🔥 10+2 LEVEL CET 2026 जादुई बैच🔥
📚 व्याख्या + MCQ + PYQ
⏳ 60 दिन — पूरी तरह Targeted Preparation
🔥 24 अगस्त से LIVE CLASSES
💰 पूरे बैच की फीस मात्र ₹551
💥 एक ही जगह पर Practice + Revision + Exam-Level Preparation!
🚀 CET 2026 में नंबर नहीं, रिकॉर्ड बनाने की तैयारी करो!
🔥 तैयारी ऐसी कि Selection खुद बोले — तैयार हूँ! 💯
क्योंकि CET तो हर कोई देगा…
लेकिन तैयारी ऐसी होनी चाहिए कि Result आने पर नाम अपना दिखे! ❤️🔥
"TAIYARI KARLO APP" डाउनलोड करें - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.uddan.taiyarikarlo
ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें - 7339953819,8529429129
📚 व्याख्या + MCQ + PYQ
⏳ 60 दिन — पूरी तरह Targeted Preparation
🔥 24 अगस्त से LIVE CLASSES
💰 पूरे बैच की फीस मात्र ₹551
💥 एक ही जगह पर Practice + Revision + Exam-Level Preparation!
🚀 CET 2026 में नंबर नहीं, रिकॉर्ड बनाने की तैयारी करो!
🔥 तैयारी ऐसी कि Selection खुद बोले — तैयार हूँ! 💯
क्योंकि CET तो हर कोई देगा…
लेकिन तैयारी ऐसी होनी चाहिए कि Result आने पर नाम अपना दिखे! ❤️🔥
"TAIYARI KARLO APP" डाउनलोड करें - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.uddan.taiyarikarlo
ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें - 7339953819,8529429129
❤5
भारत टैक्सीः भारत का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म
🔰भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे 6 जून 2025 को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित किया गया था। इसे आठ राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
🔰यह एक सदस्य-स्वामित्व वाले मॉडल के साथ डिजिटल गतिशीलता (परिवहन) को जोड़ती है। यह प्लेटफ़ॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल के रूप में काम करता है, जिसमें सारथी सदस्य मालिकों के रूप में भाग लेते हुए पूरी किराया आय के रूप में अपने पास रखता है।
🔰25 जुलाई 2026 तक, कई शहरों में भारत टैक्सी के लगभग 8 लाख पंजीकृत ड्राइवर और लगभग 41 लाख पंजीकृत ग्राहक हैं। यह पारदर्शी मूल्य निर्धारण, कई सवारी श्रेणियां, महिला-केंद्रित पहल, डिजिटल एकीकरण और सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान करता है।
🔰भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे 6 जून 2025 को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित किया गया था। इसे आठ राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
🔰यह एक सदस्य-स्वामित्व वाले मॉडल के साथ डिजिटल गतिशीलता (परिवहन) को जोड़ती है। यह प्लेटफ़ॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल के रूप में काम करता है, जिसमें सारथी सदस्य मालिकों के रूप में भाग लेते हुए पूरी किराया आय के रूप में अपने पास रखता है।
🔰25 जुलाई 2026 तक, कई शहरों में भारत टैक्सी के लगभग 8 लाख पंजीकृत ड्राइवर और लगभग 41 लाख पंजीकृत ग्राहक हैं। यह पारदर्शी मूल्य निर्धारण, कई सवारी श्रेणियां, महिला-केंद्रित पहल, डिजिटल एकीकरण और सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान करता है।
❤4
भव्य-रसायन योजना को मंजूरी और पीएम किसान योजना भी जारी रहेगी
रसायन उत्पादन के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी जो देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के अलावा कई अन्य अहम प्रस्तावों को दी गई है मंजूरी....
रसायन उत्पादन के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी जो देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के अलावा कई अन्य अहम प्रस्तावों को दी गई है मंजूरी....
❤5
रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों की हुई घोषणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंज़ूरी दी है। इनमें से 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं। इन पुरस्कारों में नौ कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना मेडल, तीन नौसेना मेडल और पांच वायु सेना मेडल शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल मनेओ फ्रांसिस और मेजर जितेंद्र राठी को कीर्ति चक्र के लिए चुना गया है।
हवलदार गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, बशीर अहमद, कांस्टेबल जसवंत सिंह, बलविंदर सिंह, तारिक हुसैन और इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंज़ूरी दी है। इनमें से 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं। इन पुरस्कारों में नौ कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना मेडल, तीन नौसेना मेडल और पांच वायु सेना मेडल शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल मनेओ फ्रांसिस और मेजर जितेंद्र राठी को कीर्ति चक्र के लिए चुना गया है।
हवलदार गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, बशीर अहमद, कांस्टेबल जसवंत सिंह, बलविंदर सिंह, तारिक हुसैन और इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया जाएगा।
❤3
आईएनएस सुदर्शनी ने 19 दिन की अटलांटिक यात्रा पूरी की
नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आई.एन.एस. सुदर्शनी लोकायन 2026 पुर्तगाल के अज़ोरेस स्थित पोंटा डेलगाडा बंदरगाह पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पोत ने अमरीका के बोस्टन से अटलांटिक महासागर की 19 दिनों की चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह आईएनएस सुदर्शनी की दूसरी अटलांटिक यात्रा है। यह यात्रा चालक दल के धैर्य, साहस और कुशल समुद्री यात्रा को दर्शाता है। पोत पेशेवर संवाद, परिचालन आपूर्ति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच समुद्री संबंध और मजबूत होंगे। 15 हजार समुद्री मील से अधिक की दूरी तय कर चुकी आई.एन.एस. सुदर्शनी भारत की जीवंत समुद्री विरासत के प्रतीक के रूप में अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।
नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आई.एन.एस. सुदर्शनी लोकायन 2026 पुर्तगाल के अज़ोरेस स्थित पोंटा डेलगाडा बंदरगाह पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पोत ने अमरीका के बोस्टन से अटलांटिक महासागर की 19 दिनों की चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह आईएनएस सुदर्शनी की दूसरी अटलांटिक यात्रा है। यह यात्रा चालक दल के धैर्य, साहस और कुशल समुद्री यात्रा को दर्शाता है। पोत पेशेवर संवाद, परिचालन आपूर्ति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच समुद्री संबंध और मजबूत होंगे। 15 हजार समुद्री मील से अधिक की दूरी तय कर चुकी आई.एन.एस. सुदर्शनी भारत की जीवंत समुद्री विरासत के प्रतीक के रूप में अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।
❤3
सीसीआरएएस-एनआईआईएमएच ने चिकित्सा पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए सेवाधी संग्रहालय और इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
भारत की पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान विरासत के संरक्षण, प्रलेखन और व्यापक पहुंच के लिए आयुष मंत्रालय के आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (एनआईआईएमएच), ने चिकित्सा पांडुलिपियों के अपने संग्रह के व्यवस्थित डिजिटलीकरण और एक वर्णनात्मक सूची तैयार करने के लिए केरलम के कोट्टायम जिले के कुमारनल्लूर स्थित सेवाधी संग्रहालय और इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
कुमारनल्लूर ऊरनमा देवस्वम द्वारा संचालित सेवाधी संग्रहालय और इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मंदिर अभिलेखों सहित 30,000 से अधिक पांडुलिपियों का विशाल संग्रह संरक्षित किया है। यह समझौता ज्ञापन केरल की समृद्ध चिकित्सा और बौद्धिक परंपराओं से जुड़े बहुमूल्य पांडुलिपि संसाधनों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक पहल का प्रतीक है।
भारत की पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान विरासत के संरक्षण, प्रलेखन और व्यापक पहुंच के लिए आयुष मंत्रालय के आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (एनआईआईएमएच), ने चिकित्सा पांडुलिपियों के अपने संग्रह के व्यवस्थित डिजिटलीकरण और एक वर्णनात्मक सूची तैयार करने के लिए केरलम के कोट्टायम जिले के कुमारनल्लूर स्थित सेवाधी संग्रहालय और इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
कुमारनल्लूर ऊरनमा देवस्वम द्वारा संचालित सेवाधी संग्रहालय और इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मंदिर अभिलेखों सहित 30,000 से अधिक पांडुलिपियों का विशाल संग्रह संरक्षित किया है। यह समझौता ज्ञापन केरल की समृद्ध चिकित्सा और बौद्धिक परंपराओं से जुड़े बहुमूल्य पांडुलिपि संसाधनों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक पहल का प्रतीक है।
❤4