देवीकुण्ड सागर तालाब किस जिले में स्थित है -
Anonymous Quiz
25%
अलवर
24%
जयपुर
32%
उदयपुर
20%
बीकानेर
ईसाई धर्म प्रचारकों ने बाइबिल आदि अपने धर्म - ग्रंथों के अनुसार किस राजस्थानी में किये , वे है ?
Anonymous Quiz
18%
मालवी
49%
मारवाड़ी
26%
बागड़ी
8%
मारवाड़ी
✅भारत के महान्यायवादी - Attorney General of India✅
1. भारत के अटॉर्नी जनरल को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और राष्ट्रपति की खुशी के दौरान पद धारण करता है।
2. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए उसके पास समान योग्यता होनी चाहिए।
3. भारत का महान्यायवादी केंद्र सरकार का सर्वोच्च कानूनी अधिकारी है।
✍️शक्तियां, विशेषाधिकार और कार्य:
भारत का महान्यायवादी भारत सरकार का पहला कानून अधिकारी है और इसके निम्नलिखित अधिकार, विशेषाधिकार और कार्य हैं-
1. यह अटॉर्नी जनरल का कर्तव्य है कि वह कानूनी मामलों पर भारत सरकार को सलाह दे और कानूनी चरित्र के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे, जैसा कि समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा उसे संदर्भित या सौंपा जा सकता है।
2. महान्यायवादी को उस समय या संविधान या किसी अन्य कानून के तहत उसके द्वारा प्रदत्त कार्यों का निर्वहन करना चाहिए।
3. अपने कर्तव्यों के प्रदर्शन में उन्हें भारत के क्षेत्र में सभी न्यायालयों में दर्शकों का अधिकार है।
4. अटॉर्नी जनरल संसद और उसकी समितियों की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं लेकिन वह मतदान के हकदार नहीं हैं।
5. महान्यायवादी को दो सॉलिसिटर-जनरल और चार अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
Join @TAIYARI_KARLO
1. भारत के अटॉर्नी जनरल को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और राष्ट्रपति की खुशी के दौरान पद धारण करता है।
2. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए उसके पास समान योग्यता होनी चाहिए।
3. भारत का महान्यायवादी केंद्र सरकार का सर्वोच्च कानूनी अधिकारी है।
✍️शक्तियां, विशेषाधिकार और कार्य:
भारत का महान्यायवादी भारत सरकार का पहला कानून अधिकारी है और इसके निम्नलिखित अधिकार, विशेषाधिकार और कार्य हैं-
1. यह अटॉर्नी जनरल का कर्तव्य है कि वह कानूनी मामलों पर भारत सरकार को सलाह दे और कानूनी चरित्र के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे, जैसा कि समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा उसे संदर्भित या सौंपा जा सकता है।
2. महान्यायवादी को उस समय या संविधान या किसी अन्य कानून के तहत उसके द्वारा प्रदत्त कार्यों का निर्वहन करना चाहिए।
3. अपने कर्तव्यों के प्रदर्शन में उन्हें भारत के क्षेत्र में सभी न्यायालयों में दर्शकों का अधिकार है।
4. अटॉर्नी जनरल संसद और उसकी समितियों की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं लेकिन वह मतदान के हकदार नहीं हैं।
5. महान्यायवादी को दो सॉलिसिटर-जनरल और चार अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
Join @TAIYARI_KARLO
निम्नलिखित में से कौन-सी ढूंढाड़ी की उपबोली नहीं है।
Anonymous Quiz
23%
तोरावटी
28%
नगरचोल
18%
राजावटी
31%
राठी
👍1
निम्नलिखित में से कौन-सा आकर्षण पर्यटन केंद्र करौली जिले में स्थित नहीं है।
Anonymous Quiz
21%
तिमनगढ़ दुर्ग
21%
रामथरा दुर्ग
39%
नाहर सागर कुंड
18%
मंडरायल दुर्ग
निम्नलिखित कथनों पर ध्यान दीजिए:-
1- नए वन्यजीव अभ्यारण्यों की घोषणा केवल राज्य सरकार कर सकती हैं।
2- नए राष्ट्रीय उद्यानों की घोषणा केवल केंद्र सरकार कर सकती है। कौन सा कथन सत्य है?
1- नए वन्यजीव अभ्यारण्यों की घोषणा केवल राज्य सरकार कर सकती हैं।
2- नए राष्ट्रीय उद्यानों की घोषणा केवल केंद्र सरकार कर सकती है। कौन सा कथन सत्य है?
Anonymous Quiz
7%
[A] केवल 1
32%
[B] केवल 2
53%
[C] दोनों
7%
[D] कोई भी नहीं
❤1
नेत्र : निकट दृष्टि : : दांत : …..?
Anonymous Quiz
61%
पाइरिया
17%
मोतियाबिंद
15%
ट्रेकोमा
7%
एक्जिमा
लोह तत्व मात्रा के आधार पर कौन सा लोहा सर्वश्रेष्ठ होता है?
Anonymous Quiz
29%
[A] मेग्नेटाइट
54%
[B] हेमेटाइट
16%
[C] लिमोनाईट
2%
[D] सिडराईट
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा में कुल कितने सदस्य होने थे।
Anonymous Quiz
56%
389
17%
409
15%
429
12%
505
press release.pdf
538.7 KB
जिला सवाई माधोपुर फाइनल रिज़ल्ट
जॉइन @Taiyari_karlo
जॉइन @Taiyari_karlo
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद) में महाराजा उदयसिंह एवं माता राणी जीवत कंवर के घर में हुआ था।
महाराणा प्रताप उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे।
इनके कुल देवता एकलिंग महादेव हैं।
इन्हें बचपन और युवावस्था में कीका नाम से भी पुकारा जाता था। यह नाम इन्हें भीलों से मिला था ।
भीलों की बोली में कीका का अर्थ 'बेटा' होता है ।
महाराणा प्रताप के पास एक सबसे प्रिय घोड़ा था, जिसका नाम 'चेतक' था।
महाराणा प्रताप की वीरता की कहानियों में चेतक का एक विशेष स्थान है।
चेतक की फुर्ती, रफ्तार और बहादुरी की कई लड़ाइयाँ जीतने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।
एक पहाड़ी पर महाराणा प्रताप का दर्शनीय स्मारक स्थित है।
यहाँ मुख्य रूप से रक्त तलाई, शाहीबाग, प्रताप गुफा, घोड़े चेतक की समाधि एवं ऊंची पहाड़ी पर महाराणा प्रताप के दर्शनीय स्थल हैं।
मेवाड़ की शौर्य-भूमि धन्य है जहां वीरता और दृढ़ प्रण वाले प्रताप का जन्म हुआ। जिन्होंने इतिहास में अपना नाम अजर-अमर कर दिया। उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए अपना बलिदान दिया इनकी वीरता की कथा से भारत की भूमि गौरवान्वित है।
महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच 18 जून,1576 में लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध काफी चर्चित है, क्योंकि अकबर और महाराणा प्रताप के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था।
इस युद्ध के बाद मेवाड़, चित्तौड़, गोगुंदा, कुंभलगढ़ और उदयपुर पर मुगलों का कब्जा हो गया।
1597 ई. को महाराणा प्रताप का देहांत हो गया।
30 वर्षों के संघर्ष और युद्ध के बाद भी अकबर, महाराणा प्रताप को न तो बंदी बना सका और न ही अपने अधीन कर सका।
महान वो होता है जो अपने देश, जाति, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता न करे और लगातार संघर्ष करता रहे।
महाराणा प्रताप उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे।
इनके कुल देवता एकलिंग महादेव हैं।
इन्हें बचपन और युवावस्था में कीका नाम से भी पुकारा जाता था। यह नाम इन्हें भीलों से मिला था ।
भीलों की बोली में कीका का अर्थ 'बेटा' होता है ।
महाराणा प्रताप के पास एक सबसे प्रिय घोड़ा था, जिसका नाम 'चेतक' था।
महाराणा प्रताप की वीरता की कहानियों में चेतक का एक विशेष स्थान है।
चेतक की फुर्ती, रफ्तार और बहादुरी की कई लड़ाइयाँ जीतने में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।
एक पहाड़ी पर महाराणा प्रताप का दर्शनीय स्मारक स्थित है।
यहाँ मुख्य रूप से रक्त तलाई, शाहीबाग, प्रताप गुफा, घोड़े चेतक की समाधि एवं ऊंची पहाड़ी पर महाराणा प्रताप के दर्शनीय स्थल हैं।
मेवाड़ की शौर्य-भूमि धन्य है जहां वीरता और दृढ़ प्रण वाले प्रताप का जन्म हुआ। जिन्होंने इतिहास में अपना नाम अजर-अमर कर दिया। उन्होंने धर्म एवं स्वाधीनता के लिए अपना बलिदान दिया इनकी वीरता की कथा से भारत की भूमि गौरवान्वित है।
महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच 18 जून,1576 में लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध काफी चर्चित है, क्योंकि अकबर और महाराणा प्रताप के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था।
इस युद्ध के बाद मेवाड़, चित्तौड़, गोगुंदा, कुंभलगढ़ और उदयपुर पर मुगलों का कब्जा हो गया।
1597 ई. को महाराणा प्रताप का देहांत हो गया।
30 वर्षों के संघर्ष और युद्ध के बाद भी अकबर, महाराणा प्रताप को न तो बंदी बना सका और न ही अपने अधीन कर सका।
महान वो होता है जो अपने देश, जाति, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता न करे और लगातार संघर्ष करता रहे।
👍1