साथियों कल आयोजित योग्यता चयन टेस्ट का रिजल्ट आ गया है
आप सबका स्नेह और लगाव देखकर काफी अच्छा लगा
कल 1500+ छात्र छात्राओं ने टेस्ट में भाग लिया था जो कि काफी अच्छा है .....
कल ऐप में ज्यादा ट्रैफिक होने की वजह से कुछ छोटी-छोटी तकनीकी समस्या आ रही थी पर आपने संयम बनाए रखा..
इसके लिए धन्यवाद
आप अपनी रैंक देखने के लिए Home Page पर बाई तरफ ऊपर 3 लाइन होगी
जिसमें 5 नंबर ऑप्शन "LIVE QUIZ RESULT" का होगा उस पर क्लिक करके आप अपनी रैंक देख ले
और ऐप के बारे में आप अपना फीडबैक [ @ROJHVIJAY ] जरूर दें ताकि अपने मिलकर बेहतर कर सकें
और एक error की वजह से प्राप्तांक माइनस में प्रदर्शित हो रहे हैं..पर RANK सही निकली है....
इसलिए आप सभी अपनी RANK देखें प्राप्तांक नहीं ....
इसका समाधान भी तकनीकी टीम ने कर लिया है....
📲किसी भी सहायता के लिए व्हाट्सएप करें :-7339953819
-विजयपाल रोझ [ इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस]
आप सबका स्नेह और लगाव देखकर काफी अच्छा लगा
कल 1500+ छात्र छात्राओं ने टेस्ट में भाग लिया था जो कि काफी अच्छा है .....
कल ऐप में ज्यादा ट्रैफिक होने की वजह से कुछ छोटी-छोटी तकनीकी समस्या आ रही थी पर आपने संयम बनाए रखा..
इसके लिए धन्यवाद
आप अपनी रैंक देखने के लिए Home Page पर बाई तरफ ऊपर 3 लाइन होगी
जिसमें 5 नंबर ऑप्शन "LIVE QUIZ RESULT" का होगा उस पर क्लिक करके आप अपनी रैंक देख ले
और ऐप के बारे में आप अपना फीडबैक [ @ROJHVIJAY ] जरूर दें ताकि अपने मिलकर बेहतर कर सकें
और एक error की वजह से प्राप्तांक माइनस में प्रदर्शित हो रहे हैं..पर RANK सही निकली है....
इसलिए आप सभी अपनी RANK देखें प्राप्तांक नहीं ....
इसका समाधान भी तकनीकी टीम ने कर लिया है....
📲किसी भी सहायता के लिए व्हाट्सएप करें :-7339953819
-विजयपाल रोझ [ इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस]
@Taiyari_Karlo
भारतीय_तटरक्षक_दिवस
• आदर्श वाक्य : ‘’वयम् रक्षाम:” अर्थात हम रक्षा करते हैं।
• भारतीय तटरक्षक बल का नेतृत्व भारतीय नौसेना के महानिदेशक, वाइस-एडमिरल रैंक के अधिकारी करते हैं।
• वर्तमान महानिदेशक : कृष्णस्वामी नटराजन
• मुख्यालय : नई दिल्ली
पाँच क्षेत्रों में विभाजित :
• पश्चिमी क्षेत्र - क्षेत्रीय मुख्यालय : मुंबई, पूर्वी क्षेत्र - चेन्नई, उत्तर पूर्वी क्षेत्र - कोलकाता, अंडमान व निकोबार क्षेत्र - ब्लेयर, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र - गाँधीनगर, (गुजरात) ।
स्थापना : 18 अगस्तन 1978 को संघ के एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम, 1978 के तहत की गई।
उद्देश्य :
• भारत में तटरक्षक का आविर्भाव, समुद्र में भारत के राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार के अंदर राष्ट्रीय विधियों को लागू करने तथा जीवन व संपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु।
इतिहास :
• 01 फ़रवरी 1977 को समुद्र में जीवन व संपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नौसेना से भिन्न एक अलग संगठन की आवश्यकता महसूस हुई।
• 1974 - श्री के. एफ. रूस्तरमजी की अध्यक्षता में समुद्र में तस्कारी तथा शांतिकाल में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए एक समिति का गठन किया गया।
• 25 अगस्त 1976 को भारत का समुद्री क्षेत्र अधिनियम पारित हुआ। इस अधिनियम के तहत भारत ने 2.01 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र का दावा किया, जिसमें भारत को समुद्र में जीवित व अजीवित संसाधनों के अन्वेषण तथा दोहन का अधिकार प्राप्त हुआ।
• 01 फ़रवरी 1977 - मंत्रिमंडल द्वारा अंतरिम तटरक्षक संगठन का गठन हुआ जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण व नौसेना की तर्ज पर संचालित होगा।
• 18 अगस्त 1978 - भारतीय संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम,1978 के तहत स्थापित ।
- @Taiyari_Karlo
भारतीय_तटरक्षक_दिवस
• आदर्श वाक्य : ‘’वयम् रक्षाम:” अर्थात हम रक्षा करते हैं।
• भारतीय तटरक्षक बल का नेतृत्व भारतीय नौसेना के महानिदेशक, वाइस-एडमिरल रैंक के अधिकारी करते हैं।
• वर्तमान महानिदेशक : कृष्णस्वामी नटराजन
• मुख्यालय : नई दिल्ली
पाँच क्षेत्रों में विभाजित :
• पश्चिमी क्षेत्र - क्षेत्रीय मुख्यालय : मुंबई, पूर्वी क्षेत्र - चेन्नई, उत्तर पूर्वी क्षेत्र - कोलकाता, अंडमान व निकोबार क्षेत्र - ब्लेयर, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र - गाँधीनगर, (गुजरात) ।
स्थापना : 18 अगस्तन 1978 को संघ के एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम, 1978 के तहत की गई।
उद्देश्य :
• भारत में तटरक्षक का आविर्भाव, समुद्र में भारत के राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार के अंदर राष्ट्रीय विधियों को लागू करने तथा जीवन व संपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु।
इतिहास :
• 01 फ़रवरी 1977 को समुद्र में जीवन व संपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नौसेना से भिन्न एक अलग संगठन की आवश्यकता महसूस हुई।
• 1974 - श्री के. एफ. रूस्तरमजी की अध्यक्षता में समुद्र में तस्कारी तथा शांतिकाल में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए एक समिति का गठन किया गया।
• 25 अगस्त 1976 को भारत का समुद्री क्षेत्र अधिनियम पारित हुआ। इस अधिनियम के तहत भारत ने 2.01 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र का दावा किया, जिसमें भारत को समुद्र में जीवित व अजीवित संसाधनों के अन्वेषण तथा दोहन का अधिकार प्राप्त हुआ।
• 01 फ़रवरी 1977 - मंत्रिमंडल द्वारा अंतरिम तटरक्षक संगठन का गठन हुआ जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण व नौसेना की तर्ज पर संचालित होगा।
• 18 अगस्त 1978 - भारतीय संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम,1978 के तहत स्थापित ।
- @Taiyari_Karlo
🟡✔️ महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियाँ 🟢✔️
❍ महाद्वीप सर्वोच्च ➭ शिखर
❍ एशिया ➭ माउंट एवरेस्ट
❍ दक्षिणी अमेरिका ➭ एकांकागुआ
❍ उत्तरी अमेरिका ➭ मैककिनले
❍ अफ्रीका ➭ किलिमंजारो
❍ यूरोप ➭ एलब्रुश पर्वत
❍ अंटार्कटिका ➭ विंसनमैसिफ
❍ आस्ट्रेलिया ➭ कोसिउस्को
👆 विश्व के सर्वाधिक ऊँचे पर्वत शिखर 👆
🔴✔️ शिखर ऊँचाई 🔵✔️
❖ माउंट एवरेस्ट ➨ 8848 मीटर
❖ K-2 ➨ 8611 मीटर
❖ कंचनजंगा ➨ 8586 मीटर
❖ ल्होत्से ➨ 8516 मीटर
❖ मकालू ➨ 8462 मीटर
❖ चो ओयू ➨ 8201 मीटर
❖ धौलागिरि ➨ 8167 मीटर
❖ मांसलू ➨ 8156 मीटर
❖ नंगा पर्वत ➨ 8126 मीटर
Join @Taiyari_karlo
❍ महाद्वीप सर्वोच्च ➭ शिखर
❍ एशिया ➭ माउंट एवरेस्ट
❍ दक्षिणी अमेरिका ➭ एकांकागुआ
❍ उत्तरी अमेरिका ➭ मैककिनले
❍ अफ्रीका ➭ किलिमंजारो
❍ यूरोप ➭ एलब्रुश पर्वत
❍ अंटार्कटिका ➭ विंसनमैसिफ
❍ आस्ट्रेलिया ➭ कोसिउस्को
👆 विश्व के सर्वाधिक ऊँचे पर्वत शिखर 👆
🔴✔️ शिखर ऊँचाई 🔵✔️
❖ माउंट एवरेस्ट ➨ 8848 मीटर
❖ K-2 ➨ 8611 मीटर
❖ कंचनजंगा ➨ 8586 मीटर
❖ ल्होत्से ➨ 8516 मीटर
❖ मकालू ➨ 8462 मीटर
❖ चो ओयू ➨ 8201 मीटर
❖ धौलागिरि ➨ 8167 मीटर
❖ मांसलू ➨ 8156 मीटर
❖ नंगा पर्वत ➨ 8126 मीटर
Join @Taiyari_karlo
▶ योग्यता चयन टेस्ट का RESULT & SOLUTION | जानिए आपकी रैंक और आगे का शेड्यूल
⏰ आज 1FEB सायं 6:00 PM पर
▶Video Link :-https://youtu.be/7Py4ZIn5Usw
⏰ आज 1FEB सायं 6:00 PM पर
▶Video Link :-https://youtu.be/7Py4ZIn5Usw
Paper solution question & ncret book photo.pdf
2.2 MB
🔰NCERT BOOKS, योग्यता चयन टेस्ट के 100 प्रश्नों का हल,
🔰JOIN :- @TAIYARI_KARLO
VIdeo solution👉👉https://youtu.be/7Py4ZIn5Usw
🔰JOIN :- @TAIYARI_KARLO
VIdeo solution👉👉https://youtu.be/7Py4ZIn5Usw
🔰2 February Schedule
🔰इसका कल शाम वीडियो सॉल्यूशन विजयपाल सर द्वारा शाम 6:00 बजे लाइव किया जाएगा
🔰JOIN :- @TAIYARI_KARLO
🔰इसका कल शाम वीडियो सॉल्यूशन विजयपाल सर द्वारा शाम 6:00 बजे लाइव किया जाएगा
🔰JOIN :- @TAIYARI_KARLO
🔰 राजस्थान के लोक गीत ✅
Join @Taiyari_karlo
अति विशेष ☑️
1. झोरावा गीत
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो पत्नी अपने पति के वियोग में गाती है।
2. सुवटिया
उत्तरी मेवाड़ में भील जाति की स्त्रियां पति -वियोग में तोते (सूए) को संबोधित करते हुए यह गीत गाती है।
3. पीपली गीत
मारवाड़ बीकानेर तथा शेखावटी क्षेत्र में वर्षा ऋतु के समय स्त्रियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
Join @Taiyari_karlo
4. सेंजा गीत
यह एक विवाह गीत है, जो अच्छे वर की कामना हेतु महिलाओं द्वारा गया जाता है।
5. कुरजां गीत
यह लोकप्रिय गीत में कुरजां पक्षी को संबोधित करते हुए विरहणियों द्वारा अपने प्रियतम की याद में गाया जाता है, जिसमें नायिका अपने परदेश स्थित पति के लिए कुरजां को सन्देश देने का कहती है।
6. जकडि़या गीत
पीरों की प्रशंसा में गाए जाने वाले गीत जकडि़या गीत कहलाते है।
7. पपीहा गीत
पपीहा पक्षी को सम्बोधित करते हुए गया गया गीत है। जिसमें प्रेमिका अपने प्रेमी को उपवन में आकर मिलने की प्रार्थना करती है।
8. कागा गीत
कौवे का घर की छत पर आना मेहमान आने का शगुन माना जाता है। कौवे को संबोधित करके प्रेयसी अपने प्रिय के आने का शगुन मानती है और कौवे को लालच देकर उड़ने की कहती है।
9. कांगसियों
यह राजस्थान का एक लोकप्रिय श्रृंगारिक गीत है।
10. हमसीढो
भील स्त्री तथा पुरूष दोनों द्वारा सम्मिलित रूप से मांगलिक अवसरों पर गाया जाने वाला गीत है।
Join @Taiyari_karlo
11. हरजस
यह भक्ति गीत है, हरजस का अर्थ है हरि का यश अर्थात हरजस भगवान राम व श्रीकृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले भक्ति गीत है।
12. हिचकी गीत
मेवात क्षेत्र अथवा अलवर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत दाम्पत्य प्रेम से परिपूर्ण जिसमें प्रियतम की याद को दर्शाया जाता है।
13. जलो और जलाल
विवाह के समय वधु पक्ष की स्त्रियां जब वर की बारात का डेरा देखने आती है तब यह गीत गाती है।
14. दुप्पटा गीत
विवाह के समय दुल्हे की सालियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
15. कामण
कामण का अर्थ है - जादू-टोना। पति को अन्य स्त्री के जादू-टोने से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
16. पावणा
विवाह के पश्चात् दामाद के ससुराल जाने पर भोजन के समय अथवा भोजन के उपरान्त स्त्रियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
17. सिठणें
विवाह के समय स्त्रियां हंसी-मजाक के उद्देश्य से समधी और उसके अन्य सम्बन्धियों को संबोधित करते हुए गाती है।
Join @Taiyari_karlo
18. मोरिया गीत
इस लोकगीत में ऐसी बालिका की व्यथा है, जिसका संबंध तो तय हो चुका है लेकिन विवाह में देरी है।
19. जीरो
जालौर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत है। इस गीत में स्त्री अपने पति से जीरा न बोने की विनती करती है।
20. बिच्छुड़ो
हाडौती क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जिसमें एक स्त्री जिसे बिच्छु ने काट लिया है और वह मरने वाली है, वह पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।
21. पंछीडा गीत
हाडौती तथा ढूढाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो त्यौहारों तथा मेलों के समय गाया जाता है।
22. रसिया गीत
रसिया होली के अवसर पर ब्रज, भरतपुर व धौलपुर क्षेत्रों के अलावा नाथद्वारा के श्रीनाथजी के मंदिर में गए जाने वाले गीत है।
23. घूमर
णगौर अथवा तीज त्यौहारों के अवसर पर स्त्रियों द्वारा घूमर नृत्य के साथ गाया जाने वाला गीत है, जिसके माध्यम से नायिका अपने प्रियतम से श्रृंगारिक साधनों की मांग करती है।
24. औल्यूं गीत
ओल्यू का मतलब 'याद आना' है।बेटी की विदाई के समयय गाया जाने वाला गीत है।
25. लांगुरिया
करौली की कैला देवी की अराधना में गाये जाने वाले भक्तिगीत लांगुरिया कहलाते है।
26. गोरबंध
गोरबंध, ऊंट के गले का आभूषण है। मारवाड़ तथा शेखावटी क्षेत्र में इस आभूषण पर गीत गाया जाता है।
Join @Taiyari_karlo
27. चिरमी
चिरमी के पौधे को सम्बोधित कर बाल ग्राम वधू द्वारा अपने भाई व पिता की प्रतिक्षा के समय की मनोदशा का वर्णन है।
28. पणिहारी
इस लोकगीत में राजस्थानी स्त्री का पतिव्रता धर्म पर अटल रहना बताया गया है।
29. इडुणी
यह गीत पानी भरने जाते समय स्त्रियों द्वारा गाया जाता है। इसमें इडुणी के खो जाने का जिक्र होता है।
30. केसरिया बालम
यह एक प्रकार का विरह युक्त रजवाड़ी गीत है जिसे स्त्री विदेश गए हुए अपने पति की याद में गाती है।
31. धुडला गीत
मारवाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत है, जो स्त्रियों द्वारा घुड़ला पर्व पर गाया जाता है।
32. लावणी गीत(मोरध्वज, सेऊसंमन- प्रसिद्ध लावणियां)
लावणी से अभिप्राय बुलावे से है। नायक द्वारा नायिका को बुलाने के सन्दर्भ में लावणी गाई जाती है।
33. मूमल
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें लोद्रवा की राजकुमारी मूमल का सौन्दर्य वर्णन किया गया है। यह एक श्रृंगारिक गीत है।
Join @Taiyari_karlo
Join @Taiyari_karlo
अति विशेष ☑️
1. झोरावा गीत
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो पत्नी अपने पति के वियोग में गाती है।
2. सुवटिया
उत्तरी मेवाड़ में भील जाति की स्त्रियां पति -वियोग में तोते (सूए) को संबोधित करते हुए यह गीत गाती है।
3. पीपली गीत
मारवाड़ बीकानेर तथा शेखावटी क्षेत्र में वर्षा ऋतु के समय स्त्रियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
Join @Taiyari_karlo
4. सेंजा गीत
यह एक विवाह गीत है, जो अच्छे वर की कामना हेतु महिलाओं द्वारा गया जाता है।
5. कुरजां गीत
यह लोकप्रिय गीत में कुरजां पक्षी को संबोधित करते हुए विरहणियों द्वारा अपने प्रियतम की याद में गाया जाता है, जिसमें नायिका अपने परदेश स्थित पति के लिए कुरजां को सन्देश देने का कहती है।
6. जकडि़या गीत
पीरों की प्रशंसा में गाए जाने वाले गीत जकडि़या गीत कहलाते है।
7. पपीहा गीत
पपीहा पक्षी को सम्बोधित करते हुए गया गया गीत है। जिसमें प्रेमिका अपने प्रेमी को उपवन में आकर मिलने की प्रार्थना करती है।
8. कागा गीत
कौवे का घर की छत पर आना मेहमान आने का शगुन माना जाता है। कौवे को संबोधित करके प्रेयसी अपने प्रिय के आने का शगुन मानती है और कौवे को लालच देकर उड़ने की कहती है।
9. कांगसियों
यह राजस्थान का एक लोकप्रिय श्रृंगारिक गीत है।
10. हमसीढो
भील स्त्री तथा पुरूष दोनों द्वारा सम्मिलित रूप से मांगलिक अवसरों पर गाया जाने वाला गीत है।
Join @Taiyari_karlo
11. हरजस
यह भक्ति गीत है, हरजस का अर्थ है हरि का यश अर्थात हरजस भगवान राम व श्रीकृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले भक्ति गीत है।
12. हिचकी गीत
मेवात क्षेत्र अथवा अलवर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत दाम्पत्य प्रेम से परिपूर्ण जिसमें प्रियतम की याद को दर्शाया जाता है।
13. जलो और जलाल
विवाह के समय वधु पक्ष की स्त्रियां जब वर की बारात का डेरा देखने आती है तब यह गीत गाती है।
14. दुप्पटा गीत
विवाह के समय दुल्हे की सालियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
15. कामण
कामण का अर्थ है - जादू-टोना। पति को अन्य स्त्री के जादू-टोने से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
16. पावणा
विवाह के पश्चात् दामाद के ससुराल जाने पर भोजन के समय अथवा भोजन के उपरान्त स्त्रियों द्वारा गया जाने वाला गीत है।
17. सिठणें
विवाह के समय स्त्रियां हंसी-मजाक के उद्देश्य से समधी और उसके अन्य सम्बन्धियों को संबोधित करते हुए गाती है।
Join @Taiyari_karlo
18. मोरिया गीत
इस लोकगीत में ऐसी बालिका की व्यथा है, जिसका संबंध तो तय हो चुका है लेकिन विवाह में देरी है।
19. जीरो
जालौर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत है। इस गीत में स्त्री अपने पति से जीरा न बोने की विनती करती है।
20. बिच्छुड़ो
हाडौती क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जिसमें एक स्त्री जिसे बिच्छु ने काट लिया है और वह मरने वाली है, वह पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।
21. पंछीडा गीत
हाडौती तथा ढूढाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो त्यौहारों तथा मेलों के समय गाया जाता है।
22. रसिया गीत
रसिया होली के अवसर पर ब्रज, भरतपुर व धौलपुर क्षेत्रों के अलावा नाथद्वारा के श्रीनाथजी के मंदिर में गए जाने वाले गीत है।
23. घूमर
णगौर अथवा तीज त्यौहारों के अवसर पर स्त्रियों द्वारा घूमर नृत्य के साथ गाया जाने वाला गीत है, जिसके माध्यम से नायिका अपने प्रियतम से श्रृंगारिक साधनों की मांग करती है।
24. औल्यूं गीत
ओल्यू का मतलब 'याद आना' है।बेटी की विदाई के समयय गाया जाने वाला गीत है।
25. लांगुरिया
करौली की कैला देवी की अराधना में गाये जाने वाले भक्तिगीत लांगुरिया कहलाते है।
26. गोरबंध
गोरबंध, ऊंट के गले का आभूषण है। मारवाड़ तथा शेखावटी क्षेत्र में इस आभूषण पर गीत गाया जाता है।
Join @Taiyari_karlo
27. चिरमी
चिरमी के पौधे को सम्बोधित कर बाल ग्राम वधू द्वारा अपने भाई व पिता की प्रतिक्षा के समय की मनोदशा का वर्णन है।
28. पणिहारी
इस लोकगीत में राजस्थानी स्त्री का पतिव्रता धर्म पर अटल रहना बताया गया है।
29. इडुणी
यह गीत पानी भरने जाते समय स्त्रियों द्वारा गाया जाता है। इसमें इडुणी के खो जाने का जिक्र होता है।
30. केसरिया बालम
यह एक प्रकार का विरह युक्त रजवाड़ी गीत है जिसे स्त्री विदेश गए हुए अपने पति की याद में गाती है।
31. धुडला गीत
मारवाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत है, जो स्त्रियों द्वारा घुड़ला पर्व पर गाया जाता है।
32. लावणी गीत(मोरध्वज, सेऊसंमन- प्रसिद्ध लावणियां)
लावणी से अभिप्राय बुलावे से है। नायक द्वारा नायिका को बुलाने के सन्दर्भ में लावणी गाई जाती है।
33. मूमल
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें लोद्रवा की राजकुमारी मूमल का सौन्दर्य वर्णन किया गया है। यह एक श्रृंगारिक गीत है।
Join @Taiyari_karlo
👍2