✅भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास कज़िंद-2026 के लिए भारतीय सशस्त्र बल हुआ रवाना
भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास कज़िंद-2026(KAZIND) के नौवें संस्करण में भाग लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों का 60 सदस्यीय दल कजाकिस्तान के ओस्केमेन के लिए रवाना हुआ।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों के तहत संयुक्त आतंकवाद-विरोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए दोनों बलों के बीच समन्वय को बढ़ाना और संयुक्त क्षमता को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास दोनों पक्षों को एक-दूसरे के परिचालन अनुभव से लाभ उठाने के साथ-साथ पेशेवर संबंधों, आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
भाग लेने वाले दल आतंकवादी गतिविधियों को मिलाकर जवाब देने, छापे, खोज और आतंकवादियों को नेस्तानबूद करने और विशेष हेलीकॉप्टर अभियानों आदि में एक साथ प्रशिक्षण लेंगे।
भारतीय दल में मुख्य रूप से गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन के जवान, अन्य सशस्त्र बलों और सेवाओं के जवान और भारतीय वायु सेना के कर्मी शामिल हैं। यह अभ्यास अगले महीने की 11 तारीख तक निर्धारित है।
भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास कज़िंद-2026(KAZIND) के नौवें संस्करण में भाग लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों का 60 सदस्यीय दल कजाकिस्तान के ओस्केमेन के लिए रवाना हुआ।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों के तहत संयुक्त आतंकवाद-विरोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए दोनों बलों के बीच समन्वय को बढ़ाना और संयुक्त क्षमता को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास दोनों पक्षों को एक-दूसरे के परिचालन अनुभव से लाभ उठाने के साथ-साथ पेशेवर संबंधों, आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
भाग लेने वाले दल आतंकवादी गतिविधियों को मिलाकर जवाब देने, छापे, खोज और आतंकवादियों को नेस्तानबूद करने और विशेष हेलीकॉप्टर अभियानों आदि में एक साथ प्रशिक्षण लेंगे।
भारतीय दल में मुख्य रूप से गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन के जवान, अन्य सशस्त्र बलों और सेवाओं के जवान और भारतीय वायु सेना के कर्मी शामिल हैं। यह अभ्यास अगले महीने की 11 तारीख तक निर्धारित है।
✅केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय रणनीति ‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा हुई।
इनमें आतंकवादी हमलों की रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल तथा संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण के साथ रिकवरी और लचीलापन शामिल हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘प्रहार’ को फरवरी 2026 में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति एवं रणनीति के रूप में शुरू किया गया था। श्री शाह ने नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी शुरू किया।
यह विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने के प्रयासों में समन्वय और तेजी लाने में मदद करेगा। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए समर्पित टीमें गठित करने का आग्रह किया।
इनमें आतंकवादी हमलों की रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल तथा संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण के साथ रिकवरी और लचीलापन शामिल हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘प्रहार’ को फरवरी 2026 में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति एवं रणनीति के रूप में शुरू किया गया था। श्री शाह ने नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी शुरू किया।
यह विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने के प्रयासों में समन्वय और तेजी लाने में मदद करेगा। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए समर्पित टीमें गठित करने का आग्रह किया।
✅एआईआईबी की बैठक में भाग लेने के लिए वित्त मंत्री सीतारमण कतर पहुंचीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं। दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कतर में भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनका स्वागत किया।
वह एआईआईबी के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। वित्त मंत्री एआईआईबी में भारत के गवर्नर के रूप में बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेंगी। भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और दुनिया भर में आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में सुधार के लिए सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए वित्त पोषण करता है।
बीजिंग में मुख्यालय वाले इस बैंक ने जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ काम शुरू किया था। बैंक के 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं। दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कतर में भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनका स्वागत किया।
वह एआईआईबी के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। वित्त मंत्री एआईआईबी में भारत के गवर्नर के रूप में बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेंगी। भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और दुनिया भर में आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में सुधार के लिए सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए वित्त पोषण करता है।
बीजिंग में मुख्यालय वाले इस बैंक ने जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ काम शुरू किया था। बैंक के 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं।
✅भारत के पहले पोर्ट-बेस्ड ई-मेथनॉल प्लांट का शिलान्यास
26 सितंबर को भारत के पहले पोर्ट-बेस्ड ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। 26 सितंबर को गुजरात के कांडला में भारत के पहले पोर्ट-बेस्ड ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी गई। ये ई-मेथनॉल प्लांट गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) पर बनाया जाएगा।
इस प्लांट की लागत कुल ₹2,300 करोड़ होगी। इस प्लांट से प्रतिदिन 150 टन ई-मेथनॉल (ग्रीन फ्यूल) बनाया जाएगा। इसे दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) मिलकर विकसित करेंगे।
इस प्लांट का उद्देश्य समुद्री जहाजों को पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन फ्यूल की आपूर्ति करना है। इससे जहाजों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। ये पहल भारत के 'ग्रीन शिपिंग' रोडमैप का हिस्सा है।
इसकी आधारशिला केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रखी। भारत का लक्ष्य वर्ष 2070 तक नेट-जीरो (Net Zero) कार्बन उत्सर्जक बनना है
26 सितंबर को भारत के पहले पोर्ट-बेस्ड ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। 26 सितंबर को गुजरात के कांडला में भारत के पहले पोर्ट-बेस्ड ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी गई। ये ई-मेथनॉल प्लांट गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) पर बनाया जाएगा।
इस प्लांट की लागत कुल ₹2,300 करोड़ होगी। इस प्लांट से प्रतिदिन 150 टन ई-मेथनॉल (ग्रीन फ्यूल) बनाया जाएगा। इसे दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) मिलकर विकसित करेंगे।
इस प्लांट का उद्देश्य समुद्री जहाजों को पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन फ्यूल की आपूर्ति करना है। इससे जहाजों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। ये पहल भारत के 'ग्रीन शिपिंग' रोडमैप का हिस्सा है।
इसकी आधारशिला केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रखी। भारत का लक्ष्य वर्ष 2070 तक नेट-जीरो (Net Zero) कार्बन उत्सर्जक बनना है
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✅एशियन गेम्स 2026 में गुलवीर सिंह का दूसरा मेडल, 1500 मीटर में जीता सिल्वर
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एक और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है।
25 सितंबर को पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद गुलवीर ने सोमवार को 1500 मीटर फाइनल में भी सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 3:36.72 के अपने पर्सनल बेस्ट समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और जापान के काजुतो इजावा से महज 0.37 सेकंड पीछे रहे।
उत्तर प्रदेश के अतरौली गांव के रहने वाले गुलवीर ने 1500 मीटर फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3:36.72 का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। जापान के काजुतो इजावा ने 3:36.35 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एक और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है।
25 सितंबर को पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद गुलवीर ने सोमवार को 1500 मीटर फाइनल में भी सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 3:36.72 के अपने पर्सनल बेस्ट समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और जापान के काजुतो इजावा से महज 0.37 सेकंड पीछे रहे।
उत्तर प्रदेश के अतरौली गांव के रहने वाले गुलवीर ने 1500 मीटर फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3:36.72 का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। जापान के काजुतो इजावा ने 3:36.35 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता
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🇮🇳 *राज्यपाल*
🔹 *कहाँ से लिया?* - कनाडा के संविधान से (Government of India Act 1935 से भी)
🔹 *शपथ:* अनुच्छेद 159 - हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं
🔹 *वेतन:* ₹3,50,000 प्रतिमाह + राजभवन में निवास (संसद तय करती है)
🔹 *त्यागपत्र:* राष्ट्रपति को देते हैं
🔹 *किसकी नियुक्ति नहीं कर सकते?* - राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं करते (केवल अध्यक्ष को नियुक्त करता है राज्यपाल, सदस्य? नहीं)
🔹 *वीटो पावर - 4 प्रकार:*
1. आत्यांतिक वीटो - बिल को रोक देना
2. निलंबनकारी वीटो - पुनर्विचार के लिए वापस भेजना
3. राष्ट्रपति के लिए आरक्षित - राष्ट्रपति के पास भेजना (अनुच्छेद 200)
4. पॉकेट वीटो का प्रयोग नहीं - राज्यपाल के पास पॉकेट वीटो नहीं
🔹 *विवेकाधीन शक्तियां:*
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति जब बहुमत स्पष्ट न हो
- राष्ट्रपति शासन की सिफारिश (अनुच्छेद 356)
- विधानसभा भंग करना
🔹 *पहली महिला राज्यपाल:* सरोजिनी नायडू (UP - 1947-49)
🔹 *एक व्यक्ति दो राज्यों का राज्यपाल:* 7वाँ संशोधन 1956 - अनुच्छेद 153
🔹 *कहाँ से लिया?* - कनाडा के संविधान से (Government of India Act 1935 से भी)
🔹 *शपथ:* अनुच्छेद 159 - हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं
🔹 *वेतन:* ₹3,50,000 प्रतिमाह + राजभवन में निवास (संसद तय करती है)
🔹 *त्यागपत्र:* राष्ट्रपति को देते हैं
🔹 *किसकी नियुक्ति नहीं कर सकते?* - राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं करते (केवल अध्यक्ष को नियुक्त करता है राज्यपाल, सदस्य? नहीं)
🔹 *वीटो पावर - 4 प्रकार:*
1. आत्यांतिक वीटो - बिल को रोक देना
2. निलंबनकारी वीटो - पुनर्विचार के लिए वापस भेजना
3. राष्ट्रपति के लिए आरक्षित - राष्ट्रपति के पास भेजना (अनुच्छेद 200)
4. पॉकेट वीटो का प्रयोग नहीं - राज्यपाल के पास पॉकेट वीटो नहीं
🔹 *विवेकाधीन शक्तियां:*
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति जब बहुमत स्पष्ट न हो
- राष्ट्रपति शासन की सिफारिश (अनुच्छेद 356)
- विधानसभा भंग करना
🔹 *पहली महिला राज्यपाल:* सरोजिनी नायडू (UP - 1947-49)
🔹 *एक व्यक्ति दो राज्यों का राज्यपाल:* 7वाँ संशोधन 1956 - अनुच्छेद 153
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