♦️CSIR-NPL: दो नई राष्ट्रीय कैलिब्रेशन (Calibration) सुविधाएं♦️
उद्घाटन: CSIR-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) ने भारत में दो शीर्ष स्तरीय कैलिब्रेशन केंद्रों का उद्घाटन किया।
पहली सुविधा: NPF-SCSC (सौर सेल कैलिब्रेशन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा)
सहयोग: इसे जर्मनी के PTB के सहयोग से विकसित किया गया है।
क्षमता: यह सौर सेल और पैनलों की जांच ±0.35% की उच्च सटीकता (Uncertainty) के साथ करेगा।
महत्व: यह दुनिया की शीर्ष 4 फोटोवोल्टिक मेट्रोलॉजी प्रयोगशालाओं में से एक है। इससे भारतीय सौर कंपनियों की विदेशी कैलिब्रेशन पर निर्भरता कम होगी।
दूसरी सुविधा: NESL (राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला)
उद्देश्य: वायु प्रदूषण निगरानी प्रणालियों और पर्यावरण सेंसरों का परीक्षण और री-कैलिब्रेशन करना।
खासियत: पहले ये उपकरण विदेशी मौसम मानकों पर आधारित होते थे, अब इनका परीक्षण भारतीय जलवायु (तापमान, धूल, आर्द्रता) के अनुसार होगा।
लाभ: यह 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' और स्मार्ट-सिटी नेटवर्क के लिए विश्वसनीय डेटा सुनिश्चित करेगा।
मंत्रालयी सहयोग: ये केंद्र 'नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय' और 'पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय' के वित्तीय अनुदान से स्थापित किए गए हैं।
🛑रायसीना साइंस डिप्लोमेसी इनिशिएटिव (SDI)
साझेदारी: भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) कार्यालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) ने इस पहल के पहले संस्करण के लिए हाथ मिलाया है।
आयोजन: इसका आयोजन 5 से 7 मार्च 2026 को नई दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' के दौरान किया जाएगा।
मुख्य उद्देश्य: विज्ञान (Science), प्रौद्योगिकी (Technology) और कूटनीति (Diplomacy) के परस्पर जुड़ाव पर गहन चर्चा के लिए एक समर्पित मंच तैयार करना।
प्रमुख विषय (Agenda):
सामरिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) के युग में विज्ञान कूटनीति को आगे बढ़ाना।
डीप-टेक (Deep-tech) नवाचारों और
वैज्ञानिक नेतृत्व को प्रोत्साहित करना।
बहुध्रुवीय (Multipolar) विश्व में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साझेदारियों की बदलती वास्तविकताओं पर ध्यान केंद्रित करना।
तकनीकी नियंत्रण व्यवस्था, अनुसंधान सुरक्षा (Research Security) और वैश्विक मानक-निर्धारण।
महत्व: यह पहल वैज्ञानिकों, राजनयिकों और नीति निर्माताओं के बीच उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श का केंद्र बनेगी, जो विशेष रूप से भारत और ग्लोबल साउथ (Global South) के योगदान को विश्व स्तर पर मजबूती से रखेगी।
प्रमुख व्यक्तित्व: घोषणा के समय प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद और ORF के अध्यक्ष डॉ. समीर सरन उपस्थित रहे।
♦️आधार का आधिकारिक शुभंकर (Mascot): 'उदय' (Udai)
उद्देश्य: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा आधार सेवाओं (जैसे- अपडेट, प्रमाणीकरण, ऑफलाइन सत्यापन)की जानकारी को 100 करोड़ से अधिक लोगों के लिए सरल, समावेशी और सुलभ बनाना।
लॉन्च समारोह: इसे केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक विशेष समारोह में UIDAI के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा और सीईओ भुनेश कुमार द्वारा जारी किया गया।
प्रतियोगिता के विजेता:
डिजाइन श्रेणी: केरल (त्रिशूर) के अरुण गोकुल ने प्रथम पुरस्कार जीता।
नामकरण श्रेणी: भोपाल की रिया जैन ने प्रथम पुरस्कार जीता ('उदय' नाम के लिए)।
पुणे के इद्रीस दवाईवाला को डिजाइन और नामकरण दोनों श्रेणियों में द्वितीय पुरस्कार मिला।
शुभंकर की भूमिका: 'उदय' एक 'साथी और वाचक' के रूप में कार्य करेगा। यह लोगों को नई तकनीकों को अपनाने, सुरक्षा सावधानियों और आधार के उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग के बारे में शिक्षित करेगा।
♦️'पंखुड़ी' (Pankhudi) पोर्टल: मुख्य तथ्य
लॉन्च: 8 जनवरी 2026, केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी द्वारा।
उद्देश्य: महिला एवं बाल विकास के लिए CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) और स्वैच्छिक भागीदारी को पारदर्शी बनाना।
सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म: NGOs, NRIs और कॉर्पोरेट संस्थानों को सरकार के साथ सीधे जुड़कर काम करने का मंच।
प्रमुख मिशन: यह मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और पोषण 2.0 के कार्यान्वयन को मजबूती देगा।
खासियत: वित्तीय पारदर्शिता के लिए सभी योगदान केवल गैर-नकदी (Non-cash) माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे।
प्रभाव: 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों और 800 वन स्टॉप सेंटरों के बुनियादी ढांचे
में सुधार होगा।
♦️बाल विवाह मुक्त भारत: प्रमुख लक्ष्य एवं तथ्य
निर्धारित लक्ष्य: साल 2026 तक बाल विवाह दर को 10% से कम करना और 2030 तक भारत को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाना।
बड़ी उपलब्धि: छत्तीसगढ़ का बालोद जिला वर्ष 2025 में भारत का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना।
छत्तीसगढ़ (सूरजपुर): यहाँ की 75 ग्राम पंचायतों को 17 सितंबर 2025 को "बाल विवाह मुक्त" घोषित किया गया।
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वर्तमान स्थिति (NFHS-5): भारत में 20-24 वर्ष की 23% महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ। पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मामले हैं।
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1. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (बजट पूर्व चर्चा)
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: प्रदेश के 8 हजार 700 चिकित्सा संस्थानों को 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' के रूप में विकसित किया गया है।
कैशलेस इलाज: आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 37 लाख मरीजों को 7 हजार 300 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मिला है।
फ्री दवा योजना: निशुल्क दवा, सर्जिकल और सूचर्स उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
मेडिकल कॉलेज: प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और 15 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
रामआश्रय वार्ड: बुजुर्गों के सम्मानजनक इलाज के लिए जिला अस्पतालों में 'रामआश्रय वार्ड' खोले गए हैं।
2. जनजाति विकास एवं संस्कृति संरक्षण
ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट: बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए 'ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट' विकसित किया जा रहा है।
जनजाति विकास कोष: इस कोष की राशि 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये कर दी गई है।
पीएम-जनमन अभियान: इसके तहत 12 जिलों में 11 हजार पीएम आवास, बिजली कनेक्शन और सड़कों के काम पूरे किए गए हैं।
शिक्षा एवं खेल: पिछले 2 वर्षों में जनजाति क्षेत्रों में 9 आश्रम छात्रावास, 3 आवासीय विद्यालय और 1 नया खेल छात्रावास खोला गया है।
संग्रहालय: उदयपुर में जनजाति नायकों के स्मारक और वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है।
बीज मिनीकिट: खरीफ और रबी 2025-26 में 50 हजार जनजाति कृषकों को सब्जी बीज मिनीकिट दिए गए हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: प्रदेश के 8 हजार 700 चिकित्सा संस्थानों को 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' के रूप में विकसित किया गया है।
कैशलेस इलाज: आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 37 लाख मरीजों को 7 हजार 300 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मिला है।
फ्री दवा योजना: निशुल्क दवा, सर्जिकल और सूचर्स उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
मेडिकल कॉलेज: प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और 15 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
रामआश्रय वार्ड: बुजुर्गों के सम्मानजनक इलाज के लिए जिला अस्पतालों में 'रामआश्रय वार्ड' खोले गए हैं।
2. जनजाति विकास एवं संस्कृति संरक्षण
ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट: बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए 'ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट' विकसित किया जा रहा है।
जनजाति विकास कोष: इस कोष की राशि 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये कर दी गई है।
पीएम-जनमन अभियान: इसके तहत 12 जिलों में 11 हजार पीएम आवास, बिजली कनेक्शन और सड़कों के काम पूरे किए गए हैं।
शिक्षा एवं खेल: पिछले 2 वर्षों में जनजाति क्षेत्रों में 9 आश्रम छात्रावास, 3 आवासीय विद्यालय और 1 नया खेल छात्रावास खोला गया है।
संग्रहालय: उदयपुर में जनजाति नायकों के स्मारक और वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है।
बीज मिनीकिट: खरीफ और रबी 2025-26 में 50 हजार जनजाति कृषकों को सब्जी बीज मिनीकिट दिए गए हैं।
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राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 : सभी जिलों/यूनिटों के ट्रैनिंग का कार्यकम जारी
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