Taiyari Karlo (Rajasthan)
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" अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी हुई आसान 'तैयारी करलो' के साथ "

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🔰 यह कोर्स REET लेवल -2 सामाजिक अध्ययन के परीक्षार्थियों के लिए

कोर्स की विशेषताएं:-

👉 मनोविज्ञान तथा सामाजिक अध्ययन के सम्पूर्ण सिलेबस की टेस्ट सीरीज का आयोजन सुशील बिश्नोई सर के द्वारा करवाया जाएगा।

👉डेमो टेस्ट उपलब्ध रहेगा।

👉 इस पूरी टेस्ट सीरीज मे कुल 17 टेस्ट होंगे जो कि आपके लिए एक वरदान साबित होंगे ।

👉सम्पूर्ण टेस्ट सीरीज में 11 छोटे टेस्ट तथा 4 बड़े टेस्टो के साथ 2 मेगा टेस्ट भी रहेंगे।

👉11 छोटे टेस्टो में प्रश्नों की संख्या 15 प्रश्न मनोविज्ञान के तथा 40 प्रश्न सामाजिक विज्ञान के रहेंगे। बाकी टेस्टो में 30+60 प्रश्न रहेंगे।

👉प्रत्येक 3 छोटे टेस्ट के बाद एक टेस्ट अब तक के पूरे सिलेबस का रहेगा।

👉सम्पूर्ण टेस्ट सीरीज में आपको मनोविज्ञान ओर सामाजिक अध्ययन के सिलेबस को 3 बार पूर्ण करवाया जाएगा।

👉आप कभी भी इस पर दुबारा प्रैक्टिस कर सकते हो।

👉इसके लिए अभी ऐप्प में दिखाये गए आइकॉन पर क्लिक करें।

🔰COURSE LINK
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.uddan.taiyarikarlo

Helpline No :7339953819
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🔰 भारतीय इतिहास (मौर्य काल) की लाइव क्लास
🕕 6:00 बजे by ममता मैम

🔴 LIVE CLASS LINK:-
https://youtu.be/eZKDv-5hPUA

🔰 राजस्थान कला संस्कृति (त्योंहार) की लाइव क्लास
🕖 शाम 7 :00 बजे by मुकेश सर

🔴 LIVE CLASS LINK :-
https://youtu.be/WFgS7rfgfDI
निम्नलिखित में से सदिश राशि है।
Anonymous Quiz
40%
वेग
35%
द्रव्यमान
18%
समय
7%
लंबाई
जड़त्व आघूर्ण व कोणीय त्वरण का गुणनफल होता है।
Anonymous Quiz
16%
बल
21%
टॉर्क
61%
कोणीय संवेग
2%
कार्य
👍1
5_6141157192889270900.pdf
825.2 KB
सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी सब इंस्पेक्टर मार्क्स सूचना

जॉइन @Taiyari_karlo
विजय रोझ इंस्पेक्टर राजस्थान पुलिस
घन वाद्य यंत्रः- वे वाद्य यंत्र जो धातु से बने होते हैं।🔰

प्रमुख घन वाद्य यंत्र:-

1. मंजीराः- यह पीतल तथा काँसा की मिश्रित धातु का बना होता हैं। इसकी आकृति गोलाकार हैं। यह हमेशा जोड़े में बजाया जाता हैं। कामड़ जाति की महिलाएँ तेरहताली नृत्य करने समय बजाती हैं।

2. झाँझः- यह मंजीरे की बड़ी अनुकृति हैं। यह बड़े ढ़ोल तथा तासा के वादन के साथ बजाया जाता हैं। शेखावाटी क्षेत्र में कच्छी घोड़ी नृत्य करते समय बजाया जाता हैं।

3. थालीः- यह काँसे की बनी होती हैं। चरी नृत्य के समय प्रयोग किया जाता हैं।

4. चिमटाः- यह लाहे की दो पतली पट्टिकाओं से मिलकर बना होता हैं। इन पट्टियों के बीच में लोहे की गोल-गोल छोटी पत्तियों लगा दी जाती हैं। इसे बायें हाथ में पकड़कर दाएँ हाथ की अँगुलियों से भजन कीर्तन के समय बजाया जाता हैं।

5. घण्टा (घड़ियाल)ः- यह पीतल तथा अन्य धातु का बना होता हैं इसकी आकृति गोलाकार होती हैं। इसे डोरी से लटकाकर हथोड़े या डंडे से चोट मारकर बजाया जाता हैं। इसका प्रयोग मंदिरों में होता हैं। इसका छोटा रूप घण्टी कहलाता हैं।

6. झालरः- काँसे या ताँबे की बनी मोटी चक्राकार प्लेट (तश्तरी) जैसी होती हैं। जिस पर लकड़ी की डंडी से चोट मार कर बजाया जाता हैं। यह मंदिरों में सुबह-शाम आरती के समय बजाई जाती हैं।

7. भरनीः- मिट्टी के मटके के संकरे मुँह पर कांसे की प्लेट ढककर दो डंडियों की सहायता से बजाया जाने वाला वाद्य। यह अलवर-भरतपुर जिलों के सर्प के काटे हुए का लोक देवताओं के यहाँ इलाज करते समय बजाया जाता हैं।

8. घड़ाः- मिट्टी का बना होता हैं। इसका मुँह छोटा होता हैं, वादक इसे दोनों हाथों में उटाकर मुँह से उसके अंदर फूँक मारते हुए उसे अपने अंददाज में हिलाता रहता हैं जिससे मधुर संगीत निकलता हैं। यह मुख्य रूप जैलमेर-बाड़मेर में भक्ति संगीत के दौरान बजाया जाता हैं।

9. घुँघरूः- यह पीतल या कांसे का बना छोटा गोल (घण्टाकार) वाद्य हैं, जिनके अंदर लोहे के छोटे गोल छर्रे या कंकड़ रहते हैं। नृत्य करते समय कलाकार पैरों में बांधता हैं।

10. करतालः- इसमें दो चैकोर लकड़ी के टुकड़ों के बीच में पीतल की छोटी-छोटी गोल तश्तरियाँ लगी रहती हैं जो कि लकड़ी के टुकड़ों को परस्पर टकराने के साथ मधुरता से झंकृत होती हैं। यह हाथ की अँगुलियों एवं अंगूठे में पहनकर बजाया जाता हैं। इसका मेल मंजीरे एवं इकतारे से हैं।

11. खड़तालः- लकड़ी के चार छोटे-छोटे चिकने एचं पतले टुकड़ों से बना होता हैं। यह दोनों हाथों में लेकर बजाया जाता हैं। इसका प्रसिद्ध कलाकार स्व. सद्दीक खाँ मांगणियार था।

12. रमझोलः- चमड़े की पट्टी पर बहुत सारे छोटे-छोटे घुँघरू सिले होते हैं, जिन्हें दोनों पैरों पर नृत्य करते समय घुटनों तक बाँधा जाता हैं। होली के अवसर पर गैर नृत्य करते समय लोग बाँधते हैं।

13. घुरालियोंः- यह पाँच-छः अंगुल लम्बी बाँस की खपच्ची से बना होता हैं। इसके एक ओर छीलकर मुख पर धागा बाँध दिया जाता हैं। इसे दाँतों के बीच दबाकर धागे को ढील एवं तनाव देकर बजाया जाता हैं। यह कालबेलिया एवं गरासिया जाति का प्रमुख वाद्य हैं।

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आप सभी की मांग पर मैंने यह वीडियो बनाई है... सभी इस वीडियो पर जाकर कमेंट करें ...आगे किस टॉपिक पर वीडियो बनानी है और अपना कोई प्रश्न हो तो पूछिए और लाइक शेयर करें
आगे किस टॉपिक पर वीडियो बनानी है जल्दी से कमेंट करें मैं सभी के कमेंट पढ रहा हूँ .... सभी के प्रत्युत्तर दूंगा ...
भारत की तट रेखा की कुल लंबाई लगभग है।
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9%
3500 km
17%
6000 km
62%
7516 km
11%
9500 km
निम्न में से कौन सा देश क्षेत्रफल में भारत से बड़ा नहीं है।
Anonymous Quiz
35%
फ्रांस
30%
ब्राजील
19%
रूस
15%
कनाडा