रानी सती मंदिर🔰
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रानी सती मंदिर राजस्थान में झुझंनू जिले में स्थित विख्यात मंदिर है। इस मंदिर का इतिहास 400 से अधिक वर्षों का है। स्त्री शक्ति का प्रतीक यह मंदिर अपनी गरिमा और असाधारण चित्रों के लिए जाना जाता है। यह पुराने भारतीय तीर्थ के रूप में भी माना जाता है।
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🔰अनेक शब्दों के एक शब्द ✅
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REET, SI, PATWAR
साहित्य से सम्बन्ध रखने वाला - साहित्यिक
बुरे आचरण वाला - दुराचारी
गगन (आकाश) चूमने वाला - गगनचुम्बी
घुलने योग्य पदार्थ - घुलनशील
पति-पत्नी का जोड़ा - दम्पति
चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग - टापू
जिसके आने की तिथि न हो - अतिथि
चिंता में डूबा हुआ - चिंतित
घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला - घूसखोर/रिश्वतखोर
मांस खाने वाला - मांसाहारी
जिसका कोई न हो - अनाथ
जिसका कोई शत्रु न हो - अजातशत्रु
गंगा का पुत्र - गांगेय
जिसका कोई संतान न हो - निसंतान
छिपे वेश में रहना - छद्मवेश
जो कभी न मरे - अमर
सप्ताह में एक बार होने वाला - साप्ताहिक
जो पढ़ा -लिखा न हो - अनपढ़
छूत से फैलने वाला रोग - संक्रामक
जिसमे रस न हो - नीरस
जो मापा न जा सके - अपरिमेय
अचानक हो जाने वाला- आकस्मिक
जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो - अध्यादेश
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जो कानून के विरुद्ध हो - अवैध
जो दिखाई न दे - अदृश्य
तप करने वाला - तपस्वी
जिसके ह्रदय में दया हो - दयावान
जो पुरुष कविता रचता है - कवि
जो स्त्री कविता रचती है - कवियित्री
जिसका पति जीवित हो - सधवा
चारों ओर की सीमा - चौहदी
जिसमे रस हो - सरस
जो चित्र बनाता हो - चित्रकार
घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला - फेरीवाला
भलाई चाहने वाला - हितैषी
जानने की इच्छा रखने वाला - जिज्ञासु
हमेशा सत्य बोलने वाला - सत्यवादी
दूसरों की बातों में दखल देना - हस्तक्षेप
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला - पाक्षिक
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला - अवसरवादी
जो दो भाषाएँ जानता हो - दुभाषिया
जिसमे सहन शक्ति हो - सहिष्णु
खाने योग्य पदार्थ - खाद्य
विद्या की चाह रखने वाला - विद्यार्थी
जिसमे धैर्य न हो - अधीर
दिल से होने वाला - हार्दिक
जिस पर विश्वास न किया जा सके - अविश्वनीय
चार राहों वाला - चौराहा
जिसमे दया न हो - निर्दय
जिसके समान दूसरा न हो - अनुपम
अपने देश से दुसरे देश में समान जाना - निर्यात
चार वेदों को जानने वाला - चतुर्वेदी
जो आँखों के सामने हो - प्रत्यक्ष
दूर की सोचने वाला - दूरदर्शी
आज्ञा का पालन करने वाला - आज्ञाकारी
जो दूसरों पर अत्याचार करें - अत्याचारी
जो देखने योग्य हो - दर्शनीय
दुसरे देश से अपने देश में समान आना - आयात
जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य
चार मुखों वाला - चतुरानन
जो कभी नष्ट न हो - अनश्वर
जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो - दीर्घायु
जिसे कोई जीत न सके - अजेय
जो कठिनाई से प्राप्त हो - दुर्लभ
जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज - जनतंत्र
झूठ बोलने वाला - झूठा
अपनी हत्या स्वयं करना - आत्महत्या
जिसका कोई भय न हो - निर्भय
जिसे दंड का भय न हो - उदंड
जो अभी - अभी पैदा हुआ हो - नवजात
जिसका अंत न हो - अनन्त
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो - कुलीन
दूसरों पर उपकार करने वाला - उपकारी
जिसे जीता न जा सके - अजेय
जिस भूमि पर कुछ न उग सके - ऊसर, बंजर
जो धर्म का काम करे - धर्मात्मा
जो क्षमा के योग्य हो - क्षम्य
जिसकी तीन भुजाएँ हो - त्रिभुज
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कुछ दिनों तक बने रहना वाला - टिकाऊ
जिसके नीचे रेखा हो - रेखांकित
जहाँ जाना संभव न हो - अगम
जिसके पास कोई रोजगार न हो - बेरोजगार
जिसमे शक्ति न हो - अशक्त
जो आँखों के सामने न हो - अप्रत्यक्ष
जल में रहने वाला - जलचर
वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो - ज्वालामुखी
जिसे क्षमा न किया जा सके - अक्षम्य
जिसका विश्वास न किया जा सके - अविश्वसनीय
तीनों लोकों का स्वामी - त्रिलोकी
जो नष्ट न होने वाला हो - अविनाशी
जिसे देखकर डर (भय) लगे - डरावना, भयानक
जो पहले न पढ़ा हो - अपठित
जिसका मूल्य न आँका जा सके - अमूल्य
कम जानने वाला - अल्पज्ञ
जो परिचित न हो - अपरिचित
जो कुछ न करता हो - अकर्मण्य
जो पुत्र गोद लिया हो - दत्तक
जो दिखाई न दे - अदृश्य
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पति-पत्नी का जोड़ा - दम्पति
चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग - टापू
जिसके आने की तिथि न हो - अतिथि
चिंता में डूबा हुआ - चिंतित
घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला - घूसखोर/रिश्वतखोर
मांस खाने वाला - मांसाहारी
जिसका कोई न हो - अनाथ
जिसका कोई शत्रु न हो - अजातशत्रु
गंगा का पुत्र - गांगेय
जिसका कोई संतान न हो - निसंतान
छिपे वेश में रहना - छद्मवेश
जो कभी न मरे - अमर
सप्ताह में एक बार होने वाला - साप्ताहिक
जो पढ़ा -लिखा न हो - अनपढ़
छूत से फैलने वाला रोग - संक्रामक
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जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो - अध्यादेश
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जिसके ह्रदय में दया हो - दयावान
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जो स्त्री कविता रचती है - कवियित्री
जिसका पति जीवित हो - सधवा
चारों ओर की सीमा - चौहदी
जिसमे रस हो - सरस
जो चित्र बनाता हो - चित्रकार
घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला - फेरीवाला
भलाई चाहने वाला - हितैषी
जानने की इच्छा रखने वाला - जिज्ञासु
हमेशा सत्य बोलने वाला - सत्यवादी
दूसरों की बातों में दखल देना - हस्तक्षेप
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला - पाक्षिक
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जो दो भाषाएँ जानता हो - दुभाषिया
जिसमे सहन शक्ति हो - सहिष्णु
खाने योग्य पदार्थ - खाद्य
विद्या की चाह रखने वाला - विद्यार्थी
जिसमे धैर्य न हो - अधीर
दिल से होने वाला - हार्दिक
जिस पर विश्वास न किया जा सके - अविश्वनीय
चार राहों वाला - चौराहा
जिसमे दया न हो - निर्दय
जिसके समान दूसरा न हो - अनुपम
अपने देश से दुसरे देश में समान जाना - निर्यात
चार वेदों को जानने वाला - चतुर्वेदी
जो आँखों के सामने हो - प्रत्यक्ष
दूर की सोचने वाला - दूरदर्शी
आज्ञा का पालन करने वाला - आज्ञाकारी
जो दूसरों पर अत्याचार करें - अत्याचारी
जो देखने योग्य हो - दर्शनीय
दुसरे देश से अपने देश में समान आना - आयात
जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य
चार मुखों वाला - चतुरानन
जो कभी नष्ट न हो - अनश्वर
जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो - दीर्घायु
जिसे कोई जीत न सके - अजेय
जो कठिनाई से प्राप्त हो - दुर्लभ
जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज - जनतंत्र
झूठ बोलने वाला - झूठा
अपनी हत्या स्वयं करना - आत्महत्या
जिसका कोई भय न हो - निर्भय
जिसे दंड का भय न हो - उदंड
जो अभी - अभी पैदा हुआ हो - नवजात
जिसका अंत न हो - अनन्त
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो - कुलीन
दूसरों पर उपकार करने वाला - उपकारी
जिसे जीता न जा सके - अजेय
जिस भूमि पर कुछ न उग सके - ऊसर, बंजर
जो धर्म का काम करे - धर्मात्मा
जो क्षमा के योग्य हो - क्षम्य
जिसकी तीन भुजाएँ हो - त्रिभुज
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कुछ दिनों तक बने रहना वाला - टिकाऊ
जिसके नीचे रेखा हो - रेखांकित
जहाँ जाना संभव न हो - अगम
जिसके पास कोई रोजगार न हो - बेरोजगार
जिसमे शक्ति न हो - अशक्त
जो आँखों के सामने न हो - अप्रत्यक्ष
जल में रहने वाला - जलचर
वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो - ज्वालामुखी
जिसे क्षमा न किया जा सके - अक्षम्य
जिसका विश्वास न किया जा सके - अविश्वसनीय
तीनों लोकों का स्वामी - त्रिलोकी
जो नष्ट न होने वाला हो - अविनाशी
जिसे देखकर डर (भय) लगे - डरावना, भयानक
जो पहले न पढ़ा हो - अपठित
जिसका मूल्य न आँका जा सके - अमूल्य
कम जानने वाला - अल्पज्ञ
जो परिचित न हो - अपरिचित
जो कुछ न करता हो - अकर्मण्य
जो पुत्र गोद लिया हो - दत्तक
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💁🏻♂️ Happy Republic Day 26 January 2021 🔰
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🇮🇳 26 जनवरी (26 January) का दिन भारत में हर साल गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाया जाता है. इस साल देश 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है.
💁🏻♂️ लेकिन क्या आप जानते हैं कि 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
दरअसल, साल 1950 में 26 जनवरी के दिन ही हमारे देश में संविधान लागू हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था. डॉ. भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था. हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है. इसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर थे. वहीं जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.
💁🏻♂️ कैसे हुई 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत?
इतिहास के पन्नों में गणतंत्र दिवस के तथ्य बेहद ही रोचक हैं. साल 1929 में दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ. इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई थी कि अगर अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया, तो भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा. जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को भारत को पूर्ण स्वराज घोषित कर दिया. भारत की आजादी के बाद संविधान सभा की घोषणा की गई, जिसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरु किया. संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया.
💁🏻♂️ आइये जानते हैं खास बातें👇
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारतीय संविधान सुपूर्द किया गया. बता दें कि अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये. इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया. 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था, क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था और यही कारण है कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है.
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💁🏻♂️ लेकिन क्या आप जानते हैं कि 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
दरअसल, साल 1950 में 26 जनवरी के दिन ही हमारे देश में संविधान लागू हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था. डॉ. भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था. हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है. इसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर थे. वहीं जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.
💁🏻♂️ कैसे हुई 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत?
इतिहास के पन्नों में गणतंत्र दिवस के तथ्य बेहद ही रोचक हैं. साल 1929 में दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ. इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई थी कि अगर अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया, तो भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा. जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को भारत को पूर्ण स्वराज घोषित कर दिया. भारत की आजादी के बाद संविधान सभा की घोषणा की गई, जिसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरु किया. संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया.
💁🏻♂️ आइये जानते हैं खास बातें👇
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारतीय संविधान सुपूर्द किया गया. बता दें कि अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये. इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया. 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था, क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था और यही कारण है कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है.
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✳साथियों ....
31 जनवरी को आयोजित होने वाले टेस्ट का अभी तक जिस किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं किया वह जाकर रजिस्ट्रेशन कर ले
इसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा.....,
✳रजिस्ट्रेशन करने के लिए ऐप को डाउनलोड करें :- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.uddan.taiyarikarlo
ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो देखें
▶Video Link :-https://youtu.be/QMda7Pr0wSI
विजयपाल रोझ [इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस]
31 जनवरी को आयोजित होने वाले टेस्ट का अभी तक जिस किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं किया वह जाकर रजिस्ट्रेशन कर ले
इसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा.....,
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विजयपाल रोझ [इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस]
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भारतीय संविधान - प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1- भारतीय संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई ।
उत्तर - 9 दिसम्बर 1946 ।
प्रश्न 2- संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. राजेंन्द्र प्रसाद ।
प्रश्न 3- संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ।
प्रश्न 4- संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ।
उत्तर - डॉ. भीमराव अम्बेडकर ।
प्रश्न 5- संविधान सभा का औपचारिक रूप से प्रतिपादन किसने किया ।
उत्तर - एम. एन. राय ।
प्रश्न 6- भारत में संविधान सभा गठित करने का आधार क्या था ।
उत्तर - कैबिनेट मिशन योजना (1946) ।
प्रश्न 7- संविधान के गठन की मांग सर्वप्रथम 1895 में किस व्यक्ति ने की ।
उत्तर - बाल गंगाधर तिलक ।
प्रश्न 8- संविधान सभा में देशी रियासतों के कितने प्रतिनिधि थे ।
उत्तर - 70 ।
प्रश्न 9- संविधान सभा में किस देशी रियासत के प्रतिनिधि ने भाग नही लिया ।
उत्तर - हैदराबाद ।
प्रश्न 10- बी. आर. अम्बेडकर कहॉं के संविधान सभा में निर्वाचित हुए ।
उत्तर - बंगाल से ।
प्रश्न 11- संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार किसे नियुक्त किया गया था ।
उत्तर - बी. एन. राव ।
प्रश्न 12- संविधान सभा की प्रारूप समिति का गठन कब हुआ ।
उत्तर - 29 अगस्त 1947 ।
प्रश्न 13- संविधान की प्रारूप समिति के समक्ष प्रस्तावना का प्रस्ताव किसने रखा ।
उत्तर - जवाहर लाल नेहरू ।
प्रश्न 14- संविधान सभा की रचना हेतु संविधान का विचार सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया ।
उत्तर - स्वराज पार्टी ने 1924 में ।
प्रश्न 15- संविधान सभा में भारत के संविधान को कब स्वीकृत किया ।
उत्तर - 26 नवम्बर 1946 ।
प्रश्न 16- संविधान को बनाने में कितना समय लगा ।
उत्तर - 2 वर्ष 11 माह 18 दिन ।
प्रश्न 17- संविधान में कितने अनुच्छेद है।
उत्तर - 444
प्रश्न 18- संविधान में कितने अध्याय है।
उत्तर - 22
प्रश्न 19- भारतीय सभा में कितनी अनुसूचियॉ है।
उत्तर - 12
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भारतीय संविधान - प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1- भारतीय संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई ।
उत्तर - 9 दिसम्बर 1946 ।
प्रश्न 2- संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. राजेंन्द्र प्रसाद ।
प्रश्न 3- संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ।
प्रश्न 4- संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ।
उत्तर - डॉ. भीमराव अम्बेडकर ।
प्रश्न 5- संविधान सभा का औपचारिक रूप से प्रतिपादन किसने किया ।
उत्तर - एम. एन. राय ।
प्रश्न 6- भारत में संविधान सभा गठित करने का आधार क्या था ।
उत्तर - कैबिनेट मिशन योजना (1946) ।
प्रश्न 7- संविधान के गठन की मांग सर्वप्रथम 1895 में किस व्यक्ति ने की ।
उत्तर - बाल गंगाधर तिलक ।
प्रश्न 8- संविधान सभा में देशी रियासतों के कितने प्रतिनिधि थे ।
उत्तर - 70 ।
प्रश्न 9- संविधान सभा में किस देशी रियासत के प्रतिनिधि ने भाग नही लिया ।
उत्तर - हैदराबाद ।
प्रश्न 10- बी. आर. अम्बेडकर कहॉं के संविधान सभा में निर्वाचित हुए ।
उत्तर - बंगाल से ।
प्रश्न 11- संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार किसे नियुक्त किया गया था ।
उत्तर - बी. एन. राव ।
प्रश्न 12- संविधान सभा की प्रारूप समिति का गठन कब हुआ ।
उत्तर - 29 अगस्त 1947 ।
प्रश्न 13- संविधान की प्रारूप समिति के समक्ष प्रस्तावना का प्रस्ताव किसने रखा ।
उत्तर - जवाहर लाल नेहरू ।
प्रश्न 14- संविधान सभा की रचना हेतु संविधान का विचार सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया ।
उत्तर - स्वराज पार्टी ने 1924 में ।
प्रश्न 15- संविधान सभा में भारत के संविधान को कब स्वीकृत किया ।
उत्तर - 26 नवम्बर 1946 ।
प्रश्न 16- संविधान को बनाने में कितना समय लगा ।
उत्तर - 2 वर्ष 11 माह 18 दिन ।
प्रश्न 17- संविधान में कितने अनुच्छेद है।
उत्तर - 444
प्रश्न 18- संविधान में कितने अध्याय है।
उत्तर - 22
प्रश्न 19- भारतीय सभा में कितनी अनुसूचियॉ है।
उत्तर - 12
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