*कृपया 2 मिनट निकाल कर इसे पढ़ने का और विचार करने का कष्ट करें...*
*युवा अंधकार की ओर...*
कुछ साल पहले तक
#सीकर_चुरू_झुझुनू_जोधपुर_नागौर_बाड़मेर_जैसलमेर_जालोर_पाली_सिरोही_बीकानेर क्षेत्र के युवा अपने परिवार, समाज और क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रख अपने कैरियर के लिए कड़ी मेहनत किया करते थे.
पर इन 4-5 सालों से पता नहीं किन लोगों व अपसंस्कृति के प्रभाव में आकर चकाचौंध की कृत्रिम दुनिया में खोते जा रहे हैं । सबसे ज्यादा असर पड़ा है सोशल मीडिया नेटवर्किंग का। जिन भाइयों को पढ़ाई, कोचिंग, भर्ती, कम्पीटिशन पर फोकस करना चाहिए वे फेसबुक पर नई नई स्टोरी लगाने, वाट्सएप पर स्टेटस लगाने,नए लुक में अपडेट होने, हरियाणवी लहजे में डॉन बनने, साथियों का एक ग्रुप बनाकर गैंगस्टर टाईप छवि बनाने, तेज स्पीड में बाइक चलाने, सारे दिन पब्जी खेलने, टिक-टोक के दीवाने, होटल मिडवे पर जाकर बर्थडे सेलिब्रेशन, रोड़ किनारे बैठकर बीयर पीने, शराब ठेकों पर झगड़ा करने, अपने पथभ्रष्ट साथियों के साथ मिल कर हथियारों के साथ फोटो अपडेट करना, बुलेट गेटवे स्कॉर्पियो केम्पर के साथ स्टंट करना, अपने आप को पोलिटिकल किंग मेकर समझने, उधारी के पैसों से गांजा, चरस, स्मेक, अफीम, डोडा, दारू पीने, सिगरेट फूंकने, हथियार लहराने का शौक रखने, इत्यादि इत्यादि ....
और इनमें से अधिकांशतया ग्रामीण पृष्ठभूमि के निम्न मध्यम वर्गीय किसान परिवारों के बच्चे हैं, जिन से उनके परिजन उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद रख रहे हैं ।
परंतु ये डीजे के डांसर अलग ही दुनिया में जा रहे हैं । यदि उनके परिवार वालों ने समय रहते इनको नहीं रोका तो इनका भविष्य अंधकार में हो जायेगा...ये दिग्भ्रमित लोग सीधे सरकार से टकराने की बात करतें हैं, पुलिस से हमेशा अपने को सुपर समझते हैं। यदि इसी तरह नशे में चूर रहे और समय रहते परिवारजनों तथा समाज के प्रबुद्ध जनों ने ध्यान नहीं दिया तो इसका परिणाम बहुत बुरा होगा ।
दरअसल, वैसे यह कल्चर कमोबेश हर क्षेत्र में बढ़ती जा रही है और इसके पीछे कुछेक मुख्य कारण जो है उनमें से कुछ इस प्रकार हैं ।
*पहला* चमक-दमक, अपने आप को सुपर बताने और दिखाने का आकर्षण । हरियाणा-पंजाब जैसे सम्पन्न प्रदेश के युवा अगर कुछ कर रहे हैं तो वो पहले से ही सम्पन्न हैं, हालाँकि उन प्रदेशों में भी बहुत से युवा अपराध के अंधकार भरे रास्तों की ओर जाने-अनजाने बढ़ रहे हैं...सम्पन्न होने के बावजूद भी इन इलाकों से भी नैतिक/सांस्कृतिक गिरावट की बातें सुनने में आ रही हैं...परन्तु हमारे यहां के युवा, खासकर जो अभी-अभी यौवन की ओर बढ़ रहे हैं, उनके हाथों में एंड्रॉयड फोन आते ही वो हरियाणा के लठेतों को, और उनके फेसबुकिया ठाठ को देखकर बहुत जल्दी वैसे ही दिखने बनने की दिशा में चल निकलते हैं ।
*दूसरा* कारण लोकल राजनीति भी इस खेल में बहुत ज्यादा जिम्मेदार है । आजकल के चुनावी सीजन में हर नेता को इन फेसबुकिया युवाओं की टीम चाहिए, जो 5-7 गाड़ियों में भरकर जिंदाबाद के नारे लगाते रहें, इसके बदले हर रात उन्हें चुनाव के दौरान फ्री की शराब और खाने-पीने की सुविधा मिल जाती है; ऐसे माहौल में ये नासमझ उन नेताओं को अपना गॉडफादर समझने लग जाते हैं और नेताजी का भविष्य तो सुरक्षित पर खुद इनका भविष्य चौपट ।
*तीसरा* परिवार व समाज की अनदेखी और निष्क्रियता....आज समाज और परिवारों में इतना विखंडन बढ़ गया कि अगर पता भी चल जाता है कि कोई गलत दिशा में जा रहा है तो भी हम कोई कदम नही उठा पाते । इसका एक कारण बुरा बनने से बचने की भावना भी है । पहले गांव में कोई बदमाशी करता तो उसे गांव के दूसरे लोग ही टोक देते थे, पर अब कोई किसी को नहीं टोकता; और टोके भी कैसे, बेचारे की उसी की बेइज्जती कर दें। परिवार वालों की सुनते नही, ऐसे में "कोई कुएं में पड़े और भाड़ में जाएं" की मनोवृत्ति धीरे धीरे जड़ें मजबूत करती जा रही है ।
इस प्रकार ये भटके जीव हो जाते हैं अविवेकी और कुंठित, गुस्सा इनके नाक पर, कोई कुछ बोल दे तो मरने मारने को तैयार, शौक पूरे करने के लिए हर हद तक जाने को तैयार । बढ़ते नशे के प्रचलन, अवैध हथियारों के शौक, इश्कबाजी और गैंग्स प्रवृत्ति ने हमारे क्षेत्र के बहुत से युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल दिया है ।
अपराध संबंधी घटनाएं दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं; आने वाले समय मे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बार बार हो सकती है । अभी समय है हमारे पास कि हम सचेत और जागरूक होकर इस बर्बादी के रास्ते पर अंकुश लगा सकें । इसके लिए समाज के सभी जिम्मेदार नागरिकों को, हर पार्टी दल के राजनैतिक व्यक्तियों को, प्रबुद्धजनों को, प्रशासन को सबको जागरूक होकर उचित कदम उठाने होंगे, नहीं तो हमारा युवा वर्ग नकारात्मक मार्ग पर इतना आगे बढ़ जाएगा कि पछतावे के अलावा कुछ नहीं होगा ।
*युवा अंधकार की ओर...*
कुछ साल पहले तक
#सीकर_चुरू_झुझुनू_जोधपुर_नागौर_बाड़मेर_जैसलमेर_जालोर_पाली_सिरोही_बीकानेर क्षेत्र के युवा अपने परिवार, समाज और क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रख अपने कैरियर के लिए कड़ी मेहनत किया करते थे.
पर इन 4-5 सालों से पता नहीं किन लोगों व अपसंस्कृति के प्रभाव में आकर चकाचौंध की कृत्रिम दुनिया में खोते जा रहे हैं । सबसे ज्यादा असर पड़ा है सोशल मीडिया नेटवर्किंग का। जिन भाइयों को पढ़ाई, कोचिंग, भर्ती, कम्पीटिशन पर फोकस करना चाहिए वे फेसबुक पर नई नई स्टोरी लगाने, वाट्सएप पर स्टेटस लगाने,नए लुक में अपडेट होने, हरियाणवी लहजे में डॉन बनने, साथियों का एक ग्रुप बनाकर गैंगस्टर टाईप छवि बनाने, तेज स्पीड में बाइक चलाने, सारे दिन पब्जी खेलने, टिक-टोक के दीवाने, होटल मिडवे पर जाकर बर्थडे सेलिब्रेशन, रोड़ किनारे बैठकर बीयर पीने, शराब ठेकों पर झगड़ा करने, अपने पथभ्रष्ट साथियों के साथ मिल कर हथियारों के साथ फोटो अपडेट करना, बुलेट गेटवे स्कॉर्पियो केम्पर के साथ स्टंट करना, अपने आप को पोलिटिकल किंग मेकर समझने, उधारी के पैसों से गांजा, चरस, स्मेक, अफीम, डोडा, दारू पीने, सिगरेट फूंकने, हथियार लहराने का शौक रखने, इत्यादि इत्यादि ....
और इनमें से अधिकांशतया ग्रामीण पृष्ठभूमि के निम्न मध्यम वर्गीय किसान परिवारों के बच्चे हैं, जिन से उनके परिजन उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद रख रहे हैं ।
परंतु ये डीजे के डांसर अलग ही दुनिया में जा रहे हैं । यदि उनके परिवार वालों ने समय रहते इनको नहीं रोका तो इनका भविष्य अंधकार में हो जायेगा...ये दिग्भ्रमित लोग सीधे सरकार से टकराने की बात करतें हैं, पुलिस से हमेशा अपने को सुपर समझते हैं। यदि इसी तरह नशे में चूर रहे और समय रहते परिवारजनों तथा समाज के प्रबुद्ध जनों ने ध्यान नहीं दिया तो इसका परिणाम बहुत बुरा होगा ।
दरअसल, वैसे यह कल्चर कमोबेश हर क्षेत्र में बढ़ती जा रही है और इसके पीछे कुछेक मुख्य कारण जो है उनमें से कुछ इस प्रकार हैं ।
*पहला* चमक-दमक, अपने आप को सुपर बताने और दिखाने का आकर्षण । हरियाणा-पंजाब जैसे सम्पन्न प्रदेश के युवा अगर कुछ कर रहे हैं तो वो पहले से ही सम्पन्न हैं, हालाँकि उन प्रदेशों में भी बहुत से युवा अपराध के अंधकार भरे रास्तों की ओर जाने-अनजाने बढ़ रहे हैं...सम्पन्न होने के बावजूद भी इन इलाकों से भी नैतिक/सांस्कृतिक गिरावट की बातें सुनने में आ रही हैं...परन्तु हमारे यहां के युवा, खासकर जो अभी-अभी यौवन की ओर बढ़ रहे हैं, उनके हाथों में एंड्रॉयड फोन आते ही वो हरियाणा के लठेतों को, और उनके फेसबुकिया ठाठ को देखकर बहुत जल्दी वैसे ही दिखने बनने की दिशा में चल निकलते हैं ।
*दूसरा* कारण लोकल राजनीति भी इस खेल में बहुत ज्यादा जिम्मेदार है । आजकल के चुनावी सीजन में हर नेता को इन फेसबुकिया युवाओं की टीम चाहिए, जो 5-7 गाड़ियों में भरकर जिंदाबाद के नारे लगाते रहें, इसके बदले हर रात उन्हें चुनाव के दौरान फ्री की शराब और खाने-पीने की सुविधा मिल जाती है; ऐसे माहौल में ये नासमझ उन नेताओं को अपना गॉडफादर समझने लग जाते हैं और नेताजी का भविष्य तो सुरक्षित पर खुद इनका भविष्य चौपट ।
*तीसरा* परिवार व समाज की अनदेखी और निष्क्रियता....आज समाज और परिवारों में इतना विखंडन बढ़ गया कि अगर पता भी चल जाता है कि कोई गलत दिशा में जा रहा है तो भी हम कोई कदम नही उठा पाते । इसका एक कारण बुरा बनने से बचने की भावना भी है । पहले गांव में कोई बदमाशी करता तो उसे गांव के दूसरे लोग ही टोक देते थे, पर अब कोई किसी को नहीं टोकता; और टोके भी कैसे, बेचारे की उसी की बेइज्जती कर दें। परिवार वालों की सुनते नही, ऐसे में "कोई कुएं में पड़े और भाड़ में जाएं" की मनोवृत्ति धीरे धीरे जड़ें मजबूत करती जा रही है ।
इस प्रकार ये भटके जीव हो जाते हैं अविवेकी और कुंठित, गुस्सा इनके नाक पर, कोई कुछ बोल दे तो मरने मारने को तैयार, शौक पूरे करने के लिए हर हद तक जाने को तैयार । बढ़ते नशे के प्रचलन, अवैध हथियारों के शौक, इश्कबाजी और गैंग्स प्रवृत्ति ने हमारे क्षेत्र के बहुत से युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल दिया है ।
अपराध संबंधी घटनाएं दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं; आने वाले समय मे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बार बार हो सकती है । अभी समय है हमारे पास कि हम सचेत और जागरूक होकर इस बर्बादी के रास्ते पर अंकुश लगा सकें । इसके लिए समाज के सभी जिम्मेदार नागरिकों को, हर पार्टी दल के राजनैतिक व्यक्तियों को, प्रबुद्धजनों को, प्रशासन को सबको जागरूक होकर उचित कदम उठाने होंगे, नहीं तो हमारा युवा वर्ग नकारात्मक मार्ग पर इतना आगे बढ़ जाएगा कि पछतावे के अलावा कुछ नहीं होगा ।
समाज के प्रत्येक जागरूक व संजीदा व्यक्ति से विशेष आग्रह है कि इस पोस्ट को आगे से आगे शेयर करें; जनजागृति चलाएं और यदि इस तरह का कोई युवा आपको भटका हुआ मिल जाता है तो उसको समझा करके पुनः सामाजिक सरोकार के अंदर जोड़ना है...यदि आपने अपने प्रयास से किसी एक युवा को भी समाज की मुख्यधारा में अपने जोड़ दिया तो यह अपने आप में समाज और मानवता की एक बहुत बड़ी सेवा हो जाएगी ।
*ये युवा परिवार/समाज और देश का भविष्य हैं,*
*हो सके तो इनको बचा लो, कहीं देर ना हो जाये !*
विजय रोझ इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस
*ये युवा परिवार/समाज और देश का भविष्य हैं,*
*हो सके तो इनको बचा लो, कहीं देर ना हो जाये !*
विजय रोझ इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस
👍1
कर्णभूषण और काव्य डाकिनी नामक ग्रंथ है ।
Anonymous Quiz
31%
चिंतामणि भट्ट
41%
राव कर्णसिंह
19%
मुहनोत नैंसी
10%
गंगानंद मैथिल
" हरित राजस्थान " कार्यक्रम का संबंध किससे है ।
Anonymous Quiz
33%
कृषि विकास
57%
वृक्षारोपण
8%
जल संरक्षण
2%
पशुधन
राजस्थान की किस जनजाति में "उदरिया पंथ" की मान्यता है।
Anonymous Quiz
29%
भील जनजाति में
42%
कथोड़ी जनजाति में
18%
मीणा जनजाति में
11%
सहरिया जनजाति में
"इकतीसंदा" रुपया राजस्थान की कौनसी टकसाल में बनता था ।
Anonymous Quiz
21%
जोधपुर
31%
सोजत
42%
कुचामन
6%
मेड़ता
निम्नलिखित में से किस उत्खनन स्थल से चांदी की मुद्रा "पंचमार्क" प्राप्त हुई है
Anonymous Quiz
16%
कालीबंगा
31%
गणेश्वर
35%
आहड
19%
बेराठ
निम्नलिखित में से कौन सा चित्रकार अलवर शैली की चित्रकला से संबंधित नहीं है ।
Anonymous Quiz
20%
जमुनादास
33%
नानकराम
26%
नंदराम
21%
बक्साराम
भरतपुर में सिमको वैगन फैक्ट्री की स्थापना कब हुई ?
Anonymous Quiz
16%
1952
43%
1961
32%
1957
9%
1965
20 वीं पशुगणना की शुरुआत कब हुई ।
Anonymous Quiz
16%
1 अक्टूबर , 2018
30%
1 अक्टूबर ,2017
41%
1 अक्टूबर ,2019
14%
1 अक्टूबर ,2020
😁1
वर्ष 2012 की पशुगणना के सापेक्ष वर्ष 2019 में कुल पशु संपदा में कितने प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
Anonymous Quiz
21%
1.68 %
28%
1.70 %
43%
1.66 %
8%
3.82 %
👍1
कोटा रियासत में लड़कियों के क्रय विक्रय पर कौन सा कर वसूला जाता था।
Anonymous Quiz
12%
लगान
36%
कुरब
31%
डाण
22%
चोथान
विश्व के प्रमुख पठार
💐ब्राजील के पठार : दक्षिण अमेरिका के मध्य पूर्वी भाग में यह पठार स्थित है। इसका आकार त्रिभजाकार रूप में हैं।
💐तिब्बत का पठार : यह पठार हिमालय के उत्तर और क्यूनलुन पर्वत के दक्षिण में 4000 से 5000 मीटर तक कि ऊँचाई पर स्थित हैं।
💐कोलंबिया का पठार : यह पठार सयुंक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन ,ऑरगन और इडाहो राज्यों के मध्य स्थित हैं। इसका क्षेत्रफल लगभग 4,62,500 वर्ग किमी हैं।
💐मैक्सिको का पठार : यह पठार पूर्वी सियारामाद्रे और पश्चिम सियारामाद्रे पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित हैं।
💐ग्रीनलैंड का पठार : अन्ध महासागर या अटलांटिक महासागर के उत्तरी भाग में लगभग 21,75600 वर्ग किमी क्षेत्रफल में हिम से ढका हुआ विशाल पठार हैं।
💐अलास्का का पठार : इस पठार का निर्माण युकन और उसकी सहायक नदी के द्वारा हुआ हैं। इसलिए इसे युकन का पठार भी कहा जाता हैं।
💐बोलिविया का पठार : यह पठार बोलिविया के एण्डीज पर्वतमाला में फैला हुआ हैं। यह पठार 800 किमी लम्बा और 128 किमी चौड़ा और इसकी ऊँचाई लगभग 3,110 मीटर है।
💐कोलोरेडो का पठार : यह पठार ग्रेट बेसिन में दक्षिण में स्थित है और इसका विस्तार एरीजोना व यूटाह राज्यों में हैं।
💐ग्रेट बेसिन का पठार : यह पठार कोलंबिया के दक्षिण में कोलोरेडो और कोलंबिया नदी के मध्य 5,25000 वर्ग किमी में फैला हैं।
💐अरब के पठार : यह पठार एशिया महाद्वीप के दक्षिण-पश्चिम में स्थित हैं। इसके पूर्व में फ़ारस की खाड़ी ,पश्चिम में लाल सागर , उत्तर-पश्चिम में भूमध्य सागर और दक्षिण में अरब सागर हैं।
💐ईरान का पठार : इस पठार को एशिया माइनर का पठार भी कहते हैं जिसकी ऊँचाई 900 से 1500 मीटर के बीच हैं।
💐टर्की का पठार : यह टर्की के एंटीक व टॉरस श्रेणियों के मध्य स्थित हैं। इसकी औसत ऊँचाई 800 मीटर है। इसे अनातोलिया का पठार भी कहते हैं।
💐दक्कन का पठार : यह पठार दक्षिण भारत मे स्थित है जो तीनों तरफ से पर्वत-श्रेणियों से घिरा हुआ हैं।
💐मेडागास्कर का पठार : यह पठार मेडागास्कर द्वीप में स्थित है जो अफ्रीका के दक्षिणी-पूर्व हिन्द महासागर में स्थित हैं।
💐मेसेटा का पठार : यह पठार स्पेन के आइबेरियन प्रायद्वीप पर मेसेटा का पठार स्थित हैं जिसकी औसत ऊँचाई 610 मीटर हैं।
💐ऑस्ट्रेलिया के पठार : यह पठार ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के पश्चिमी भाग में स्थित हैं। इस पठार का दक्षिण भाग मरुस्थलीय हैं। इस पठार की औसत ऊँचाई 180 मीटर से 600 मीटर के मध्य है।
💐इंडो-चीन का पठार : यह पठार दक्षिण एशिया के पूर्वी प्रायद्वीप में स्थित हैं। जहां से सिकांग,मीकांग,मीनाम सालविन आदि नदियाँ प्रवाहित होती हैं।
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💐ब्राजील के पठार : दक्षिण अमेरिका के मध्य पूर्वी भाग में यह पठार स्थित है। इसका आकार त्रिभजाकार रूप में हैं।
💐तिब्बत का पठार : यह पठार हिमालय के उत्तर और क्यूनलुन पर्वत के दक्षिण में 4000 से 5000 मीटर तक कि ऊँचाई पर स्थित हैं।
💐कोलंबिया का पठार : यह पठार सयुंक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन ,ऑरगन और इडाहो राज्यों के मध्य स्थित हैं। इसका क्षेत्रफल लगभग 4,62,500 वर्ग किमी हैं।
💐मैक्सिको का पठार : यह पठार पूर्वी सियारामाद्रे और पश्चिम सियारामाद्रे पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित हैं।
💐ग्रीनलैंड का पठार : अन्ध महासागर या अटलांटिक महासागर के उत्तरी भाग में लगभग 21,75600 वर्ग किमी क्षेत्रफल में हिम से ढका हुआ विशाल पठार हैं।
💐अलास्का का पठार : इस पठार का निर्माण युकन और उसकी सहायक नदी के द्वारा हुआ हैं। इसलिए इसे युकन का पठार भी कहा जाता हैं।
💐बोलिविया का पठार : यह पठार बोलिविया के एण्डीज पर्वतमाला में फैला हुआ हैं। यह पठार 800 किमी लम्बा और 128 किमी चौड़ा और इसकी ऊँचाई लगभग 3,110 मीटर है।
💐कोलोरेडो का पठार : यह पठार ग्रेट बेसिन में दक्षिण में स्थित है और इसका विस्तार एरीजोना व यूटाह राज्यों में हैं।
💐ग्रेट बेसिन का पठार : यह पठार कोलंबिया के दक्षिण में कोलोरेडो और कोलंबिया नदी के मध्य 5,25000 वर्ग किमी में फैला हैं।
💐अरब के पठार : यह पठार एशिया महाद्वीप के दक्षिण-पश्चिम में स्थित हैं। इसके पूर्व में फ़ारस की खाड़ी ,पश्चिम में लाल सागर , उत्तर-पश्चिम में भूमध्य सागर और दक्षिण में अरब सागर हैं।
💐ईरान का पठार : इस पठार को एशिया माइनर का पठार भी कहते हैं जिसकी ऊँचाई 900 से 1500 मीटर के बीच हैं।
💐टर्की का पठार : यह टर्की के एंटीक व टॉरस श्रेणियों के मध्य स्थित हैं। इसकी औसत ऊँचाई 800 मीटर है। इसे अनातोलिया का पठार भी कहते हैं।
💐दक्कन का पठार : यह पठार दक्षिण भारत मे स्थित है जो तीनों तरफ से पर्वत-श्रेणियों से घिरा हुआ हैं।
💐मेडागास्कर का पठार : यह पठार मेडागास्कर द्वीप में स्थित है जो अफ्रीका के दक्षिणी-पूर्व हिन्द महासागर में स्थित हैं।
💐मेसेटा का पठार : यह पठार स्पेन के आइबेरियन प्रायद्वीप पर मेसेटा का पठार स्थित हैं जिसकी औसत ऊँचाई 610 मीटर हैं।
💐ऑस्ट्रेलिया के पठार : यह पठार ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के पश्चिमी भाग में स्थित हैं। इस पठार का दक्षिण भाग मरुस्थलीय हैं। इस पठार की औसत ऊँचाई 180 मीटर से 600 मीटर के मध्य है।
💐इंडो-चीन का पठार : यह पठार दक्षिण एशिया के पूर्वी प्रायद्वीप में स्थित हैं। जहां से सिकांग,मीकांग,मीनाम सालविन आदि नदियाँ प्रवाहित होती हैं।
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बुरे आचरण वाला - दुराचारी
गगन (आकाश) चूमने वाला - गगनचुम्बी
घुलने योग्य पदार्थ - घुलनशील
पति-पत्नी का जोड़ा - दम्पति
चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग - टापू
जिसके आने की तिथि न हो - अतिथि
चिंता में डूबा हुआ - चिंतित
घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला - घूसखोर/रिश्वतखोर
मांस खाने वाला - मांसाहारी
जिसका कोई न हो - अनाथ
जिसका कोई शत्रु न हो - अजातशत्रु
गंगा का पुत्र - गांगेय
जिसका कोई संतान न हो - निसंतान
छिपे वेश में रहना - छद्मवेश
जो कभी न मरे - अमर
सप्ताह में एक बार होने वाला - साप्ताहिक
जो पढ़ा -लिखा न हो - अनपढ़
छूत से फैलने वाला रोग - संक्रामक
जिसमे रस न हो - नीरस
जो मापा न जा सके - अपरिमेय
अचानक हो जाने वाला- आकस्मिक
जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो - अध्यादेश
जो कानून के विरुद्ध हो - अवैध
जो दिखाई न दे - अदृश्य
तप करने वाला - तपस्वी
जिसके ह्रदय में दया हो - दयावान
जो पुरुष कविता रचता है - कवि
जो स्त्री कविता रचती है - कवियित्री
जिसका पति जीवित हो - सधवा
चारों ओर की सीमा - चौहदी
जिसमे रस हो - सरस
जो चित्र बनाता हो - चित्रकार
घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला - फेरीवाला
भलाई चाहने वाला - हितैषी
जानने की इच्छा रखने वाला - जिज्ञासु
हमेशा सत्य बोलने वाला - सत्यवादी
दूसरों की बातों में दखल देना - हस्तक्षेप
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला - पाक्षिक
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला - अवसरवादी
जो दो भाषाएँ जानता हो - दुभाषिया
जिसमे सहन शक्ति हो - सहिष्णु
खाने योग्य पदार्थ - खाद्य
विद्या की चाह रखने वाला - विद्यार्थी
जिसमे धैर्य न हो - अधीर
दिल से होने वाला - हार्दिक
जिस पर विश्वास न किया जा सके - अविश्वनीय
चार राहों वाला - चौराहा
जिसमे दया न हो - निर्दय
जिसके समान दूसरा न हो - अनुपम
अपने देश से दुसरे देश में समान जाना - निर्यात
चार वेदों को जानने वाला - चतुर्वेदी
जो आँखों के सामने हो - प्रत्यक्ष
दूर की सोचने वाला - दूरदर्शी
आज्ञा का पालन करने वाला - आज्ञाकारी
जो दूसरों पर अत्याचार करें - अत्याचारी
जो देखने योग्य हो - दर्शनीय
दुसरे देश से अपने देश में समान आना - आयात
जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य
चार मुखों वाला - चतुरानन
जो कभी नष्ट न हो - अनश्वर
जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो - दीर्घायु
जिसे कोई जीत न सके - अजेय
जो कठिनाई से प्राप्त हो - दुर्लभ
जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज - जनतंत्र
झूठ बोलने वाला - झूठा
अपनी हत्या स्वयं करना - आत्महत्या
जिसका कोई भय न हो - निर्भय
जिसे दंड का भय न हो - उदंड
जो अभी - अभी पैदा हुआ हो - नवजात
जिसका अंत न हो - अनन्त
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो - कुलीन
दूसरों पर उपकार करने वाला - उपकारी
जिसे जीता न जा सके - अजेय
जिस भूमि पर कुछ न उग सके - ऊसर, बंजर
जो धर्म का काम करे - धर्मात्मा
जो क्षमा के योग्य हो - क्षम्य
जिसकी तीन भुजाएँ हो - त्रिभुज
कुछ दिनों तक बने रहना वाला - टिकाऊ
जिसके नीचे रेखा हो - रेखांकित
जहाँ जाना संभव न हो - अगम
जिसके पास कोई रोजगार न हो - बेरोजगार
जिसमे शक्ति न हो - अशक्त
जो आँखों के सामने न हो - अप्रत्यक्ष
जल में रहने वाला - जलचर
वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो - ज्वालामुखी
जिसे क्षमा न किया जा सके - अक्षम्य
जिसका विश्वास न किया जा सके - अविश्वसनीय
तीनों लोकों का स्वामी - त्रिलोकी
जो नष्ट न होने वाला हो - अविनाशी
जिसे देखकर डर (भय) लगे - डरावना, भयानक
जो पहले न पढ़ा हो - अपठित
जिसका मूल्य न आँका जा सके - अमूल्य
कम जानने वाला - अल्पज्ञ
जो परिचित न हो - अपरिचित
जो कुछ न करता हो - अकर्मण्य
जो पुत्र गोद लिया हो - दत्तक
जो दिखाई न दे - अदृश्य
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जिसका कोई संतान न हो - निसंतान
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जो कभी न मरे - अमर
सप्ताह में एक बार होने वाला - साप्ताहिक
जो पढ़ा -लिखा न हो - अनपढ़
छूत से फैलने वाला रोग - संक्रामक
जिसमे रस न हो - नीरस
जो मापा न जा सके - अपरिमेय
अचानक हो जाने वाला- आकस्मिक
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जो कानून के विरुद्ध हो - अवैध
जो दिखाई न दे - अदृश्य
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जिसके ह्रदय में दया हो - दयावान
जो पुरुष कविता रचता है - कवि
जो स्त्री कविता रचती है - कवियित्री
जिसका पति जीवित हो - सधवा
चारों ओर की सीमा - चौहदी
जिसमे रस हो - सरस
जो चित्र बनाता हो - चित्रकार
घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला - फेरीवाला
भलाई चाहने वाला - हितैषी
जानने की इच्छा रखने वाला - जिज्ञासु
हमेशा सत्य बोलने वाला - सत्यवादी
दूसरों की बातों में दखल देना - हस्तक्षेप
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला - पाक्षिक
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला - अवसरवादी
जो दो भाषाएँ जानता हो - दुभाषिया
जिसमे सहन शक्ति हो - सहिष्णु
खाने योग्य पदार्थ - खाद्य
विद्या की चाह रखने वाला - विद्यार्थी
जिसमे धैर्य न हो - अधीर
दिल से होने वाला - हार्दिक
जिस पर विश्वास न किया जा सके - अविश्वनीय
चार राहों वाला - चौराहा
जिसमे दया न हो - निर्दय
जिसके समान दूसरा न हो - अनुपम
अपने देश से दुसरे देश में समान जाना - निर्यात
चार वेदों को जानने वाला - चतुर्वेदी
जो आँखों के सामने हो - प्रत्यक्ष
दूर की सोचने वाला - दूरदर्शी
आज्ञा का पालन करने वाला - आज्ञाकारी
जो दूसरों पर अत्याचार करें - अत्याचारी
जो देखने योग्य हो - दर्शनीय
दुसरे देश से अपने देश में समान आना - आयात
जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य
चार मुखों वाला - चतुरानन
जो कभी नष्ट न हो - अनश्वर
जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो - दीर्घायु
जिसे कोई जीत न सके - अजेय
जो कठिनाई से प्राप्त हो - दुर्लभ
जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज - जनतंत्र
झूठ बोलने वाला - झूठा
अपनी हत्या स्वयं करना - आत्महत्या
जिसका कोई भय न हो - निर्भय
जिसे दंड का भय न हो - उदंड
जो अभी - अभी पैदा हुआ हो - नवजात
जिसका अंत न हो - अनन्त
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो - कुलीन
दूसरों पर उपकार करने वाला - उपकारी
जिसे जीता न जा सके - अजेय
जिस भूमि पर कुछ न उग सके - ऊसर, बंजर
जो धर्म का काम करे - धर्मात्मा
जो क्षमा के योग्य हो - क्षम्य
जिसकी तीन भुजाएँ हो - त्रिभुज
कुछ दिनों तक बने रहना वाला - टिकाऊ
जिसके नीचे रेखा हो - रेखांकित
जहाँ जाना संभव न हो - अगम
जिसके पास कोई रोजगार न हो - बेरोजगार
जिसमे शक्ति न हो - अशक्त
जो आँखों के सामने न हो - अप्रत्यक्ष
जल में रहने वाला - जलचर
वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो - ज्वालामुखी
जिसे क्षमा न किया जा सके - अक्षम्य
जिसका विश्वास न किया जा सके - अविश्वसनीय
तीनों लोकों का स्वामी - त्रिलोकी
जो नष्ट न होने वाला हो - अविनाशी
जिसे देखकर डर (भय) लगे - डरावना, भयानक
जो पहले न पढ़ा हो - अपठित
जिसका मूल्य न आँका जा सके - अमूल्य
कम जानने वाला - अल्पज्ञ
जो परिचित न हो - अपरिचित
जो कुछ न करता हो - अकर्मण्य
जो पुत्र गोद लिया हो - दत्तक
जो दिखाई न दे - अदृश्य
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पृथ्वीराज तृतीय ने किस वर्ष महोबा के चंदेल शासक को परास्त किया था ।
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