तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में मिले जीवाश्म ने सबको चौंका दिया है
यहां 8,000–12,000 साल पुराने समुद्री जीवाश्म (Bivalves) और (Gastropods) मिले हैं.
भारी बारिश और मिट्टी के कटाव ने इस छिपे खजाने को उजागर किया. यहां से वैज्ञानिकों ने 104 नमूने जुटाए, जिसकी और जांच की जाएगी.
यह स्थल समुद्र की मौजूदा तटरेखा से लगभग 5-7 किमी अंदर स्थित है. ये प्राचीन काल में समुद्र के स्तर में हुए परिवर्तनों के बाद तटरेखा के खिसकने का संकेत देता है.
यह खोज हमें Holocene युग की झलक देती है. होलोसीन काल लगभग 11,700 साल पहले शुरू हुआ और वर्तमान में चल रहा है.
ये fossils हमें बताते हैं कि समुद्र का स्तर और पर्यावरण कैसे बदलते रहे.
यहां 8,000–12,000 साल पुराने समुद्री जीवाश्म (Bivalves) और (Gastropods) मिले हैं.
भारी बारिश और मिट्टी के कटाव ने इस छिपे खजाने को उजागर किया. यहां से वैज्ञानिकों ने 104 नमूने जुटाए, जिसकी और जांच की जाएगी.
यह स्थल समुद्र की मौजूदा तटरेखा से लगभग 5-7 किमी अंदर स्थित है. ये प्राचीन काल में समुद्र के स्तर में हुए परिवर्तनों के बाद तटरेखा के खिसकने का संकेत देता है.
यह खोज हमें Holocene युग की झलक देती है. होलोसीन काल लगभग 11,700 साल पहले शुरू हुआ और वर्तमान में चल रहा है.
ये fossils हमें बताते हैं कि समुद्र का स्तर और पर्यावरण कैसे बदलते रहे.
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RSSB : जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी (Non Tsp List)
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विश्व अस्थमा दिवस
(#WorldAsthmaDay)
Theme: "Access to anti-inflammatory inhalers for everyone with asthma – still an urgent need"
5 मई
विश्व अस्थमा दिवस हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को पूरी दुनिया में मनाया जाता है।
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को अस्थमा (दमा) की बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सांस लेने वाली नलियों में सूजन आ जाती है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना कितना महत्वपूर्ण है।
(#WorldAsthmaDay)
Theme: "Access to anti-inflammatory inhalers for everyone with asthma – still an urgent need"
5 मई
विश्व अस्थमा दिवस हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को पूरी दुनिया में मनाया जाता है।
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को अस्थमा (दमा) की बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सांस लेने वाली नलियों में सूजन आ जाती है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना कितना महत्वपूर्ण है।
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पद्म डोरी' के वैश्विक लॉन्च
'पद्म डोरी' एक अनोखी पहल है जो पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश की कपड़ा परंपराओं को एक साथ जोड़ती है। जिसे 1 मई 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
यह पहल पूर्वोत्तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम (NEHHDC) द्वारा शुरू की गई है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
'पद्म डोरी' पूर्वोत्तर भारत के एरी (अहिंसा) रेशम और मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई की परंपराओं को एक साथ जोड़ती है।
एरी रेशम को "अहिंसा रेशम" भी कहते हैं क्योंकि इसे बनाने में किसी जीव को नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।...
'पद्म डोरी' एक अनोखी पहल है जो पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश की कपड़ा परंपराओं को एक साथ जोड़ती है। जिसे 1 मई 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
यह पहल पूर्वोत्तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम (NEHHDC) द्वारा शुरू की गई है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
'पद्म डोरी' पूर्वोत्तर भारत के एरी (अहिंसा) रेशम और मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई की परंपराओं को एक साथ जोड़ती है।
एरी रेशम को "अहिंसा रेशम" भी कहते हैं क्योंकि इसे बनाने में किसी जीव को नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।...
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भारत के बदलते कार्यबल को सशक्त बनाती महिलाएं'
पहले महिलाओं का काम अनदेखा रहता था; वे घरों और अनौपचारिक कामों तक सीमित थीं, लेकिन अब देश के कार्यबल में उनकी भूमिका तेज़ी से बदल रही है।
महिला श्रम भागीदारी में बड़ा उछाल आया है, यह 2017-18 में 23.3% से बढ़कर 2025 में 40% हो गई है, और इस बदलाव की अगुआई ग्रामीण भारत कर रहा है।
स्वयं सहायता समूहों ने क्रांति लाई है दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
'लखपति दीदी' कार्यक्रम महिलाओं को हर साल 1 लाख रुपये से अधिक कमाने में मदद कर रहा है, जिससे वे अपने परिवार की मुख्य आय का स्रोत बन रही हैं।
स्टार्टअप जगत में भी महिलाओं की धाक बढ़ रही है 1 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं।...
पहले महिलाओं का काम अनदेखा रहता था; वे घरों और अनौपचारिक कामों तक सीमित थीं, लेकिन अब देश के कार्यबल में उनकी भूमिका तेज़ी से बदल रही है।
महिला श्रम भागीदारी में बड़ा उछाल आया है, यह 2017-18 में 23.3% से बढ़कर 2025 में 40% हो गई है, और इस बदलाव की अगुआई ग्रामीण भारत कर रहा है।
स्वयं सहायता समूहों ने क्रांति लाई है दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
'लखपति दीदी' कार्यक्रम महिलाओं को हर साल 1 लाख रुपये से अधिक कमाने में मदद कर रहा है, जिससे वे अपने परिवार की मुख्य आय का स्रोत बन रही हैं।
स्टार्टअप जगत में भी महिलाओं की धाक बढ़ रही है 1 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं।...
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