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✅भारत ने वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक 2026 में 145 देशों में 131वाँ स्थान बरकरार रखा
भारत ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा जारी वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक 2026 में 145 देशों में 131वाँ स्थान बरकरार रखा है।
भारत ने 64.5% का समग्र लैंगिक समानता स्कोर प्राप्त किया है और 145 देशों में 131वाँ स्थान बरकरार रखा है।
यद्यपि यह वर्ष 2006 के प्रथम संस्करण की तुलना में 4.3 प्रतिशत अंक का सुधार दर्शाता है, फिर भी भारत 69.2% के वैश्विक औसत से पीछे है।
राजनीतिक सशक्तीकरण: भारत ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में 24.5% लैंगिक समानता प्राप्त की है। हालाँकि मंत्री स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 5.9% है, जो वर्ष 2019 में दर्ज 30% के उच्चतम स्तर से काफी कम है।
आर्थिक भागीदारी: यह एक प्रमुख चुनौती वाला क्षेत्र है, जहाँ महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में श्रम बल में केवल 41.2% समानता प्राप्त की है।
यद्यपि व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व वर्ष 2006 के बाद दोगुना होकर 49.9% हो गया है, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व और प्रबंधकीय भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी भी केवल 13.1% है।
आइसलैंड ने लगातार 17वें वर्ष वैश्विक स्तर पर अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा, जिसने अपने लैंगिक अंतराल का 93% हिस्सा कम कर लिया (90% के स्तर को पार करने वाला एकमात्र देश)। इसके बाद फिनलैंड और नॉर्वे का स्थान है।
ऑस्ट्रेलिया पहली बार शीर्ष 10 देशों में शामिल हुआ है। चाड 145वें स्थान पर रहकर सबसे निचले पायदान पर रहा, जबकि पाकिस्तान और ईरान भी अंतिम तीन स्थानों में शामिल रहे
भारत ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा जारी वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक 2026 में 145 देशों में 131वाँ स्थान बरकरार रखा है।
भारत ने 64.5% का समग्र लैंगिक समानता स्कोर प्राप्त किया है और 145 देशों में 131वाँ स्थान बरकरार रखा है।
यद्यपि यह वर्ष 2006 के प्रथम संस्करण की तुलना में 4.3 प्रतिशत अंक का सुधार दर्शाता है, फिर भी भारत 69.2% के वैश्विक औसत से पीछे है।
राजनीतिक सशक्तीकरण: भारत ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में 24.5% लैंगिक समानता प्राप्त की है। हालाँकि मंत्री स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 5.9% है, जो वर्ष 2019 में दर्ज 30% के उच्चतम स्तर से काफी कम है।
आर्थिक भागीदारी: यह एक प्रमुख चुनौती वाला क्षेत्र है, जहाँ महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में श्रम बल में केवल 41.2% समानता प्राप्त की है।
यद्यपि व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व वर्ष 2006 के बाद दोगुना होकर 49.9% हो गया है, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व और प्रबंधकीय भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी भी केवल 13.1% है।
आइसलैंड ने लगातार 17वें वर्ष वैश्विक स्तर पर अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा, जिसने अपने लैंगिक अंतराल का 93% हिस्सा कम कर लिया (90% के स्तर को पार करने वाला एकमात्र देश)। इसके बाद फिनलैंड और नॉर्वे का स्थान है।
ऑस्ट्रेलिया पहली बार शीर्ष 10 देशों में शामिल हुआ है। चाड 145वें स्थान पर रहकर सबसे निचले पायदान पर रहा, जबकि पाकिस्तान और ईरान भी अंतिम तीन स्थानों में शामिल रहे
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✅संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इक्यासीवें सत्र के दौरान उच्च स्तरीय बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
विदेश मंत्री इस महीने की 26 तारीख को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित भी करेंगे। यात्रा के दौरान वे विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इक्यासीवें सत्र के दौरान उच्च स्तरीय बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
विदेश मंत्री इस महीने की 26 तारीख को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित भी करेंगे। यात्रा के दौरान वे विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे
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✅भारतीय वायुसेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल का ‘वीर रक्षक 2026’ अभ्यास मंगलवार को होगा संपन्न
भारतीय वायु सेना जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर जापान वायु आत्मरक्षा बल के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास वीर रक्षक 2026 का संचालन कर रही है। 14 दिवसीय यह अभ्यास मंगलवार को समाप्त होगा।
यह अभ्यास उन्नत परिचालन मिशनों और दोनों वायु सेनाओं के बीच व्यापक पेशेवर समन्वय पर केंद्रित है।
भारतीय वायु सेना स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस, एसयू-30एमकेआई और राफेल सहित विभिन्न प्रकार के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रही है। जापान अपने एफ-2ए लड़ाकू विमान के साथ इस अभ्यास में भाग ले रहा है।
भारतीय वायु सेना जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर जापान वायु आत्मरक्षा बल के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास वीर रक्षक 2026 का संचालन कर रही है। 14 दिवसीय यह अभ्यास मंगलवार को समाप्त होगा।
यह अभ्यास उन्नत परिचालन मिशनों और दोनों वायु सेनाओं के बीच व्यापक पेशेवर समन्वय पर केंद्रित है।
भारतीय वायु सेना स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस, एसयू-30एमकेआई और राफेल सहित विभिन्न प्रकार के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रही है। जापान अपने एफ-2ए लड़ाकू विमान के साथ इस अभ्यास में भाग ले रहा है।
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