✅Asian Games 2026: ग्रीको-रोमन रेसलिंग में सुनील कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा
एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन रेसलिंग इवेंट में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स के खिलाफ ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर 9-0 से जीत हासिल की।
इसी के साथ सुनील ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। सुनील ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करते हुए रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज करवा लिया है। 27 वर्षीय सुनील एशियन गेम्स में दो ग्रीको-रोमन रेसलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बन गए हैं।
हांगझोऊ 2022 में इसी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पोडियम पर वापसी करते हुए, सुनील को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में मुकाबला जीतने के लिए मुश्किल से एक राउंड की जरूरत पड़ी।
एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन रेसलिंग इवेंट में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स के खिलाफ ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर 9-0 से जीत हासिल की।
इसी के साथ सुनील ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। सुनील ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करते हुए रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज करवा लिया है। 27 वर्षीय सुनील एशियन गेम्स में दो ग्रीको-रोमन रेसलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बन गए हैं।
हांगझोऊ 2022 में इसी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पोडियम पर वापसी करते हुए, सुनील को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में मुकाबला जीतने के लिए मुश्किल से एक राउंड की जरूरत पड़ी।
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✅दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड मिला
29 सितंबर को भारतीय चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स बेस्ट फीमेल चेस प्लेयर चुना गया। साथ ही उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को बेस्ट चेस प्लेयर चुना गया।
ओपन और विमेंस नेशनल टीमों को सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा कंबाइंड पॉइंट्स हासिल करने के लिए बेस्ट टीम चुना गया। वहीं, ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) को बेस्ट फेडरेशन कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला
समरकंद में हुए 46वें चेस ओलिंपियाड के बाद FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में भारतीय चेस का दबदबा रहा। भारत ने लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भारतीय टीम ने 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में हुए चेस ओलिंपियाड में ये ट्रॉफी जीती थी।
समरकंद में भारतीय ओपन टीम ने सिल्वर मेडल, जबकि वूमेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में कुल 6 इंडिविजुअल मेडल भी अपने नाम किए।
29 सितंबर को भारतीय चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स बेस्ट फीमेल चेस प्लेयर चुना गया। साथ ही उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को बेस्ट चेस प्लेयर चुना गया।
ओपन और विमेंस नेशनल टीमों को सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा कंबाइंड पॉइंट्स हासिल करने के लिए बेस्ट टीम चुना गया। वहीं, ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) को बेस्ट फेडरेशन कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला
समरकंद में हुए 46वें चेस ओलिंपियाड के बाद FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में भारतीय चेस का दबदबा रहा। भारत ने लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भारतीय टीम ने 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में हुए चेस ओलिंपियाड में ये ट्रॉफी जीती थी।
समरकंद में भारतीय ओपन टीम ने सिल्वर मेडल, जबकि वूमेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में कुल 6 इंडिविजुअल मेडल भी अपने नाम किए।
✅बोधना शिवनंदन सबसे कम उम्र की ग्रांड मास्टर बनीं
29 सितंबर को 11 वर्षीय भारतीय मूल की ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवनंदन सबसे कम उम्र की वुमेन ग्रांड मास्टर (WGM) बनीं।
बोधना शिवनंदन ने 46वां FIDE चेस ओलंपयार्ड समरकंद, उज्बेकिस्तान में अपना तीसरा और अंतिम WGM नॉर्म हासिल किया। बोधना ने रूस की कैटरीना लाग्नो का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 12 साल की उम्र में WGM खिताब हासिल किया था।
बोधना मूल रूप से तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु की हैं और लंदन में पली-बढ़ी हैं। इसी प्रदर्शन के दौरान बोधना ने अपना दूसरा इंटरनेशनल मास्टर (IM) नॉर्म भी हासिल किया
29 सितंबर को 11 वर्षीय भारतीय मूल की ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवनंदन सबसे कम उम्र की वुमेन ग्रांड मास्टर (WGM) बनीं।
बोधना शिवनंदन ने 46वां FIDE चेस ओलंपयार्ड समरकंद, उज्बेकिस्तान में अपना तीसरा और अंतिम WGM नॉर्म हासिल किया। बोधना ने रूस की कैटरीना लाग्नो का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 12 साल की उम्र में WGM खिताब हासिल किया था।
बोधना मूल रूप से तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु की हैं और लंदन में पली-बढ़ी हैं। इसी प्रदर्शन के दौरान बोधना ने अपना दूसरा इंटरनेशनल मास्टर (IM) नॉर्म भी हासिल किया
✅केन्द्र सरकार 2 अक्टूबर को ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान का करेगी शुभारंभ
केन्द्र सरकार 2 अक्टूबर को ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस दिन पूरे देश में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा, जिनमें ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार इन विशेष ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में जीवन की गुणवत्ता सुधारना और स्थानीय शासन को मजबूत बनाना है। इसी मौके पर जन योजना अभियान (पीपीसी) 2026-27 की भी शुरुआत की जाएगी। ग्राम पंचायतें सहभागी और साक्ष्य-आधारित नियोजन के जरिए वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (जीपीडीपी) तैयार करेंगी।
नागरिक और जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर पंचायत उन्नति सूचकांक के आधार पर गांव की उपलब्धियों और कमियों का आकलन करेंगे, ताकि अगले साल की विकास प्राथमिकताएं तय की जा सकें।
केन्द्र सरकार 2 अक्टूबर को ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस दिन पूरे देश में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा, जिनमें ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार इन विशेष ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में जीवन की गुणवत्ता सुधारना और स्थानीय शासन को मजबूत बनाना है। इसी मौके पर जन योजना अभियान (पीपीसी) 2026-27 की भी शुरुआत की जाएगी। ग्राम पंचायतें सहभागी और साक्ष्य-आधारित नियोजन के जरिए वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (जीपीडीपी) तैयार करेंगी।
नागरिक और जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर पंचायत उन्नति सूचकांक के आधार पर गांव की उपलब्धियों और कमियों का आकलन करेंगे, ताकि अगले साल की विकास प्राथमिकताएं तय की जा सकें।
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