✔️4th रिजल्ट की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है
👉 जब तक मैं ना बताऊं... तक तक अभ्यर्थी वेबसाइट पर नहीं जाए, हम को रिजल्ट अपलोड करने दिया जाए।
👉 4th Grade चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती : 2 गुणा रिजल्ट का अनुमोदन 15 जनवरी को होगा
👉 15 जनवरी को वेब साइट पर या अपने X के माध्यम से कट-ऑफ अपलोड कर दी जाएगी।
👉Rank वाइज (मेरिट) के अनुसार रिजल्ट साइट पर 16 जनवरी को अपलोड किया जाएगा।
👉RSSB प्लाटून कमांडर, ड्राइवर, परिचालक भर्ती का परीणाम भी 16-17 को अपलोड करने का प्रयास रहेगा।
👉 जब तक मैं ना बताऊं... तक तक अभ्यर्थी वेबसाइट पर नहीं जाए, हम को रिजल्ट अपलोड करने दिया जाए।
👉 4th Grade चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती : 2 गुणा रिजल्ट का अनुमोदन 15 जनवरी को होगा
👉 15 जनवरी को वेब साइट पर या अपने X के माध्यम से कट-ऑफ अपलोड कर दी जाएगी।
👉Rank वाइज (मेरिट) के अनुसार रिजल्ट साइट पर 16 जनवरी को अपलोड किया जाएगा।
👉RSSB प्लाटून कमांडर, ड्राइवर, परिचालक भर्ती का परीणाम भी 16-17 को अपलोड करने का प्रयास रहेगा।
RSSB चैयरमेन आलोक राज
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🪐IIM अहमदाबाद: निधि उत्कृष्टता केंद्र (NIDHI CoE) का उद्घाटन
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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