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वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा -2026
बोर्ड ने मास्टर प्रश्न पत्र तथा इसकी प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी की
24 जुलाई से 26 जुलाई तक दर्ज करवाई जा सकेंगी आपत्ति
बोर्ड ने मास्टर प्रश्न पत्र तथा इसकी प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी की
24 जुलाई से 26 जुलाई तक दर्ज करवाई जा सकेंगी आपत्ति
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21 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू में अपनी 3 देशों की यात्रा के चरण में नॉर्थ मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे पहुंचीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्कोप्जे में नॉर्थ मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-डावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। राष्ट्रपति मुर्मू नॉर्थ मैसेडोनिया की पीएम ह्रिस्तियान मिकोस्की से मुलाकात की।
साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू संसद के अध्यक्ष अफ्रीम गाशी से भी मुलाकात की और संसद को संबोधित किया। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। इस यात्रा में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, IT जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मदर टेरेसा स्मारक तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर भी जाएंगी।
इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान पहले दिन राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और मोल्दोवा ने व्यापार को दोगुना करने के लिए '3 Ts' रोडमैप पर बात की। इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्कोप्जे में नॉर्थ मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-डावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। राष्ट्रपति मुर्मू नॉर्थ मैसेडोनिया की पीएम ह्रिस्तियान मिकोस्की से मुलाकात की।
साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू संसद के अध्यक्ष अफ्रीम गाशी से भी मुलाकात की और संसद को संबोधित किया। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। इस यात्रा में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, IT जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मदर टेरेसा स्मारक तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर भी जाएंगी।
इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान पहले दिन राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और मोल्दोवा ने व्यापार को दोगुना करने के लिए '3 Ts' रोडमैप पर बात की। इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देना है।
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भारतीय मूल के सांसद कनिष्क ब्रिटेन के पहले AI मंत्री बने
20 जुलाई को भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) के मंत्री अपॉइंट हुए।
ब्रिटेन ने पहली बार AI के लिए किसी मंत्री को अपॉइंट किया है। कनिष्क की ये नियुक्ति नए ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद की गई है। वे सितंबर 2025 से AI और ऑनलाइन सेफ्टी मिनिस्टर के तौर पर कार्यरत थे। कनिष्क मुजफ्फरपुर, बिहार में जन्मे हैं और 12 साल की उम्र में परिवार के साथ वेल्स (कार्डिफ) चले गए। कनिष्क 2024 में वेल्स के पहले माइनॉरिटी सांसद बने।
20 जुलाई को भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) के मंत्री अपॉइंट हुए।
ब्रिटेन ने पहली बार AI के लिए किसी मंत्री को अपॉइंट किया है। कनिष्क की ये नियुक्ति नए ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद की गई है। वे सितंबर 2025 से AI और ऑनलाइन सेफ्टी मिनिस्टर के तौर पर कार्यरत थे। कनिष्क मुजफ्फरपुर, बिहार में जन्मे हैं और 12 साल की उम्र में परिवार के साथ वेल्स (कार्डिफ) चले गए। कनिष्क 2024 में वेल्स के पहले माइनॉरिटी सांसद बने।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जेम्स ऑफ़ इंडिया चैलेंज का पायलट फेज शुरू किया
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जेम्स ऑफ़ इंडिया चैलेंज का पायलट फेज शुरू किया है। यह देश भर में ज़मीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचानने, उन्हें आगे बढ़ाने और बढ़ावा देने की एक पहल है।
वेव्स ओटीटी के अंतर्गत माई वेव्स प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित इस चैलेंज में लोगों को अपने ज़िलों की अनोखी कहानियों और सांस्कृतिक विरासत को दिखाने वाले छोटे वीडियो बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागी पहली से 31 अगस्त के बीच वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर माई वेव्स सेक्शन पर एक से तीन मिनट के वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इस चरण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा और लद्दाख शामिल होंगे।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जेम्स ऑफ़ इंडिया चैलेंज का पायलट फेज शुरू किया है। यह देश भर में ज़मीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचानने, उन्हें आगे बढ़ाने और बढ़ावा देने की एक पहल है।
वेव्स ओटीटी के अंतर्गत माई वेव्स प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित इस चैलेंज में लोगों को अपने ज़िलों की अनोखी कहानियों और सांस्कृतिक विरासत को दिखाने वाले छोटे वीडियो बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागी पहली से 31 अगस्त के बीच वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर माई वेव्स सेक्शन पर एक से तीन मिनट के वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इस चरण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा और लद्दाख शामिल होंगे।
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कोच्चि में शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस’, 26 देशों के प्रतिभागी हुए शामिल
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई, 2026 से चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 का शुभारंभ हुआ।
दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली संयुक्त कार्य बल 154 (सीटीएफ-154) के तत्वावधान में संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें 26 देशों के 254 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें 74 प्रशिक्षकों, चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न विषय विशेषज्ञों का सहयोग मिल रहा है।
ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का यह पहला आयोजन भारत में किया जा रहा है। इसे भारतीय नौसेना और संयुक्त समुद्री बल के बीच बढ़ते सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। संयुक्त कार्य बल 154, जो संयुक्त समुद्री बल का समर्पित प्रशिक्षण कार्य बल है, वर्तमान में भारतीय नौसेना के नेतृत्व में कार्य कर रहा है और इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के माध्यम से भागीदार देशों की क्षमता, अंतर-संचालनीयता और व्यावसायिक तत्परता को मजबूत करना है।
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई, 2026 से चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 का शुभारंभ हुआ।
दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली संयुक्त कार्य बल 154 (सीटीएफ-154) के तत्वावधान में संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें 26 देशों के 254 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें 74 प्रशिक्षकों, चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न विषय विशेषज्ञों का सहयोग मिल रहा है।
ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का यह पहला आयोजन भारत में किया जा रहा है। इसे भारतीय नौसेना और संयुक्त समुद्री बल के बीच बढ़ते सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। संयुक्त कार्य बल 154, जो संयुक्त समुद्री बल का समर्पित प्रशिक्षण कार्य बल है, वर्तमान में भारतीय नौसेना के नेतृत्व में कार्य कर रहा है और इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के माध्यम से भागीदार देशों की क्षमता, अंतर-संचालनीयता और व्यावसायिक तत्परता को मजबूत करना है।
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