✅अग्नि-4: चार हजार किमी रेंज वाली मिसाइल का परीक्षण
1. भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल कासफल परीक्षण किया। यह 4,000 किमी मारक क्षमता वाली मध्यमदूरीकी सतह से सतह परमार करनेवाली परमाणु सक्षममिसाइल है। परीक्षण का संचालनन DRDO और सामरिक बलकमान (SFC) ने किया।
2. नीति आयोग के अनुसार, 2050 तक भारत में 34.7 करोड़ बुजुर्ग होंगे। आयोग ने राष्ट्रीय केयर नीति, केयरगिवर रजिस्ट्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण, प्रमाणन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश की है, ताकि भारत कुशल केयरगिवर्स का वैश्विक केंद्र बन सके।
3. माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में 'इंडिया साउथ सेंट्रल' क्लाउड रीजन शुरू किया। साथ ही भारत में कंपनी के कुल 4 क्लाउड रीजन हो गए हैं। यह नया क्लाउड रीजन व्यवसायों को सुरक्षित, भरोसेमंद और डेटा नियमों के अनुरूप डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
4. राहुल जैन वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार बने। बलदेव पुरुषार्थ फिलीपींस के एशियाई विकास बैंक में सलाहकार नियुक्त हुए। सत्यजीत मोहंती को कनाडा के मॉन्ट्रियल अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत का प्रतिनिधि बनाया गया है।
5. सरकार ने आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा 24 घंटे से 2 घंटे कर दी है। नए आईटी नियमों के तहत आदेश मिलने के 2 घंटे के भीतर गैर-कानूनी सामग्री हटानी होगी। AI से बनी फोटो और वीडियो पर लेबल लगाना भी अनिवार्य होगा।
6. स्क्वाड्रन लीडर भावना कान्त भारतीय वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं। वह सुखोई-30MKI उड़ाती हैं और 2016 में शामिल पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में थीं। कोर्स वायुसेना के 'टॉप गन' स्कूल में होता है।
1. भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल कासफल परीक्षण किया। यह 4,000 किमी मारक क्षमता वाली मध्यमदूरीकी सतह से सतह परमार करनेवाली परमाणु सक्षममिसाइल है। परीक्षण का संचालनन DRDO और सामरिक बलकमान (SFC) ने किया।
2. नीति आयोग के अनुसार, 2050 तक भारत में 34.7 करोड़ बुजुर्ग होंगे। आयोग ने राष्ट्रीय केयर नीति, केयरगिवर रजिस्ट्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण, प्रमाणन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश की है, ताकि भारत कुशल केयरगिवर्स का वैश्विक केंद्र बन सके।
3. माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में 'इंडिया साउथ सेंट्रल' क्लाउड रीजन शुरू किया। साथ ही भारत में कंपनी के कुल 4 क्लाउड रीजन हो गए हैं। यह नया क्लाउड रीजन व्यवसायों को सुरक्षित, भरोसेमंद और डेटा नियमों के अनुरूप डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
4. राहुल जैन वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार बने। बलदेव पुरुषार्थ फिलीपींस के एशियाई विकास बैंक में सलाहकार नियुक्त हुए। सत्यजीत मोहंती को कनाडा के मॉन्ट्रियल अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में भारत का प्रतिनिधि बनाया गया है।
5. सरकार ने आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा 24 घंटे से 2 घंटे कर दी है। नए आईटी नियमों के तहत आदेश मिलने के 2 घंटे के भीतर गैर-कानूनी सामग्री हटानी होगी। AI से बनी फोटो और वीडियो पर लेबल लगाना भी अनिवार्य होगा।
6. स्क्वाड्रन लीडर भावना कान्त भारतीय वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं। वह सुखोई-30MKI उड़ाती हैं और 2016 में शामिल पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में थीं। कोर्स वायुसेना के 'टॉप गन' स्कूल में होता है।
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👉केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की पहली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर वैक्सीन राष्ट्र को समर्पित की
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूअरों के लिए भारत की पहली स्वदेशी एमए-104 सेल लाइन आधारित जीवित क्षीणित अफ़्रीकी स्वाइन फीवर वैक्सीन समर्पित की है।
भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (आईसीएआर-एनआईएचएसएडी) के वैज्ञानिकों ने सूअरों के लिए भारत का पहला स्वदेशी एमए-104 सेल लाइन आधारित जीवित क्षीणित अफ्रीकी स्वाइन फीवर (एएसएफ) टीका विकसित किया है। एमए-104 सेल लाइन में अद्वितीय जीन विलोपन के साथ एक नए क्षीणित एएसएफवी जीनोटाइप II वायरस का उपयोग करके विकसित किया गया यह टीका पशु चिकित्सा अनुसंधान में एक बड़ी सफलता है और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
यह दुनिया भर में घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करने वाली सबसे विनाशकारी पशु बीमारियों में से एक है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूअरों के लिए भारत की पहली स्वदेशी एमए-104 सेल लाइन आधारित जीवित क्षीणित अफ़्रीकी स्वाइन फीवर वैक्सीन समर्पित की है।
भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (आईसीएआर-एनआईएचएसएडी) के वैज्ञानिकों ने सूअरों के लिए भारत का पहला स्वदेशी एमए-104 सेल लाइन आधारित जीवित क्षीणित अफ्रीकी स्वाइन फीवर (एएसएफ) टीका विकसित किया है। एमए-104 सेल लाइन में अद्वितीय जीन विलोपन के साथ एक नए क्षीणित एएसएफवी जीनोटाइप II वायरस का उपयोग करके विकसित किया गया यह टीका पशु चिकित्सा अनुसंधान में एक बड़ी सफलता है और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
यह दुनिया भर में घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करने वाली सबसे विनाशकारी पशु बीमारियों में से एक है।
अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को विक्रम साराभाई मेडल मिला
4 अगस्त को भारतीय खगोल वैज्ञानिक डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को COSPAR विक्रम साराभाई मेडल 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ. अन्नपूर्णी ये मेडल पाने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक हैं।
अब तक कुल 4 भारतीयों को ये मेडल मिला है। डॉ.अन्नपूर्णी को स्पेस रिसर्च में उनके योगदान के लिए इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं COSPAR साइंटिफिक असेंबली के दौरान ये मेडल दिया गया। डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम वर्तमान में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA), बेंगलुरु की डायरेक्टर हैं।
4 अगस्त को भारतीय खगोल वैज्ञानिक डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को COSPAR विक्रम साराभाई मेडल 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ. अन्नपूर्णी ये मेडल पाने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक हैं।
अब तक कुल 4 भारतीयों को ये मेडल मिला है। डॉ.अन्नपूर्णी को स्पेस रिसर्च में उनके योगदान के लिए इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं COSPAR साइंटिफिक असेंबली के दौरान ये मेडल दिया गया। डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम वर्तमान में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA), बेंगलुरु की डायरेक्टर हैं।
प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप देश नौरू ने बदला अपना नाम
प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप देश नौरू ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर नाओएरो गणराज्य कर लिया है। देश के राष्ट्रपति डेविड अदेआंग ने घोषणा की कि नया नाम देश की राष्ट्रीय भाषा में पारंपरिक वर्तनी और उच्चारण को दर्शाता है। नाम परिवर्तन के साथ ही देश का अंतर्राष्ट्रीय कोड एनआरयू से बदलकर एनआरओ कर दिया जाएगा। वहां के नागरिकों को अब नौरूअन के बजाय देई-नाओएरो के नाम से जाना जाएगा।
प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप देश नौरू ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर नाओएरो गणराज्य कर लिया है। देश के राष्ट्रपति डेविड अदेआंग ने घोषणा की कि नया नाम देश की राष्ट्रीय भाषा में पारंपरिक वर्तनी और उच्चारण को दर्शाता है। नाम परिवर्तन के साथ ही देश का अंतर्राष्ट्रीय कोड एनआरयू से बदलकर एनआरओ कर दिया जाएगा। वहां के नागरिकों को अब नौरूअन के बजाय देई-नाओएरो के नाम से जाना जाएगा।
👉संसद से पारित हुआ जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026
राज्यसभा की स्वीकृति के साथ ही संसद ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह विधेयक पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करना है। नया विधेयक विलंबित पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाने और जन्म तथा मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करने के लिए लाया गया है।
विधेयक में प्रावधान है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना पंजीयक को उसके घटित होने के एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो जन्म या मृत्यु की प्रामाणिकता के सत्यापन के बाद ही जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की स्वीकृति से इसका पंजीकरण किया जा सकता है।
राज्यसभा की स्वीकृति के साथ ही संसद ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह विधेयक पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करना है। नया विधेयक विलंबित पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाने और जन्म तथा मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करने के लिए लाया गया है।
विधेयक में प्रावधान है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना पंजीयक को उसके घटित होने के एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो जन्म या मृत्यु की प्रामाणिकता के सत्यापन के बाद ही जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की स्वीकृति से इसका पंजीकरण किया जा सकता है।
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भूविज्ञान और आपदा प्रबंधन सहयोग को मजबूत करने के लिए सीडेक और GSI ने किया समझौता
उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सीडेक) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने अगली पीढ़ी की उन्नत तकनीकों के माध्यम से भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण और आपदा प्रबंधन में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सीडेक) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने अगली पीढ़ी की उन्नत तकनीकों के माध्यम से भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण और आपदा प्रबंधन में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
डेंगू के खिलाफ श्रीलंका के साथ भारत, 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान की मदद
डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करने के श्रीलंका के प्रयासों में भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने मंगलवार को श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान (कीटनाशक रसायन) सौंपा।
डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करने के श्रीलंका के प्रयासों में भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने मंगलवार को श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान (कीटनाशक रसायन) सौंपा।