Taiyari Karlo (Rajasthan)
116K subscribers
19K photos
83 videos
4.72K files
9.96K links
आपका स्वागत है , TAIYARI KARLO के ऑफिशियल टेलीग्राम चैनल पर

" अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी हुई आसान 'तैयारी करलो' के साथ "

🔰 YOUTUBE CHANNEL -
http://bit.ly/TkarloYT

🔰 TAIYARI KARLO APP -
http://bit.ly/TAIYARIKAPP

8529429129,7339953819
Download Telegram
👍25🥰1
🎓Join now @Taiyari_karlo
15👍3
Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
♦️राजस्थान में मंदिर निर्माण की शैलियाँ-

गुर्जर प्रतिहार महामारू) कालीन (8वीं-11वीं सदी)

मारू गुर्जर (सोलंकी/चालुक्य) (11वीं-13वीं सदी)

भूमिज शैली

हवेली शैली (16वीं-17वीं सदी)

✔️ गुर्जर प्रतिहार कालीन (स्थापत्य कला का स्वर्णकाल )मन्दिर स्थापत्य को 'महामारू शैली' कहा गया जिसमें विकसित नागर शैली के बड़े-बड़े मंदिर बने। इनमें अलंकृत जगती पर अवस्थिति, अलंकरण, गर्भगृह अंतराल, पखचतुष्की निरंधार, पंचायतन शैली का प्रयोग, पंचरथ विन्यास आदि विशेषताएँ हैं।

❄️गुर्जर-प्रतिहार कालीन मंदिर -

(i) हर्षद (हर्षत) माता का मंदिर, आभानेरी (दौसा)

(ii) ओसियाँ का महावीर मंदिर, हरिहर मंदिर एवं सूर्य मंदिर (जोधपुर)

(iii) कालिका माता एवं कुंभश्याम मंदिर (चित्तौड़गढ़)

(iv) आउवा (पाली) का कामेश्वर महादेव एवं सुगाली माता मंदिर

(v) हर्षनाथ का मंदिर (रैवासा, सीकर)


(vi) नीलकण्ठेश्वर मंदिर -जसनगर (मेड़ता, नागौर)

(vii) नीलकण्ठेश्वर मंदिर-राजोरगढ़ (सरिस्का, अलवर)

(viii) मरकंडी माता मंदिर- निमाज (ब्यावर)

(ix) अम्बिका माता का मंदिर, जगत् (उदयपुर)

(x) दधिमति माता मंदिर (गोठ मांगलोद, नागौर)

(xi) किराडू का सोमेश्वर मंदिर (बाड़मेर)

(xii) नकटीमाता मंदिर, जयभवानीपुर (जयपुर)

(xiii) आदिवराह मंदिर; आहड़ (उदयपुर)

(xiv) रणछोड़ मंदिर, खेड़ (बालोतरा )
70👍12
New Doc 09-07-2025 12.13.pdf
8.4 MB
New Doc 09-07-2025 12.13.pdf
👍42
आज आयोजित हुई RPSC 2nd Grade भर्ती परीक्षा का पेपर : Group A GK का पेपर
10👍7🤩1
Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिली है। 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान सिंगापुर ने औपचारिक रूप से भारत की मलक्का जलडमरूमध्य में गश्त करने की योजना का समर्थन किया। यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में गहरी साझेदारी और समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जलडमरूमध्य हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है। विश्व के 60% से अधिक समुद्री व्यापार इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
19🔥1