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जिला जयपुर ग्रमीण ओर जालौर जिला का फाइनल रिजल्ट
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5_6323267057529914008.pdf
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जैसलमेर जिला का फाइनल रिजल्ट
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जोधपुर कमिश्नरेट का फाइनल रिजल्ट
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14 वी बटालियन का फाइनल रिजल्ट
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5_6325518857343599332(1).pdf
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हाडी रानी महिला बटालियन का फाइनल रिजल्ट
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4 battalion परिणाम रद्द
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जिला पाली का फाइनल रिजल्ट
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राजस्थान इतिहास के प्रणेता कहे जाते हैं ?
Anonymous Quiz
73%
कर्नल टॉड
18%
हेरोडोटस
9%
जार्ज टामस
1%
इनमें से कोई नहीं
👍1👌1
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12 RAC NEW देहली बटालियन का फाइनल रिजल्ट
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विश्व हीमोफीलिया दिवस (World Hemophilia Day) : 17 अप्रैल
उद्देश्य :
• इस दुर्लभ रोग के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना।
शुरुआत :
• 17 अप्रैल,1989 को वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया (WFH) ने, संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल (Frank Schnabel's) के सम्मान में उनके जन्मदिवस को विश्व हीमोफीलिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी और 17 अप्रैल,1990 को यह दिवस पहली बार मनाया गया।
क्या है हीमोफीलिया :
• यह एक दुर्लभ आनुवांशिक रक्तस्राव विकार है जिसमें रक्त का थक्का ठीक से नहीं बन पाने के कारण व्यक्ति को चोट लगने पर रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग) लम्बे समय तक रुकता नहीं है। ऐसा क्लॉटिंग फैक्टर्स नामक एक प्रोटीन की कमी के कारण होता है। इसके अलावा इसमें आंतरिक रक्तस्त्राव का भी खतरा बना रहता है।
पहचान :
• इस वंशानुगत रोग की पहचान जेनेटिक टेस्टिंग द्वारा की जाती है। हीमोफीलिया से ग्रसित मरीजों के लिए यह टेस्ट काफी विश्वसनीय माना जाता है।
क्या उपचार संभव है ?
• जीन थेरेपी के जरिए इस रोग का ईलाज किया जाता है जिसकी दवा हाल ही में रोगियों पर असरकारक सिद्ध हुई है।
• सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, "हीमोफीलिया का इलाज मिसिंग ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर को हटाकर किया जा सकता है।" इसके अलावा इसके उपचार में इंजेक्शन का सहारा भी लिया जाता है। यह एक मेडिकल प्रक्रिया है जो डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में पूरी होती है।
उद्देश्य :
• इस दुर्लभ रोग के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना।
शुरुआत :
• 17 अप्रैल,1989 को वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया (WFH) ने, संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल (Frank Schnabel's) के सम्मान में उनके जन्मदिवस को विश्व हीमोफीलिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी और 17 अप्रैल,1990 को यह दिवस पहली बार मनाया गया।
क्या है हीमोफीलिया :
• यह एक दुर्लभ आनुवांशिक रक्तस्राव विकार है जिसमें रक्त का थक्का ठीक से नहीं बन पाने के कारण व्यक्ति को चोट लगने पर रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग) लम्बे समय तक रुकता नहीं है। ऐसा क्लॉटिंग फैक्टर्स नामक एक प्रोटीन की कमी के कारण होता है। इसके अलावा इसमें आंतरिक रक्तस्त्राव का भी खतरा बना रहता है।
पहचान :
• इस वंशानुगत रोग की पहचान जेनेटिक टेस्टिंग द्वारा की जाती है। हीमोफीलिया से ग्रसित मरीजों के लिए यह टेस्ट काफी विश्वसनीय माना जाता है।
क्या उपचार संभव है ?
• जीन थेरेपी के जरिए इस रोग का ईलाज किया जाता है जिसकी दवा हाल ही में रोगियों पर असरकारक सिद्ध हुई है।
• सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, "हीमोफीलिया का इलाज मिसिंग ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर को हटाकर किया जा सकता है।" इसके अलावा इसके उपचार में इंजेक्शन का सहारा भी लिया जाता है। यह एक मेडिकल प्रक्रिया है जो डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में पूरी होती है।
✍️जीरो से हीरो वाली क्लास✍️
🔰 पटवार ,वनरक्षक, वनपाल, SI , SSC GD, BSTC, PTET हेतु महत्वपूर्ण क्लास 🔰
🔹Classification। वर्गीकरण। (भाग-2) REASONING। । BY SUSHIL CHOUHAN SIR 🔹
👉 आज 11:00 AM पर
👉अब एक भी प्रश्न गलत नही होगा
LIVE CLASS LINK:- https://youtu.be/TmZ53o-7s38
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Bikaner Constable Bharti 2019 Final Result.pdf
4.6 MB
जिला बीकानेर का फाइनल रिजल्ट
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विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day)
हज़ारों वर्षों से मानव सभ्यता की विभिन्न विरासतें हमारे जीने के तरीकों का बखान करती आई हैं। प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर (विरासत) दिवस स्मारकों, ऐतिहासिक स्थलों और उनसे जुड़ी समृद्ध विरासत के संरक्षण प्रयासों के प्रति समर्पण भाव से मनाया जाता है।
उद्देश्य :
• सांस्कृतिक विरासत की विविधता के महत्व के सम्बन्ध में जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए इन्हें संरक्षित करने हेतु इस दिवस का अपना महत्व है।
शुरुआत :
• वर्ष 1982 में स्मारक और ऐतिहासिक स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ICOMOS) के प्रयासों को मान्यता देने व वैश्विक धरोहर स्थलों के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अंततः यूनेस्को ने अपने 22 वें आम सम्मेलन के दौरान दिए गए सुझाव को स्वीकार किया और हर वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाने की आधिकारिक घोषणा की।
स्मारक और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ICOMOS) :
• 18 अप्रैल 1965 में International Council on Monuments and Sites (ICOMOS) नामक इस गैर-सरकारी संगठन की स्थापना वेनिस के चार्टर को अपनाने के बाद की गई थी। जिसका कार्य दुनिया भर में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का संरक्षण करना है।
• वेनिस चार्टर को 1964 के अंतर्राष्ट्रीय चार्टर के रूप में भी जाना जाता है जो कि स्मारकों व ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण तथा पुनर्स्थापना पर आधारित है।
• सर्वप्रथम 1931 के एथेंस चार्टर ने अंतर्राष्ट्रीय विरासत की अवधारणा को पेश किया था।
हज़ारों वर्षों से मानव सभ्यता की विभिन्न विरासतें हमारे जीने के तरीकों का बखान करती आई हैं। प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर (विरासत) दिवस स्मारकों, ऐतिहासिक स्थलों और उनसे जुड़ी समृद्ध विरासत के संरक्षण प्रयासों के प्रति समर्पण भाव से मनाया जाता है।
उद्देश्य :
• सांस्कृतिक विरासत की विविधता के महत्व के सम्बन्ध में जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए इन्हें संरक्षित करने हेतु इस दिवस का अपना महत्व है।
शुरुआत :
• वर्ष 1982 में स्मारक और ऐतिहासिक स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ICOMOS) के प्रयासों को मान्यता देने व वैश्विक धरोहर स्थलों के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अंततः यूनेस्को ने अपने 22 वें आम सम्मेलन के दौरान दिए गए सुझाव को स्वीकार किया और हर वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाने की आधिकारिक घोषणा की।
स्मारक और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ICOMOS) :
• 18 अप्रैल 1965 में International Council on Monuments and Sites (ICOMOS) नामक इस गैर-सरकारी संगठन की स्थापना वेनिस के चार्टर को अपनाने के बाद की गई थी। जिसका कार्य दुनिया भर में सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का संरक्षण करना है।
• वेनिस चार्टर को 1964 के अंतर्राष्ट्रीय चार्टर के रूप में भी जाना जाता है जो कि स्मारकों व ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण तथा पुनर्स्थापना पर आधारित है।
• सर्वप्रथम 1931 के एथेंस चार्टर ने अंतर्राष्ट्रीय विरासत की अवधारणा को पेश किया था।