RRB NTPC में पूछे गए प्रश्न -
👉पाँचवें आम चुनाव के बाद भारत के पीएम कौन
बने
उत्तर-1971 में इंदिरा गांधी -
👉कांग्रेस पार्टी द्वारा 'गरीबी हटाओं' नारा कौन-से
लोकसभा चुनाव में प्रमुख था
उत्तर - पांचवें 1971
👉प्रथम लोकसभा के चुनाव किस वर्ष हुए -
उत्तर-1951-52 में -
भारत में नई आर्थिक नीति कब अपनाई गई
उत्तर-1991 में
👉भारत में नई आर्थिक नीति किसके काल में अपनाई गई
उत्तर-पी. वी. नरसिम्हा राव
👉रूस में साम्यवादी क्रांति कब हुई -
उत्तर-1917 में
👉अर्थशास्त्र में स्थिर ऊपरी लागत का क्या अर्थ होता है
उत्तर- माँग के साथ न बदलने वाली लागत
👉राष्ट्रीय आय की गणना में नहीं माना जाता है
उत्तर - महिला द्वारा घरेलू कार्य -
👉भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद विधेयक
की परिभाषा देता है
उत्तर- अनुच्छेद 110 -
👉इलाहाबाद का पुराना नाम क्या था
उत्तर-प्रयागराज -
👉दिल्ली के किस सुल्तान ने कुछ-कुछ आज की
कागजी मुद्रा की तरह 'टोकन मुद्रा' किसने चलाई थी
उत्तर - मुहम्मद बिन तुगलक
👉बंगाल का विभाजन किस वर्ष रद्द कर दिया गया था
उत्तर-1911 में
👉मध्यकालीन भारत में 'जामदानी' बुनाई का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र कौन-सा था
उत्तर - ढाका (बांग्लादेश)
👉पाँचवें आम चुनाव के बाद भारत के पीएम कौन
बने
उत्तर-1971 में इंदिरा गांधी -
👉कांग्रेस पार्टी द्वारा 'गरीबी हटाओं' नारा कौन-से
लोकसभा चुनाव में प्रमुख था
उत्तर - पांचवें 1971
👉प्रथम लोकसभा के चुनाव किस वर्ष हुए -
उत्तर-1951-52 में -
भारत में नई आर्थिक नीति कब अपनाई गई
उत्तर-1991 में
👉भारत में नई आर्थिक नीति किसके काल में अपनाई गई
उत्तर-पी. वी. नरसिम्हा राव
👉रूस में साम्यवादी क्रांति कब हुई -
उत्तर-1917 में
👉अर्थशास्त्र में स्थिर ऊपरी लागत का क्या अर्थ होता है
उत्तर- माँग के साथ न बदलने वाली लागत
👉राष्ट्रीय आय की गणना में नहीं माना जाता है
उत्तर - महिला द्वारा घरेलू कार्य -
👉भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद विधेयक
की परिभाषा देता है
उत्तर- अनुच्छेद 110 -
👉इलाहाबाद का पुराना नाम क्या था
उत्तर-प्रयागराज -
👉दिल्ली के किस सुल्तान ने कुछ-कुछ आज की
कागजी मुद्रा की तरह 'टोकन मुद्रा' किसने चलाई थी
उत्तर - मुहम्मद बिन तुगलक
👉बंगाल का विभाजन किस वर्ष रद्द कर दिया गया था
उत्तर-1911 में
👉मध्यकालीन भारत में 'जामदानी' बुनाई का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र कौन-सा था
उत्तर - ढाका (बांग्लादेश)
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देश के नए राष्ट्राध्यक्ष के चुनाव की ऐसी है प्रक्रिया
👉देश के नए राष्ट्राध्यक्ष का चुनाव परोक्ष रूप से इलेक्टोरल कालेज द्वारा किया जाता है। यह इलेक्टोरल कालेज लोकसभा के 543 सदस्यों, राज्यसभा के चुने गए 233 सदस्यों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों से बनता है। इस साल के राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल इलेक्टर्स की संख्या 4,809 है। 1952 में पहले राष्ट्रपति चुनाव के दौरान यह संख्या 4,056 थी।
यह है राष्ट्रपति चुनाव में मतों का गणित
👉• राष्ट्रपति चुनाव में विधायक, लोकसभा और
राज्यसभा सदस्य करते हैं मतदान
👉• चुनाव में कुल 4,809 सांसद व विधायक
वोटिंग करेंगे। इनमें 776 सांसद (लोकसभा व राज्यसभा के चुने गए सदस्य) और 4,033 विधायक होंगे
👉•सांसदों और विधायकों के वोट का मूल्य
अलग होता है। मतदाता द्वारा एक ही वोट में कई प्रत्याशियों को प्राथमिकता तय की जाती है
👉•5,43,200 है सांसदों के कुल वोट का मूल्य,
एक मत का मूल्य 700 है
👉• सभी विधायकों के मतों के मूल्य को कुल सांसदों की संख्या से भाग देकर एक संसद सदस्य के वोट का मूल्य तय होता है
👉.5,43,231 है विधायकों के कुल मतों का मूल्य 👉.208 है उत्तर प्रदेश के एक विधायक के मत
का मूल्य, जो राज्यों में सर्वाधिक है
👉.7 है सिक्किम के एक विधायक के मत का
मूल्य, यह सबसे कम मत मूल्य है
वरीयता के आधार पर मतदान
👉राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मतदान करने वाले को उपलब्ध उम्मीदवारों के अनुसार अपनी प्राथमिकता तय करने का भी विकल्प रहता है। उदाहरण के तौर पर यदि चुनाव में पांच दावेदार हैं तो मत देने वाला उनमें क्रमानुसार अपनी प्राथमिकता बता सकता है। पहली वरीयता के आधार पर यदि किसी निर्णय तक नहीं पहुंचा जा सके, तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जाती है। वरीयता न देते हुए एक ही उम्मीदवार को वोट देना भी पूरी तरह वैध माना जाता है।
राष्ट्रपति के पास अहम अधिकार
👉 हमारी व्यवस्था में शासनाध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। राष्ट्रपति का मुख्य दायित्व प्रधानमंत्री को नियुक्त करना और संविधान का संरक्षण करना है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना कोई भी अधिनियम पारित नहीं किया जा सकता है। मनी बिल के अतिरिक्त किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं। मंत्रिपरिषद की सलाह पर राष्ट्रपति अपने क्षमादान के अधिकार का प्रयोग करते हैं।
पद से हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया
👉किसी राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया भी बहुत सरल और सहज नहीं है। इसके लिए महाभियोग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए राज्यसभा और लोकसभा में 14 दिन का नोटिस देना होता है। इस पर कम से कम चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। नोटिस पर पहले निचला सदन विचार करता है। यदि दो तिहाई सदस्य उस पर सहमति दें तो नोटिस दूसरे सदन के विचारार्थ भेजा जाता है। दूसरे सदन में भी यदि दो तिहाई सदस्य अनुमोदित कर दें तो राष्ट्रपति को हटा हुआ माना जाता है ।
पहली बार•••••
👉निर्विरोध निर्वाचनः 1977 में सभी 36 प्रत्याशियों का नामांकन रद होने से नीलम संजीव रेड्डी निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए।
👉निर्दलीय प्रत्याशी की जीत : 1969 में वीवी गिरि ने कांग्रेस के प्रत्याशी नीलम संजीव रेड्डी को हराया। क्रास वोटिंग का पहला मौका था। पहली बार अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की बात कही गई।
👉 गैर राजनीतिक: दर्शनशास्त्री डॉ राधाकृष्णन 1962 में राष्ट्रपति बने।
👉कार्यकाल के दौरान मृत्यु: 3 मई, 1969 को डॉ जाकिर हुसैन की मृत्यु हुई।
👉दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती : 1969 का चुनाव नतीजों के लिहाज से खास रहा था। इस चुनाव में वीवी गिरि और नीलम संजीव रेड्डी सहित 15 उम्मीदवार मैदान में थे। कांटे के इस मुकाबले में पहली वरीयता के आधार पर परिणाम नहीं मिलने पर दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद फैसला हुआ था।
👉महिला उम्मीदवारः 1967 में हुए चौथे राष्ट्रपति चुनाव में श्रीमती मनोहर होलकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ी थी।
👉 1974 में राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनाव कानून, 1952 में व्यापक बदलाव हुए। नियम बना कि राष्ट्रपति चुनाव संबंधी मामलों की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकेगा।
👉देश के नए राष्ट्राध्यक्ष का चुनाव परोक्ष रूप से इलेक्टोरल कालेज द्वारा किया जाता है। यह इलेक्टोरल कालेज लोकसभा के 543 सदस्यों, राज्यसभा के चुने गए 233 सदस्यों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों से बनता है। इस साल के राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल इलेक्टर्स की संख्या 4,809 है। 1952 में पहले राष्ट्रपति चुनाव के दौरान यह संख्या 4,056 थी।
यह है राष्ट्रपति चुनाव में मतों का गणित
👉• राष्ट्रपति चुनाव में विधायक, लोकसभा और
राज्यसभा सदस्य करते हैं मतदान
👉• चुनाव में कुल 4,809 सांसद व विधायक
वोटिंग करेंगे। इनमें 776 सांसद (लोकसभा व राज्यसभा के चुने गए सदस्य) और 4,033 विधायक होंगे
👉•सांसदों और विधायकों के वोट का मूल्य
अलग होता है। मतदाता द्वारा एक ही वोट में कई प्रत्याशियों को प्राथमिकता तय की जाती है
👉•5,43,200 है सांसदों के कुल वोट का मूल्य,
एक मत का मूल्य 700 है
👉• सभी विधायकों के मतों के मूल्य को कुल सांसदों की संख्या से भाग देकर एक संसद सदस्य के वोट का मूल्य तय होता है
👉.5,43,231 है विधायकों के कुल मतों का मूल्य 👉.208 है उत्तर प्रदेश के एक विधायक के मत
का मूल्य, जो राज्यों में सर्वाधिक है
👉.7 है सिक्किम के एक विधायक के मत का
मूल्य, यह सबसे कम मत मूल्य है
वरीयता के आधार पर मतदान
👉राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मतदान करने वाले को उपलब्ध उम्मीदवारों के अनुसार अपनी प्राथमिकता तय करने का भी विकल्प रहता है। उदाहरण के तौर पर यदि चुनाव में पांच दावेदार हैं तो मत देने वाला उनमें क्रमानुसार अपनी प्राथमिकता बता सकता है। पहली वरीयता के आधार पर यदि किसी निर्णय तक नहीं पहुंचा जा सके, तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जाती है। वरीयता न देते हुए एक ही उम्मीदवार को वोट देना भी पूरी तरह वैध माना जाता है।
राष्ट्रपति के पास अहम अधिकार
👉 हमारी व्यवस्था में शासनाध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। राष्ट्रपति का मुख्य दायित्व प्रधानमंत्री को नियुक्त करना और संविधान का संरक्षण करना है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना कोई भी अधिनियम पारित नहीं किया जा सकता है। मनी बिल के अतिरिक्त किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं। मंत्रिपरिषद की सलाह पर राष्ट्रपति अपने क्षमादान के अधिकार का प्रयोग करते हैं।
पद से हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया
👉किसी राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया भी बहुत सरल और सहज नहीं है। इसके लिए महाभियोग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए राज्यसभा और लोकसभा में 14 दिन का नोटिस देना होता है। इस पर कम से कम चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। नोटिस पर पहले निचला सदन विचार करता है। यदि दो तिहाई सदस्य उस पर सहमति दें तो नोटिस दूसरे सदन के विचारार्थ भेजा जाता है। दूसरे सदन में भी यदि दो तिहाई सदस्य अनुमोदित कर दें तो राष्ट्रपति को हटा हुआ माना जाता है ।
पहली बार•••••
👉निर्विरोध निर्वाचनः 1977 में सभी 36 प्रत्याशियों का नामांकन रद होने से नीलम संजीव रेड्डी निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए।
👉निर्दलीय प्रत्याशी की जीत : 1969 में वीवी गिरि ने कांग्रेस के प्रत्याशी नीलम संजीव रेड्डी को हराया। क्रास वोटिंग का पहला मौका था। पहली बार अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की बात कही गई।
👉 गैर राजनीतिक: दर्शनशास्त्री डॉ राधाकृष्णन 1962 में राष्ट्रपति बने।
👉कार्यकाल के दौरान मृत्यु: 3 मई, 1969 को डॉ जाकिर हुसैन की मृत्यु हुई।
👉दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती : 1969 का चुनाव नतीजों के लिहाज से खास रहा था। इस चुनाव में वीवी गिरि और नीलम संजीव रेड्डी सहित 15 उम्मीदवार मैदान में थे। कांटे के इस मुकाबले में पहली वरीयता के आधार पर परिणाम नहीं मिलने पर दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद फैसला हुआ था।
👉महिला उम्मीदवारः 1967 में हुए चौथे राष्ट्रपति चुनाव में श्रीमती मनोहर होलकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ी थी।
👉 1974 में राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनाव कानून, 1952 में व्यापक बदलाव हुए। नियम बना कि राष्ट्रपति चुनाव संबंधी मामलों की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकेगा।
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परमेश्वर अय्यर होंगे नीति आयोग के नए CEO
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केंद्र सरकार ने परमेश्वर अय्यर को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।
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वर्तमान में नीति आयोग के उपाध्यक्ष = सुमन के बेरी
@Taiyari_karlo
परमेश्वर अय्यर होंगे नीति आयोग के नए CEO
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केंद्र सरकार ने परमेश्वर अय्यर को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।
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वर्तमान में नीति आयोग के उपाध्यक्ष = सुमन के बेरी
@Taiyari_karlo
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RAJ. HISTORY MARATHON BY GAJANAND SIR.pdf
29.4 MB
live class link:- https://youtu.be/NBqv76dlWfQ
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राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसीको) (RAJSICO: Rajasthan Small Industries Corporation Ltd.)
राजसीको की स्थापना राज्य लघु औद्योगिक इकाइयों एवं हस्तशिल्पियों को सहायता, प्रोत्साहन देने एवं उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं के वित विपणन की सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अधीन 03 जून, 1961 को की गयी। तब से निगम या समयानकल प्रासंगिक सुधारों के साथ इस दिशा में प्रयत्नशील है। व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के नाते अपने लाभ को अधिकाधिक बढ़ान
समय के परिवर्तन के साथ अपने उत्पादों में परिवर्तन करना, नये-नये डिजाइन एवं तकनीक का सम्मिश्रण करना, व्यावसायिक मांग के अकल उत्पादों को बाजार में उपलब्ध करवाना एवं इसके साथ ही कल्याणकारी संस्थान के नाते हस्तशिल्पियों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए उनके कल्याण हेतु सीधा लाभ देने वाले कार्यक्रमों को संचालित करने का दायित्व भी निगम वहन करता है।
मुख्य नवीन सुधार कार्यक्रम
निगम द्वारा हाल ही में उठाये गये नवीन सुधारों के फलस्वरूप बेहतर परिणाम एवं कार्यप्रणाली में गतिशीलता प्राप्त हो रही है।
हस्तशिल्प : निगम द्वारा यह नीतिगत निर्णय लिया गया है कि प्रीसियस एवं सेमी प्रीसियस स्टोन्स एवं ज्वैलरी भी न्यूनतम बिक्री गारन्टी पर रखी जावे शेष हस्तशिल्प का सामान हस्तशिल्पियों से अनुमोदन के आधार पर क्रय किया जावेगा। निगम द्वारा प्रदर्शनियाँ आयोजित कर हस्तशिल्पियों को अपने उत्पाद सीधे ही विक्रय करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
निर्यात प्रोत्साहन : निर्यातों को बेहतर सुविधा देने के लिए बड़े सामान के एक्स-रे हेतु एयर कार्गो कॉम्पलेक्स में एक्स-रे मशीन की स्थापना
की गई है।
उद्देश्य : राज्य के हस्तशिल्पियों एवं हस्तशिल्प के विकास एवं संरक्षण हेतु प्रोत्साहन एवं कल्याणकारी योजनाओं की परिकल्पना तथा। संचालन करना।
• राजस्थान के हस्तशिल्प के विपणन हेतु प्रदर्शनी/मेला तथा राजस्थली विक्रय केन्द्रों के माध्यम से प्रयास करना।।
•हस्तशिल्प विपणन हेतु नये बाजारों की खोज कर हस्तशिल्पियों को सहायता प्रदान करना।
राजसीको की स्थापना राज्य लघु औद्योगिक इकाइयों एवं हस्तशिल्पियों को सहायता, प्रोत्साहन देने एवं उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं के वित विपणन की सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अधीन 03 जून, 1961 को की गयी। तब से निगम या समयानकल प्रासंगिक सुधारों के साथ इस दिशा में प्रयत्नशील है। व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के नाते अपने लाभ को अधिकाधिक बढ़ान
समय के परिवर्तन के साथ अपने उत्पादों में परिवर्तन करना, नये-नये डिजाइन एवं तकनीक का सम्मिश्रण करना, व्यावसायिक मांग के अकल उत्पादों को बाजार में उपलब्ध करवाना एवं इसके साथ ही कल्याणकारी संस्थान के नाते हस्तशिल्पियों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए उनके कल्याण हेतु सीधा लाभ देने वाले कार्यक्रमों को संचालित करने का दायित्व भी निगम वहन करता है।
मुख्य नवीन सुधार कार्यक्रम
निगम द्वारा हाल ही में उठाये गये नवीन सुधारों के फलस्वरूप बेहतर परिणाम एवं कार्यप्रणाली में गतिशीलता प्राप्त हो रही है।
हस्तशिल्प : निगम द्वारा यह नीतिगत निर्णय लिया गया है कि प्रीसियस एवं सेमी प्रीसियस स्टोन्स एवं ज्वैलरी भी न्यूनतम बिक्री गारन्टी पर रखी जावे शेष हस्तशिल्प का सामान हस्तशिल्पियों से अनुमोदन के आधार पर क्रय किया जावेगा। निगम द्वारा प्रदर्शनियाँ आयोजित कर हस्तशिल्पियों को अपने उत्पाद सीधे ही विक्रय करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
निर्यात प्रोत्साहन : निर्यातों को बेहतर सुविधा देने के लिए बड़े सामान के एक्स-रे हेतु एयर कार्गो कॉम्पलेक्स में एक्स-रे मशीन की स्थापना
की गई है।
उद्देश्य : राज्य के हस्तशिल्पियों एवं हस्तशिल्प के विकास एवं संरक्षण हेतु प्रोत्साहन एवं कल्याणकारी योजनाओं की परिकल्पना तथा। संचालन करना।
• राजस्थान के हस्तशिल्प के विपणन हेतु प्रदर्शनी/मेला तथा राजस्थली विक्रय केन्द्रों के माध्यम से प्रयास करना।।
•हस्तशिल्प विपणन हेतु नये बाजारों की खोज कर हस्तशिल्पियों को सहायता प्रदान करना।
👍50❤13🤩5😁3🎉2