भारत जामुन के विकास के उद्गम स्थल के रूप में उभर रहा है
यह अध्ययन, जो लगभग 80 मिलियन वर्ष पूर्व के पूर्वी गोंडवाना में सिज़ीगियम वंश की उत्पत्ति की ओर इशारा करता है , जिसमें भारत प्रारंभिक विविधीकरण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है, पौधों के विकास के बारे में हमारी समझ को नया आकार देता है।
पहले यह माना जाता था कि सिज़ीगियम (जिसे आमतौर पर जामुन के नाम से जाना जाता है) की उत्पत्ति ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया तक ही सीमित थी।
यह अध्ययन, जो लगभग 80 मिलियन वर्ष पूर्व के पूर्वी गोंडवाना में सिज़ीगियम वंश की उत्पत्ति की ओर इशारा करता है , जिसमें भारत प्रारंभिक विविधीकरण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है, पौधों के विकास के बारे में हमारी समझ को नया आकार देता है।
पहले यह माना जाता था कि सिज़ीगियम (जिसे आमतौर पर जामुन के नाम से जाना जाता है) की उत्पत्ति ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया तक ही सीमित थी।
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अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन योजना के तहत आईआईटी पटना के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित कौशल प्रदान कर अल्पसंख्यक युवाओं की रोजगार क्षमता और रोजगार अवसर सुलभ बनाना है
पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित कौशल प्रदान कर अल्पसंख्यक युवाओं की रोजगार क्षमता और रोजगार अवसर सुलभ बनाना है
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आईएनएस सुदर्शनी मोरक्को के कैसाब्लांका से रवाना
💠बंदरगाह यात्रा के दौरान आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को के वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों के साथ पेशेवर बातचीत की, जिसमें मुख्य रूप से प्रशिक्षण आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
💠‘लोकयान' के मूल भाव को सक्रिय प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जहां भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने ‘क्रॉस डेक’ दौरों और मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं के दौरान रॉयल मोरक्कन नेवल स्कूल के कैडेटों के साथ बातचीत की।
💠बंदरगाह यात्रा के दौरान आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को के वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों के साथ पेशेवर बातचीत की, जिसमें मुख्य रूप से प्रशिक्षण आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
💠‘लोकयान' के मूल भाव को सक्रिय प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जहां भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने ‘क्रॉस डेक’ दौरों और मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं के दौरान रॉयल मोरक्कन नेवल स्कूल के कैडेटों के साथ बातचीत की।
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स्माइल’- सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज उसी सेतु की भूमिका निभाता है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 12 फरवरी 2022 को शुरू की गई यह योजना भारत का पहला एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा है, जो इन समुदायों को हर चरण पर सहायता प्रदान करने के लिए बनाया गया है-पहचान और बचाव से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच, परामर्श, कौशल विकास और दीर्घकालिक आर्थिक आत्मनिर्भरता तक।
‘‘स्माइल’ योजना के तहत वर्ष 2021–22 से 2025–26 की अवधि के लिए कुल 365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 265 करोड़ रुपये ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए और 100 करोड़ रुपये भिक्षावृत्ति पुनर्वास (2) के लिए निर्धारित हैं। हर वर्ष आवंटन में क्रमिक वृद्धि की गई है, जो दोनों उप-योजनाओं के विस्तार के प्रति सरकार के संकल्प को दर्शाता है
‘‘स्माइल’ योजना के तहत वर्ष 2021–22 से 2025–26 की अवधि के लिए कुल 365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 265 करोड़ रुपये ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए और 100 करोड़ रुपये भिक्षावृत्ति पुनर्वास (2) के लिए निर्धारित हैं। हर वर्ष आवंटन में क्रमिक वृद्धि की गई है, जो दोनों उप-योजनाओं के विस्तार के प्रति सरकार के संकल्प को दर्शाता है
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भारतीय नौसेना की पहल ‘IOS सागर’ के तहत तैनात ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुनयना 21 अप्रैल 2026 को जकार्ता (इंडोनेशिया) पहुंचा
✴️हिंद महासागर क्षेत्र में यह तीसरा बंदरगाह दौरा
✴️जहाज पर 16 मित्र देशों के बहुराष्ट्रीय दल सवार
✴️मलक्का व सिंगापुर जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया
✴️‘IOS सागर’ भारत के ‘महासागर’ विजन की अभिव्यक्ति
✴️उद्देश्य: क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग और साझा विकास को बढ़ावा
✴️जकार्ता में इंडोनेशियाई नौसेना के साथ पेशेवर, सामाजिक व खेल गतिविधियां
✴️हिंद महासागर क्षेत्र में यह तीसरा बंदरगाह दौरा
✴️जहाज पर 16 मित्र देशों के बहुराष्ट्रीय दल सवार
✴️मलक्का व सिंगापुर जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया
✴️‘IOS सागर’ भारत के ‘महासागर’ विजन की अभिव्यक्ति
✴️उद्देश्य: क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग और साझा विकास को बढ़ावा
✴️जकार्ता में इंडोनेशियाई नौसेना के साथ पेशेवर, सामाजिक व खेल गतिविधियां
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