💠सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद अब भारत ने इसके अगले चरण की ओर कदम बढ़ाया है। इस वर्ष के बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस चरण का फोकस भारत में सेमीकंडक्टर उपकरण (Equipment) और सामग्री (Materials) के उत्पादन पर है।
💠भारत आज इंडस्ट्री-नेतृत्व वाले अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि तकनीक का विकास हो और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) भी तैयार हो सके।
💠बहुत जल्द देश में 85,000 से अधिक डिजाइन पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए ‘चिप-टू-स्टार्टअप’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
💠आज देश की करीब 400 विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को आधुनिक डिजाइन टूल्स तक पहुंच दी गई है, जिससे 55 से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।
💠इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार आज भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये) का है, जो इस दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) को पार कर सकता है।
💠भारत आज इंडस्ट्री-नेतृत्व वाले अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि तकनीक का विकास हो और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) भी तैयार हो सके।
💠बहुत जल्द देश में 85,000 से अधिक डिजाइन पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए ‘चिप-टू-स्टार्टअप’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
💠आज देश की करीब 400 विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को आधुनिक डिजाइन टूल्स तक पहुंच दी गई है, जिससे 55 से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।
💠इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार आज भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये) का है, जो इस दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) को पार कर सकता है।
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