राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने कृषि जैव विविधता विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन; पद्म श्री डॉ. पी.एल. गौतम अध्यक्ष नियुक्त किए गए
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने कृषि जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और पहुंच एवं लाभ-साझाकरण (एबीएस) तथा संबंधित मामलों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 13(1) के अंतर्गत कृषि जैव विविधता पर विशेषज्ञ समिति का एक वर्ष की अवधि के लिए पुनर्गठन किया है।
समिति का पुनर्गठन के साथ प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक तथा राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण एवं पादप किस्मों के संरक्षण एवं किसान अधिकार प्राधिकरण (पीपीवीएफआरए) के पूर्व अध्यक्ष पद्म श्री डॉ. पी.एल. गौतम को इसका समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने कृषि जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और पहुंच एवं लाभ-साझाकरण (एबीएस) तथा संबंधित मामलों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 13(1) के अंतर्गत कृषि जैव विविधता पर विशेषज्ञ समिति का एक वर्ष की अवधि के लिए पुनर्गठन किया है।
समिति का पुनर्गठन के साथ प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक तथा राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण एवं पादप किस्मों के संरक्षण एवं किसान अधिकार प्राधिकरण (पीपीवीएफआरए) के पूर्व अध्यक्ष पद्म श्री डॉ. पी.एल. गौतम को इसका समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
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भारत IMI-रेसिस्टेंट सरसों की हाइब्रिड किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू करेगा
भारत 2026-27 के रबी बुवाई सीज़न में इमिडाज़ोलिनोन-रेसिस्टेंट (IMI-रेसिस्टेंट) सरसों की हाइब्रिड किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू करने जा रहा है। IMI-रेसिस्टेंट सरसों हाइब्रिड – सरसों की वे किस्में जो इमिडाज़ोलिनोन (imidazolinone) हर्बिसाइड (खरपतवार नाशक) के प्रति रेसिस्टेंट (प्रतिरोधी) होती हैं।
इसे ओरोबैंचे (Orobanche) नाम के परजीवी खरपतवार की समस्या से निपटने के लिए बनाया गया है, जो तिलहन उत्पादन में एक बड़ी बाधा है।
भारत 2026-27 के रबी बुवाई सीज़न में इमिडाज़ोलिनोन-रेसिस्टेंट (IMI-रेसिस्टेंट) सरसों की हाइब्रिड किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू करने जा रहा है। IMI-रेसिस्टेंट सरसों हाइब्रिड – सरसों की वे किस्में जो इमिडाज़ोलिनोन (imidazolinone) हर्बिसाइड (खरपतवार नाशक) के प्रति रेसिस्टेंट (प्रतिरोधी) होती हैं।
इसे ओरोबैंचे (Orobanche) नाम के परजीवी खरपतवार की समस्या से निपटने के लिए बनाया गया है, जो तिलहन उत्पादन में एक बड़ी बाधा है।