ऐतिहासिक रूप से पहली बार, एक नामित सांसद, हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति बनाया गया है। वे लगातार तीसरे कार्यकाल के लिये निर्विरोध पुनः निर्वाचित हुए हैं।
निर्वाचन एवं पद: भारत के संविधान के अनुच्छेद 89(2) के अनुसार, राज्यसभा (राज्यों की परिषद) अपने सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में निर्वाचित करती है।
निर्वाचन एवं पद: भारत के संविधान के अनुच्छेद 89(2) के अनुसार, राज्यसभा (राज्यों की परिषद) अपने सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में निर्वाचित करती है।
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पोषण और स्वस्थ जीवन शैली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए चल रहे 8वें पोषण पखवाड़े के प्रयासों के तहत कल मिजोरम में 'रन फॉर न्यूट्रिशन' हाफ मैराथन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस आयोजन में लगभग 500 वयस्कों और बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जो पोषण और कल्याण के प्रति समुदाय की मजबूत प्रतिबद्धता और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
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The Indian Listener’
पहली आधिकारिक रेडियो पत्रिका
22 दिसंबर 1935 को, पहली आधिकारिक रेडियो पत्रिका ‘The Indian Listener’ की शुरुआत के साथ रेडियो ने एक नया क़दम उठाया। इस पत्रिका को Indian State Broadcasting Service द्वारा प्रकाशित किया गया, जो उस समय भारत में प्रसारण का संचालन कर रही थी।
यह केवल एक पत्रिका नहीं थी, बल्कि रेडियो और उसके श्रोताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
इसमें प्रसारण के कार्यक्रमों की जानकारी, कलाकारों से जुड़ी बातें और प्रशासनिक सूचनाएं शामिल होती थीं, जिससे श्रोता, रेडियो से और अधिक जुड़ सकें।
आगे चलकर, यही पत्रिका ‘Akashvani Magazine’ के नाम से जानी जाने लगी, जो All India Radio की आधिकारिक पत्रिका बनी।
इसके साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों तक रेडियो की मज़बूत पहुँच के लिए हिंदी में ‘सारंग’, उर्दू में ‘आवाज़’, तमिल में ‘वानोली’, तेलुगु में ‘वाणी’ और असमिया में ‘आकाशी’ जैसी विभिन्न भाषाओं में भी पत्रिकाएं शुरू की गईं I
पहली आधिकारिक रेडियो पत्रिका
22 दिसंबर 1935 को, पहली आधिकारिक रेडियो पत्रिका ‘The Indian Listener’ की शुरुआत के साथ रेडियो ने एक नया क़दम उठाया। इस पत्रिका को Indian State Broadcasting Service द्वारा प्रकाशित किया गया, जो उस समय भारत में प्रसारण का संचालन कर रही थी।
यह केवल एक पत्रिका नहीं थी, बल्कि रेडियो और उसके श्रोताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
इसमें प्रसारण के कार्यक्रमों की जानकारी, कलाकारों से जुड़ी बातें और प्रशासनिक सूचनाएं शामिल होती थीं, जिससे श्रोता, रेडियो से और अधिक जुड़ सकें।
आगे चलकर, यही पत्रिका ‘Akashvani Magazine’ के नाम से जानी जाने लगी, जो All India Radio की आधिकारिक पत्रिका बनी।
इसके साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों तक रेडियो की मज़बूत पहुँच के लिए हिंदी में ‘सारंग’, उर्दू में ‘आवाज़’, तमिल में ‘वानोली’, तेलुगु में ‘वाणी’ और असमिया में ‘आकाशी’ जैसी विभिन्न भाषाओं में भी पत्रिकाएं शुरू की गईं I
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