केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने जनजातीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक ज्ञान से संबंधित एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘ट्राइबएक्स’ का शुभारंभ किया
जनजातीय शिक्षा को डिजिटल रूप देने और भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने की एक अहम पहल के तहत, जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ‘ट्राइबएक्स’ का शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और कौशल विकास के प्रति समर्पित यह अपनी तरह का पहला डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है।
इस प्लेटफॉर्म का शुंभारंभ जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने ओडिशा के भुवनेश्वर में ‘जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) को सशक्त बनाने’ के बारे में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान किया।
सभा को संबोधित करते हुए, श्री जुएल ओराम ने कहा कि ‘ट्राइबएक्स’ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित तथा उसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के वास्तविक ज्ञान को हर जगह सीखने वालों तक पहुंचाना है।
जनजातीय शिक्षा को डिजिटल रूप देने और भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने की एक अहम पहल के तहत, जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ‘ट्राइबएक्स’ का शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और कौशल विकास के प्रति समर्पित यह अपनी तरह का पहला डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है।
इस प्लेटफॉर्म का शुंभारंभ जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने ओडिशा के भुवनेश्वर में ‘जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) को सशक्त बनाने’ के बारे में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान किया।
सभा को संबोधित करते हुए, श्री जुएल ओराम ने कहा कि ‘ट्राइबएक्स’ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित तथा उसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के वास्तविक ज्ञान को हर जगह सीखने वालों तक पहुंचाना है।
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अडानी डिफेंस, मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम बनाएगा
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 5 जुलाई, 2026 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा का काम शुरू किया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेशनल हाईवे 27 पर पाली गांव में इसकी आधारशिला रखी।
शिवपुरी की यह सुविधा भारत के प्राइवेट सेक्टर में अपनी तरह की पहली सुविधा होगी, जहाँ एक ही जगह पर कम्पोजिट प्रोपेलेंट का प्रोडक्शन, ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (TNT) का निर्माण और मिसाइल सिस्टम का समाकलन - ये सभी काम एक साथ होंगे।
यह प्लांट गोला-बारूद, हाई-टेक हथियार और मिशन के लिए तैयार मिसाइलें बनाएगा, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों को सीधे मदद मिलेगी। इससे DRDO द्वारा विकसित मिसाइल सिस्टम के सफल परीक्षणों से लेकर बड़े पैमाने पर उत्पादन (सीरियल प्रोडक्शन) तक के बदलाव में भी तेज़ी आएगी
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 5 जुलाई, 2026 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा का काम शुरू किया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेशनल हाईवे 27 पर पाली गांव में इसकी आधारशिला रखी।
शिवपुरी की यह सुविधा भारत के प्राइवेट सेक्टर में अपनी तरह की पहली सुविधा होगी, जहाँ एक ही जगह पर कम्पोजिट प्रोपेलेंट का प्रोडक्शन, ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (TNT) का निर्माण और मिसाइल सिस्टम का समाकलन - ये सभी काम एक साथ होंगे।
यह प्लांट गोला-बारूद, हाई-टेक हथियार और मिशन के लिए तैयार मिसाइलें बनाएगा, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों को सीधे मदद मिलेगी। इससे DRDO द्वारा विकसित मिसाइल सिस्टम के सफल परीक्षणों से लेकर बड़े पैमाने पर उत्पादन (सीरियल प्रोडक्शन) तक के बदलाव में भी तेज़ी आएगी
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पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का किया शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया।
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। भगवान शिव को समर्पित यह ऐतिहासिक स्थल भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि पुनरुद्धार परियोजना 2029 से पहले पूरी हो जाएगी और इसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक यहां आएंगे। उन्होंने भगवान शिव से भारत-इंडोनेशिया की मित्रता को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के कल्याण की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया।
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। भगवान शिव को समर्पित यह ऐतिहासिक स्थल भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि पुनरुद्धार परियोजना 2029 से पहले पूरी हो जाएगी और इसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक यहां आएंगे। उन्होंने भगवान शिव से भारत-इंडोनेशिया की मित्रता को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के कल्याण की प्रार्थना की।
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इसरो ने गगनयान मिशन के लिए मुख्य पैराशूट का सफल परीक्षण किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने मध्य प्रदेश के श्योपुर में गगनयान मिशन के लिए एकीकृत मुख्य पैराशूट एयरड्रॉप परीक्षण-आईएमएटी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
यह परीक्षण एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट के ड्रॉप ज़ोन में आयोजित किया गया था। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी पहले मानवरहित गगनयान जी-1 मिशन के लिए पैराशूट प्रणाली को परखना था। परीक्षण के दौरान मुख्य पैराशूट पर अधिकतम संभावित भार डाला गया, ताकि उसकी संरचनात्मक अखंडता और डिज़ाइन क्षमता की सटीकता को जांचा जा सके।
गगनयान मिशन के दौरान जब अंतरिक्ष यात्री धरती पर वापस लौटेंगे, तब क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र या जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी इन्हीं मुख्य पैराशूट्स की होगी। इस सफल परीक्षण से इसरो ने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने मध्य प्रदेश के श्योपुर में गगनयान मिशन के लिए एकीकृत मुख्य पैराशूट एयरड्रॉप परीक्षण-आईएमएटी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
यह परीक्षण एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट के ड्रॉप ज़ोन में आयोजित किया गया था। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी पहले मानवरहित गगनयान जी-1 मिशन के लिए पैराशूट प्रणाली को परखना था। परीक्षण के दौरान मुख्य पैराशूट पर अधिकतम संभावित भार डाला गया, ताकि उसकी संरचनात्मक अखंडता और डिज़ाइन क्षमता की सटीकता को जांचा जा सके।
गगनयान मिशन के दौरान जब अंतरिक्ष यात्री धरती पर वापस लौटेंगे, तब क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र या जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी इन्हीं मुख्य पैराशूट्स की होगी। इस सफल परीक्षण से इसरो ने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।
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17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित, कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नई दिल्ली के संसद भवन में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 का पुरस्कार वितरित किया। कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
यह प्रतियोगिता देश भर के 51 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की भागीदारी के साथ आयोजित की गई थी। पुरस्कार विजेता छात्रों ने आकाशवाणी समाचार से बातचीत में पुरस्कार हासिल करने पर खुशी व्यक्त की। मंत्रालय पिछले 29 वर्षों से छात्रों में संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नई दिल्ली के संसद भवन में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 का पुरस्कार वितरित किया। कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
यह प्रतियोगिता देश भर के 51 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की भागीदारी के साथ आयोजित की गई थी। पुरस्कार विजेता छात्रों ने आकाशवाणी समाचार से बातचीत में पुरस्कार हासिल करने पर खुशी व्यक्त की। मंत्रालय पिछले 29 वर्षों से छात्रों में संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है।
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आईआईटी मंडी ने विकसित किया देश का सबसे बड़ा लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मंडी के वैज्ञानिकों ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए पूरी तरह से काम करने वाला ‘लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ विकसित किया है।
इसका मकसद मॉनसून के दौरान एक वेब-बेस्ड प्लेटफॉर्म के जरिए भूस्खलन के जोखिमों की रोजाना भविष्यवाणी करके आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना है।
भारतीय हिमालयी क्षेत्र देश के सबसे ज्यादा लैंडस्लाइड वाले इलाकों में से एक है, जहां बदलते क्लाइमेट पैटर्न की वजह से ढलानों के टूटने की दर बढ़ रही है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान होता है।
इस रिसर्च को आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डेरिक्स प्रेज शुक्ला ने रिसर्च स्कॉलर अंकित सिंह और नितेश धीमान के साथ मिलकर लीड किया।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मंडी के वैज्ञानिकों ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए पूरी तरह से काम करने वाला ‘लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ विकसित किया है।
इसका मकसद मॉनसून के दौरान एक वेब-बेस्ड प्लेटफॉर्म के जरिए भूस्खलन के जोखिमों की रोजाना भविष्यवाणी करके आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना है।
भारतीय हिमालयी क्षेत्र देश के सबसे ज्यादा लैंडस्लाइड वाले इलाकों में से एक है, जहां बदलते क्लाइमेट पैटर्न की वजह से ढलानों के टूटने की दर बढ़ रही है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान होता है।
इस रिसर्च को आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डेरिक्स प्रेज शुक्ला ने रिसर्च स्कॉलर अंकित सिंह और नितेश धीमान के साथ मिलकर लीड किया।
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इंडो-पैसिफिक सुरक्षा को नई मजबूती: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने एसएमआर समझौते पर किए हस्ताक्षर
अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को तीसरे देशों में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) की तैनाती को तेज करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
शुरुआत में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर ध्यान होगा। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा और सिविल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके बढ़ते रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो समिट के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने सहयोग के लिए एक मेमोरेंडम (एमओसी) पर साइन किए।
अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को तीसरे देशों में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) की तैनाती को तेज करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
शुरुआत में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर ध्यान होगा। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा और सिविल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके बढ़ते रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो समिट के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने सहयोग के लिए एक मेमोरेंडम (एमओसी) पर साइन किए।
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