
किनके बीच समझौता: भारत का डाक विभाग (संचार मंत्रालय) और जर्मनी का डॉयचे पोस्ट एजी (DHL ग्रुप)।
हस्ताक्षरित दस्तावेज़: एक 'संयुक्त आशय घोषणा' (JDI) और एक 'आशय पत्र' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य उद्देश्य: डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस:
सीमा-पार ई-कॉमर्स (Cross-border E-commerce) को बढ़ावा देना।
निर्धारित समय पर अंतर्राष्ट्रीय डिलीवरी सुनिश्चित करना।
हरित लॉजिस्टिक्स (Green Logistics) और डिजिटलीकरण।
बड़ा परिणाम: एक 'संयुक्त प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पाद' का शुभारंभ होगा। यह इंडिया पोस्ट की 'अंतिम-छोर तक पहुँच' और DHL के 'वैश्विक नेटवर्क' को आपस में जोड़ेगा।
किसे फायदा होगा: विशेष रूप से MSMEs, स्टार्टअप्स और कारीगरों को किफायती और भरोसेमंद तरीके से अपने उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
सुधार: इससे अंतर्राष्ट्रीय खेपों (Shipments) के लिए ट्रांजिट टाइम कम होगा और ट्रैकिंग (Visibility) बेहतर होगी।
तिथि व स्थान: 12 जनवरी 2026, अहमदाबाद।
अवसर: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) की भारत यात्रा के दौरान।
किनके बीच समझौता: भारत का डाक विभाग (संचार मंत्रालय) और जर्मनी का डॉयचे पोस्ट एजी (DHL ग्रुप)।
हस्ताक्षरित दस्तावेज़: एक 'संयुक्त आशय घोषणा' (JDI) और एक 'आशय पत्र' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य उद्देश्य: डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस:
सीमा-पार ई-कॉमर्स (Cross-border E-commerce) को बढ़ावा देना।
निर्धारित समय पर अंतर्राष्ट्रीय डिलीवरी सुनिश्चित करना।
हरित लॉजिस्टिक्स (Green Logistics) और डिजिटलीकरण।
बड़ा परिणाम: एक 'संयुक्त प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पाद' का शुभारंभ होगा। यह इंडिया पोस्ट की 'अंतिम-छोर तक पहुँच' और DHL के 'वैश्विक नेटवर्क' को आपस में जोड़ेगा।
किसे फायदा होगा: विशेष रूप से MSMEs, स्टार्टअप्स और कारीगरों को किफायती और भरोसेमंद तरीके से अपने उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
सुधार: इससे अंतर्राष्ट्रीय खेपों (Shipments) के लिए ट्रांजिट टाइम कम होगा और ट्रैकिंग (Visibility) बेहतर होगी।
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❄️आतंकवाद-रोधी उपायों पर आसियान (ASEAN) बैठक❄️
आयोजन: ADMM-प्लस के 'आतंकवाद से निपटने की तैयारी' संबंधी विशेषज्ञ कार्य समूह की 16वीं बैठक।
स्थान: नई दिल्ली (14 से 16 जनवरी 2026)।
सह-अध्यक्षता: भारत और मलेशिया मिलकर इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
भागीदार: 11 आसियान सदस्य देश और 8 संवाद साझेदार (ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, अमेरिका)।
प्रमुख गतिविधि: 14 जनवरी को एक 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' (TTX) का आयोजन किया गया।
आयोजन: ADMM-प्लस के 'आतंकवाद से निपटने की तैयारी' संबंधी विशेषज्ञ कार्य समूह की 16वीं बैठक।
स्थान: नई दिल्ली (14 से 16 जनवरी 2026)।
सह-अध्यक्षता: भारत और मलेशिया मिलकर इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
भागीदार: 11 आसियान सदस्य देश और 8 संवाद साझेदार (ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, अमेरिका)।
प्रमुख गतिविधि: 14 जनवरी को एक 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' (TTX) का आयोजन किया गया।
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