बुद्ध सूर्य का एक चक्कर लगाने में कितना समय लेता है ?
Anonymous Quiz
19%
(A) 90 दिन
58%
(B) 88 दिन
16%
(C) 75 दिन
6%
(D) 87 दिन
5_6316469528754651898.pdf
5.8 MB
बांसवाड़ा का फाइनल रिजल्ट
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5_6316475095032268123.pdf
8.3 MB
5 RAC का फाइनल रिजल्ट
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13042021174313.pdf
1.3 MB
Chitorgarh का फाइनल रिजल्ट
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✍️जीरो से हीरो वाली क्लास✍️
🔰रीट ,पटवार ,वनरक्षक, वनपाल, SI , SSC GD हेतु महत्वपूर्ण क्लास🔰
🔹CODING-DECODING। सांकेतिक भाषा। (भाग-1) REASONING। । BY SUSHIL CHOUHAN SIR 🔹
👉अब एक भी प्रश्न गलत नही होगा
LIVE CLASS LINK:- https://youtu.be/cZjZdcio8bw
👆👆👆👆👆👆👆👆👆
साथियों आज की इस क्लास में भी लाइव रहूंगा।
विजयपाल रोझ
🔰रीट ,पटवार ,वनरक्षक, वनपाल, SI , SSC GD हेतु महत्वपूर्ण क्लास🔰
🔹CODING-DECODING। सांकेतिक भाषा। (भाग-1) REASONING। । BY SUSHIL CHOUHAN SIR 🔹
👉अब एक भी प्रश्न गलत नही होगा
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साथियों आज की इस क्लास में भी लाइव रहूंगा।
विजयपाल रोझ
5_6316595160843027231.pdf
1.6 MB
13 वी बटालियन जेल सुरक्षा का फाइनल रिजल्ट
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JAIPUR cunstable Recruitment.pdf
55.5 KB
जिला जयपुर का फाइनल रिजल्ट
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13042021203714.pdf
3.3 MB
2nd RAC KOTA का फाइनल रिजल्ट
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‼️ राजस्थान के अवतारी लोक देवता‼️
(1) रामदेव जी --- कृष्ण जी
(2) पाबूजी। --- लक्ष्मण जी
(3) देवनारायण जी --- विष्णु जी
(4) कल्लाजी --- शेषनाग
By.... Balveerswami1213
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(1) रामदेव जी --- कृष्ण जी
(2) पाबूजी। --- लक्ष्मण जी
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🍎🍅🌶सब्जियों में कड़वाहट🌶🍅🍎
1. टमाटर का लाल रंग -- लाइकोपीन
2. मूली का तीखापन -- आइसोसाइनेट
3. आलू का हरा रंग -- सोलेन
4. दूध का सफेद रंग -- केसीन
5. हल्दी का पीला रंग -- कुरकुमिन
6. तिलहनो के तेल में पीला रंग कैराटिनाइज्ड
7. बादाम में कड़वाहट -- एमाइलेडिन
8. गाजर का नारंगी रंग -- कैरोटीन
9. सेब का लाल रंग -- एंथोसायनिन
10. प्याज में लाल रंग -- एन्थोसाइनिन
11. प्याज का पीला रंग -- कवेरसिटीन
12. मिर्च का लाल रंग -- केप्सेसीन
13. मिर्च का तीखापन -- केप्सेथिन
14. खीरे का कड़वाहट -- कुकर बीटेसीन
15. पपीता का पीला रंग -- केरिकांजेथीन
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1. टमाटर का लाल रंग -- लाइकोपीन
2. मूली का तीखापन -- आइसोसाइनेट
3. आलू का हरा रंग -- सोलेन
4. दूध का सफेद रंग -- केसीन
5. हल्दी का पीला रंग -- कुरकुमिन
6. तिलहनो के तेल में पीला रंग कैराटिनाइज्ड
7. बादाम में कड़वाहट -- एमाइलेडिन
8. गाजर का नारंगी रंग -- कैरोटीन
9. सेब का लाल रंग -- एंथोसायनिन
10. प्याज में लाल रंग -- एन्थोसाइनिन
11. प्याज का पीला रंग -- कवेरसिटीन
12. मिर्च का लाल रंग -- केप्सेसीन
13. मिर्च का तीखापन -- केप्सेथिन
14. खीरे का कड़वाहट -- कुकर बीटेसीन
15. पपीता का पीला रंग -- केरिकांजेथीन
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💟👉आधुनिक भारत के निर्माता, न्याय के प्रणेता, समतामूलक समाज के निर्माण, समाज के वंचित, शोषित व पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए संघर्ष, महान समाज सुधारक, संविधान शिल्पी भारत रत्न माननीय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को कोटि-कोटि नमन
👉डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकांचन मेल था। उनकी यही अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है।
👉वे एक मनीषी, योद्धा, नायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। वे अनन्य कोटि के नेता थे, जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में उत्सर्ग कर दिया। खासकर भारत के 80 फीसदी दलित सामाजिक व आर्थिक तौर से अभिशप्त थे, उन्हें अभिशाप से मुक्ति दिलाना ही डॉ. अंबेडकर का जीवन संकल्प था।
👉संयोगवश भीमराव सातारा गांव के एक ब्राह्मण शिक्षक को बेहद पसंद आए। वे अत्याचार और लांछन की तेज धूप में टुकड़ा भर बादल की तरह भीम के लिए मां के आंचल की छांव बन गए। बाबा साहब ने कहा- वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जातिविहीन करना होगा। समाजवाद के बिना दलित-मेहनती इंसानों की आर्थिक मुक्ति संभव नहीं।
👉डॉ. अंबेडकर की रणभेरी गूंज उठी, 'समाज को श्रेणीविहीन और वर्णविहीन करना होगा क्योंकि श्रेणी ने इंसान को दरिद्र और वर्ण ने इंसान को दलित बना दिया। जिनके पास कुछ भी नहीं है, वे लोग दरिद्र माने गए और जो लोग कुछ भी नहीं है वे दलित समझे जाते थे।'
👉बाबा साहेब ने संघर्ष का बिगुल बजाकर आह्वान किया, 'छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करना होता है।' उन्होंने ने कहा है, 'हिन्दुत्व की गौरव वृद्धि में वशिष्ठ जैसे ब्राह्मण, राम जैसे क्षत्रिय, हर्ष की तरह वैश्य और तुकाराम जैसे शूद्र लोगों ने अपनी साधना का प्रतिफल जोड़ा है। उनका हिन्दुत्व दीवारों में घिरा हुआ नहीं है, बल्कि ग्रहिष्णु, सहिष्णु व चलिष्णु है।'
👉बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने भीमराव अंबेडकर को मेधावी छात्र के नाते छात्रवृत्ति देकर 1913 में विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेज दिया।
👉अमेरिका में कोलंबिया विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, दर्शन और अर्थ नीति का गहन अध्ययन बाबा साहेब ने किया। वहां पर भारतीय समाज का अभिशाप और जन्मसूत्र से प्राप्त अस्पृश्यता की कालिख नहीं थी। इसलिए उन्होंने अमेरिका में एक नई दुनिया के दर्शन किए।
👉डॉ. अंबेडकर ने अमेरिका में एक सेमिनार में 'भारतीय जाति विभाजन' पर अपना मशहूर शोध-पत्र पढ़ा, जिसमें उनके व्यक्तित्व की सर्वत्र प्रशंसा हुई।
👉डॉ. अंबेडकर के अलावा भारतीय संविधान की रचना हेतु कोई अन्य विशेषज्ञ भारत में नहीं था। अतः सर्वसम्मति से डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूपण समिति का अध्यक्ष चुना गया। 26 नवंबर 1949 को डॉ. अंबेडकर द्वारा रचित (315 अनुच्छेद का) संविधान पारित किया गया।
👉डॉ. अंबेडकर का लक्ष्य था- 'सामाजिक असमानता दूर करके दलितों के मानवाधिकार की प्रतिष्ठा करना।' डॉ. अंबेडकर ने गहन-गंभीर आवाज में सावधान किया था, '26 जनवरी 1950 को हम परस्पर विरोधी जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। हमारे राजनीतिक क्षेत्र में समानता रहेगी किंतु सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में असमानता रहेगी। जल्द से जल्द हमें इस परस्पर विरोधता को दूर करना होगी। वर्ना जो असमानता के शिकार होंगे, वे इस राजनीतिक गणतंत्र के ढांचे को उड़ा देंगे।'
👉अंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे। 6 दिसंबर 1956 को उनकी मृत्यु दिल्ली में नींद के दौरान उनके घर में हो गई। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
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👉डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकांचन मेल था। उनकी यही अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है।
👉वे एक मनीषी, योद्धा, नायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। वे अनन्य कोटि के नेता थे, जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में उत्सर्ग कर दिया। खासकर भारत के 80 फीसदी दलित सामाजिक व आर्थिक तौर से अभिशप्त थे, उन्हें अभिशाप से मुक्ति दिलाना ही डॉ. अंबेडकर का जीवन संकल्प था।
👉संयोगवश भीमराव सातारा गांव के एक ब्राह्मण शिक्षक को बेहद पसंद आए। वे अत्याचार और लांछन की तेज धूप में टुकड़ा भर बादल की तरह भीम के लिए मां के आंचल की छांव बन गए। बाबा साहब ने कहा- वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जातिविहीन करना होगा। समाजवाद के बिना दलित-मेहनती इंसानों की आर्थिक मुक्ति संभव नहीं।
👉डॉ. अंबेडकर की रणभेरी गूंज उठी, 'समाज को श्रेणीविहीन और वर्णविहीन करना होगा क्योंकि श्रेणी ने इंसान को दरिद्र और वर्ण ने इंसान को दलित बना दिया। जिनके पास कुछ भी नहीं है, वे लोग दरिद्र माने गए और जो लोग कुछ भी नहीं है वे दलित समझे जाते थे।'
👉बाबा साहेब ने संघर्ष का बिगुल बजाकर आह्वान किया, 'छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करना होता है।' उन्होंने ने कहा है, 'हिन्दुत्व की गौरव वृद्धि में वशिष्ठ जैसे ब्राह्मण, राम जैसे क्षत्रिय, हर्ष की तरह वैश्य और तुकाराम जैसे शूद्र लोगों ने अपनी साधना का प्रतिफल जोड़ा है। उनका हिन्दुत्व दीवारों में घिरा हुआ नहीं है, बल्कि ग्रहिष्णु, सहिष्णु व चलिष्णु है।'
👉बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने भीमराव अंबेडकर को मेधावी छात्र के नाते छात्रवृत्ति देकर 1913 में विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेज दिया।
👉अमेरिका में कोलंबिया विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, दर्शन और अर्थ नीति का गहन अध्ययन बाबा साहेब ने किया। वहां पर भारतीय समाज का अभिशाप और जन्मसूत्र से प्राप्त अस्पृश्यता की कालिख नहीं थी। इसलिए उन्होंने अमेरिका में एक नई दुनिया के दर्शन किए।
👉डॉ. अंबेडकर ने अमेरिका में एक सेमिनार में 'भारतीय जाति विभाजन' पर अपना मशहूर शोध-पत्र पढ़ा, जिसमें उनके व्यक्तित्व की सर्वत्र प्रशंसा हुई।
👉डॉ. अंबेडकर के अलावा भारतीय संविधान की रचना हेतु कोई अन्य विशेषज्ञ भारत में नहीं था। अतः सर्वसम्मति से डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूपण समिति का अध्यक्ष चुना गया। 26 नवंबर 1949 को डॉ. अंबेडकर द्वारा रचित (315 अनुच्छेद का) संविधान पारित किया गया।
👉डॉ. अंबेडकर का लक्ष्य था- 'सामाजिक असमानता दूर करके दलितों के मानवाधिकार की प्रतिष्ठा करना।' डॉ. अंबेडकर ने गहन-गंभीर आवाज में सावधान किया था, '26 जनवरी 1950 को हम परस्पर विरोधी जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। हमारे राजनीतिक क्षेत्र में समानता रहेगी किंतु सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में असमानता रहेगी। जल्द से जल्द हमें इस परस्पर विरोधता को दूर करना होगी। वर्ना जो असमानता के शिकार होंगे, वे इस राजनीतिक गणतंत्र के ढांचे को उड़ा देंगे।'
👉अंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे। 6 दिसंबर 1956 को उनकी मृत्यु दिल्ली में नींद के दौरान उनके घर में हो गई। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
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