कोच्चि स्थित सीएसएल द्वारा निर्मित तीसरी पनडुब्बी रोधी उथले जल की नौका, मैंग्रोल नौसेना को सुपुर्द
🔸कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि द्वारा निर्मित तीसरी उथले जल की पनडुब्बी रोधी युद्धक नौका 'मंगरोल' को 21 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
🔸इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और यह पानी के भीतर निगरानी, तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी अभियान (एएसडब्ल्यू), निम्न -तीव्रता समुद्री अभियान (एलआईएमओ) और बारूदी सुरंगों से बचाव की क्षमताओं से सुसज्जित है। यह जहाज वाटरजेट से संचालित होता है और अत्याधुनिक टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट, उन्नत रडार और सोनार से लैस है।
🔸मैंग्रोल नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित तटीय शहर और छोटे बंदरगाह 'मैंग्रोल' से लिया गया है, जो समुद्री मत्स्य पालन उद्योग का एक प्रमुख बंदरगाह है।
🔸कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि द्वारा निर्मित तीसरी उथले जल की पनडुब्बी रोधी युद्धक नौका 'मंगरोल' को 21 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
🔸इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और यह पानी के भीतर निगरानी, तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी अभियान (एएसडब्ल्यू), निम्न -तीव्रता समुद्री अभियान (एलआईएमओ) और बारूदी सुरंगों से बचाव की क्षमताओं से सुसज्जित है। यह जहाज वाटरजेट से संचालित होता है और अत्याधुनिक टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट, उन्नत रडार और सोनार से लैस है।
🔸मैंग्रोल नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित तटीय शहर और छोटे बंदरगाह 'मैंग्रोल' से लिया गया है, जो समुद्री मत्स्य पालन उद्योग का एक प्रमुख बंदरगाह है।
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✴️ RSSB द्वारा आज आयोजित हुई बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती परीक्षा 2026 का पेपर : 2nd पेपर
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भारत अगले वर्ष तटरक्षक बल के 5वें वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा
भारत अगले वर्ष फरवरी में नई दिल्ली में तटरक्षक बल के पांचवें वैश्विक शिखर सम्मेलन (सीजीजीएस) की मेजबानी करेगा।
ये आयोजन भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर होगा।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह शिखर सम्मेलन भारत के महासागर दृष्टिकोण और सहयोगात्मक तथा प्रगतिशील समुद्री व्यवस्था के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने और सुरक्षित, स्वच्छ तथा अधिक सुरक्षित समुद्रों की दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करता है।
इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत, भारतीय तटरक्षक बल ने हाइब्रिड मोड में पांचवें सीजीजीएस की कार्यकारी स्तरीय बैठक की मेजबानी की।
भारत अगले वर्ष फरवरी में नई दिल्ली में तटरक्षक बल के पांचवें वैश्विक शिखर सम्मेलन (सीजीजीएस) की मेजबानी करेगा।
ये आयोजन भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर होगा।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह शिखर सम्मेलन भारत के महासागर दृष्टिकोण और सहयोगात्मक तथा प्रगतिशील समुद्री व्यवस्था के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने और सुरक्षित, स्वच्छ तथा अधिक सुरक्षित समुद्रों की दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करता है।
इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत, भारतीय तटरक्षक बल ने हाइब्रिड मोड में पांचवें सीजीजीएस की कार्यकारी स्तरीय बैठक की मेजबानी की।
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जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो भारत आए
20 अगस्त को जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमीनई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे।
इस मुलाकात में भारत और जापान रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और डिफेंस टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और समैरीटाइम सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दोनों देश साल के आखिर में होने वाली 2+2 बातचीत से जुड़े मुद्दों पर भी बात कर सकते हैं।
भारत और जापान के बीच ये बैठक UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम के संयुक्त विकास के लिए पहला समझौता होने के बाद हो रही है।
शिंजिरो कोइज़ुमीनई तीन दिन की यात्रा पर आए हैं और कोइज़ुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचें हैं।
इस दौरान जापान के UNICORN स्टील्थ कम्युनिकेशन सिस्टम के प्रस्तावित निर्यात पर भी बात हो सकती है। UNICORN का पूरा नाम यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना या NORA-50) है
20 अगस्त को जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमीनई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे।
इस मुलाकात में भारत और जापान रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और डिफेंस टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और समैरीटाइम सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दोनों देश साल के आखिर में होने वाली 2+2 बातचीत से जुड़े मुद्दों पर भी बात कर सकते हैं।
भारत और जापान के बीच ये बैठक UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम के संयुक्त विकास के लिए पहला समझौता होने के बाद हो रही है।
शिंजिरो कोइज़ुमीनई तीन दिन की यात्रा पर आए हैं और कोइज़ुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचें हैं।
इस दौरान जापान के UNICORN स्टील्थ कम्युनिकेशन सिस्टम के प्रस्तावित निर्यात पर भी बात हो सकती है। UNICORN का पूरा नाम यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना या NORA-50) है
राजस्थान सरकार की RGHS में सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के लिए CAR-T Cell Therapy शामिल
राजस्थान सरकार ने उन्नत कैंसर उपचार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए CAR-T Cell Therapy को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत स्वीकृत चिकित्सा पैकेज में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को लाभ मिलेगा।
इसका उद्देश्य गंभीर और जानलेवा रक्त कैंसर के कुछ प्रकारों से जूझ रहे पात्र लाभार्थियों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है
राजस्थान सरकार ने उन्नत कैंसर उपचार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए CAR-T Cell Therapy को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत स्वीकृत चिकित्सा पैकेज में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को लाभ मिलेगा।
इसका उद्देश्य गंभीर और जानलेवा रक्त कैंसर के कुछ प्रकारों से जूझ रहे पात्र लाभार्थियों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है
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भदोही में 4-7 अक्टूबर तक होगा इंडिया कारपेट एक्सपो
उत्तर प्रदेश के भदोही में ‘इंडिया कारपेट एक्सपो 2026’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एशिया के सबसे बड़े कालीन मेलों में शामिल इस आयोजन में 56 देशों के करीब 400 कालीन निर्यातकों को आमंत्रित किया गया है।
इसका उद्देश्य भारतीय कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बढ़ावा देना है। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) के अनुसार, इंडिया कारपेट एक्सपो 2026 का आयोजन 4 से 7 अक्टूबर तक भदोही में किया जाएगा।
परिषद केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधीन काम करती है
उत्तर प्रदेश के भदोही में ‘इंडिया कारपेट एक्सपो 2026’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एशिया के सबसे बड़े कालीन मेलों में शामिल इस आयोजन में 56 देशों के करीब 400 कालीन निर्यातकों को आमंत्रित किया गया है।
इसका उद्देश्य भारतीय कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बढ़ावा देना है। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) के अनुसार, इंडिया कारपेट एक्सपो 2026 का आयोजन 4 से 7 अक्टूबर तक भदोही में किया जाएगा।
परिषद केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधीन काम करती है
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IISc बेंगलुरु AI की मदद से सांप के काटने के इलाज के लिए विकसित कर रहा व्यापक प्रभावी एंटीवेनम
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसे व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने पर काम कर रहा है, जो कई प्रजातियों के सांपों के काटने के इलाज में कारगर हो सके।
इससे भारत में हर साल हजारों लोगों की जान लेने वाली सर्पदंश की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। IISc के अनुसार, भारत में हर साल अनुमानित 58,000 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है।
अलग-अलग सांपों और क्षेत्रों में पाए जाने वाले जहर की संरचना में काफी विविधता होने के कारण प्रभावी एंटीवेनम विकसित करना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है। संस्थान के मुताबिक, AI इस जटिल डेटा का पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी और बड़े पैमाने पर विश्लेषण करने में मदद कर सकता है।
IISc के Centre for Ecological Sciences (CES) की Evolutionary Venomics Lab (EVL), Anthropic के AI for Science programme के माध्यम से Claude AI का इस्तेमाल कर रही है
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसे व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने पर काम कर रहा है, जो कई प्रजातियों के सांपों के काटने के इलाज में कारगर हो सके।
इससे भारत में हर साल हजारों लोगों की जान लेने वाली सर्पदंश की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। IISc के अनुसार, भारत में हर साल अनुमानित 58,000 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है।
अलग-अलग सांपों और क्षेत्रों में पाए जाने वाले जहर की संरचना में काफी विविधता होने के कारण प्रभावी एंटीवेनम विकसित करना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है। संस्थान के मुताबिक, AI इस जटिल डेटा का पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी और बड़े पैमाने पर विश्लेषण करने में मदद कर सकता है।
IISc के Centre for Ecological Sciences (CES) की Evolutionary Venomics Lab (EVL), Anthropic के AI for Science programme के माध्यम से Claude AI का इस्तेमाल कर रही है
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