✨ *RSSB कर्मचारी चयन बोर्ड की विभिन्न भर्तियों की फॉर्म डेट व एग्जाम डेट से संबंधित जानकारी*
1️⃣ *LDC भर्ती 2026 (पद 10,644)*
🔹 आवेदन शुरू - 15 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 13 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक : 5-6 जुलाई 2026
2️⃣ *वनपाल भर्ती 2026 (पद 259)*
🔹 आवेदन शुरू - 6 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 4 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 28 जून 2026
3️⃣ *महिला पर्यवेक्षक 2026 (पद 72)*
🔹 आवेदन शुरू - 7 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 5 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 18 जून 2026
4️⃣ *Agriculture Supervisor 2026 (पद 1100)*
🔹 आवेदन शुरू - 13 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 11 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 18 अप्रैल 2026
1️⃣ *LDC भर्ती 2026 (पद 10,644)*
🔹 आवेदन शुरू - 15 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 13 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक : 5-6 जुलाई 2026
2️⃣ *वनपाल भर्ती 2026 (पद 259)*
🔹 आवेदन शुरू - 6 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 4 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 28 जून 2026
3️⃣ *महिला पर्यवेक्षक 2026 (पद 72)*
🔹 आवेदन शुरू - 7 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 5 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 18 जून 2026
4️⃣ *Agriculture Supervisor 2026 (पद 1100)*
🔹 आवेदन शुरू - 13 जनवरी 2026
🔸 आवेदन अतिंम तिथि - 11 फरवरी 2026
🔹 परीक्षा दिनांक - 18 अप्रैल 2026
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❄️इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit)❄️
आगामी : 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में होगा।
स्तंभ (Pillars): यह शिखर सम्मेलन तीन स्तंभों पर आधारित है—
लोग (People),
ग्रह (Planet)
और प्रगति (Progress)।
फोकस: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और शासन में AI का जिम्मेदारी भरा उपयोग।
विशेषता: टियर 2 और टियर 3 शहरों के स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करना।
आगामी : 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में होगा।
स्तंभ (Pillars): यह शिखर सम्मेलन तीन स्तंभों पर आधारित है—
लोग (People),
ग्रह (Planet)
और प्रगति (Progress)।
फोकस: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और शासन में AI का जिम्मेदारी भरा उपयोग।
विशेषता: टियर 2 और टियर 3 शहरों के स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करना।
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❄️CSIR-NIScPR स्थापना दिवस और 'स्वास्तिक' (SWASTIK) पोर्टल❄️
अवसर: CSIR-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (NIScPR) का 5वां स्थापना दिवस (14 जनवरी 2026)।
स्वास्तिक पोर्टल (SWASTIK): इसका शुभारंभ किया गया। इसका पूरा नाम 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सामाजिक पारंपरिक ज्ञान' (Scientifically Validated Social Traditional Knowledge) है।
उद्देश्य: भारत के पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ समाज तक पहुँचाना।
विशेषता: यह जानकारी 19 भारतीय और 5 विदेशी भाषाओं में प्रसारित की जाएगी।
अवसर: CSIR-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (NIScPR) का 5वां स्थापना दिवस (14 जनवरी 2026)।
स्वास्तिक पोर्टल (SWASTIK): इसका शुभारंभ किया गया। इसका पूरा नाम 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सामाजिक पारंपरिक ज्ञान' (Scientifically Validated Social Traditional Knowledge) है।
उद्देश्य: भारत के पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ समाज तक पहुँचाना।
विशेषता: यह जानकारी 19 भारतीय और 5 विदेशी भाषाओं में प्रसारित की जाएगी।
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❄️गांधीनगर में BSL-4 कंटेनमेंट लैब का शिलान्यास❄️
घोषणा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर (गुजरात) में BSL-4 (बायो-सेफ्टी लेवल 4) कंटेनमेंट प्रयोगशाला का शिलान्यास किया।
महत्व: यह भारत की सबसे उन्नत लैब होगी जहाँ इबोला, निपाह जैसे खतरनाक वायरसों पर रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स हो सकेगा।
उद्देश्य: देश की स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य की महामारियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना।
आत्मनिर्भरता: यह लैब उच्च स्तरीय जैव-सुरक्षा और स्वदेशी अनुसंधान की दिशा में एक बड़ा कदम है।
घोषणा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर (गुजरात) में BSL-4 (बायो-सेफ्टी लेवल 4) कंटेनमेंट प्रयोगशाला का शिलान्यास किया।
महत्व: यह भारत की सबसे उन्नत लैब होगी जहाँ इबोला, निपाह जैसे खतरनाक वायरसों पर रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स हो सकेगा।
उद्देश्य: देश की स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य की महामारियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना।
आत्मनिर्भरता: यह लैब उच्च स्तरीय जैव-सुरक्षा और स्वदेशी अनुसंधान की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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❄️अरावली परिदृश्य पुनरुद्धार पर राष्ट्रीय सम्मेलन (जनवरी 2026)❄️
आयोजन: "अरावली ग्रीन वॉल को मजबूती" विषय पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
उद्घाटन: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा।
प्रमुख प्रोजेक्ट: अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (Aravalli Green Wall Project)। यह UNCCD के तहत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को उपजाऊ बनाने के विजन का हिस्सा है।
क्षेत्र कवरेज: इस प्रोजेक्ट के तहत अरावली क्षेत्र के 4 राज्यों/UT (गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली) को शामिल किया गया है।
भूमि की पहचान: प्रोजेक्ट के लिए कुल 6.45 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि की पहचान की गई है।
वर्तमान प्रगति: अब तक 2.7 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि पर हरियाली (वनीकरण) का काम शुरू हो चुका है।
प्रबंधन: अरावली के आसपास के 29 जिलों के 'डीवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर' (DFO) इस प्रोजेक्ट को लागू कर रहे हैं।
जैव विविधता संरक्षण: अरावली क्षेत्र में 4 टाइगर रिजर्व और 18 संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas) मौजूद हैं, जिन्हें इस पहल के माध्यम से सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
वन्यजीव तथ्य: भारत दुनिया की 7 बिग कैट (Big Cat) प्रजातियों में से 5 का आवास स्थल है और दुनिया के 70% बाघ भारत में हैं।
सहयोगी देश: उद्घाटन सत्र में डेनमार्क के राजदूत और 'संकल्प फाउंडेशन' के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
शॉर्ट में: यह सम्मेलन अरावली पर्वत श्रृंखला (दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक) को मरुस्थलीकरण से बचाने और उत्तर भारत में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी रणनीतिक पहल है।
आयोजन: "अरावली ग्रीन वॉल को मजबूती" विषय पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
उद्घाटन: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा।
प्रमुख प्रोजेक्ट: अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (Aravalli Green Wall Project)। यह UNCCD के तहत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को उपजाऊ बनाने के विजन का हिस्सा है।
क्षेत्र कवरेज: इस प्रोजेक्ट के तहत अरावली क्षेत्र के 4 राज्यों/UT (गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली) को शामिल किया गया है।
भूमि की पहचान: प्रोजेक्ट के लिए कुल 6.45 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि की पहचान की गई है।
वर्तमान प्रगति: अब तक 2.7 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि पर हरियाली (वनीकरण) का काम शुरू हो चुका है।
प्रबंधन: अरावली के आसपास के 29 जिलों के 'डीवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर' (DFO) इस प्रोजेक्ट को लागू कर रहे हैं।
जैव विविधता संरक्षण: अरावली क्षेत्र में 4 टाइगर रिजर्व और 18 संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas) मौजूद हैं, जिन्हें इस पहल के माध्यम से सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
वन्यजीव तथ्य: भारत दुनिया की 7 बिग कैट (Big Cat) प्रजातियों में से 5 का आवास स्थल है और दुनिया के 70% बाघ भारत में हैं।
सहयोगी देश: उद्घाटन सत्र में डेनमार्क के राजदूत और 'संकल्प फाउंडेशन' के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
शॉर्ट में: यह सम्मेलन अरावली पर्वत श्रृंखला (दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक) को मरुस्थलीकरण से बचाने और उत्तर भारत में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी रणनीतिक पहल है।
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♦️ RAJASTHAN CURRENT AFFAIRS ♦️
1. विश्व का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब:
राजस्थान के बालोतरा जिले में दुनिया का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाया जा रहा है।
यह हब बालोतरा के सिवाणा क्षेत्र (पंचपदरा झील के पास) में विकसित होगा।
2. अंतर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव 2026 (बीकानेर):
आयोजन: 9-11 जनवरी 2026 (32वाँ संस्करण)।
ढोला-मरवण खिताब: किशोर कल्ला और स्वाति कल्ला ने जीता।
मिस मरवण: अंकिता सुथार।
मिस्टर बीकाणा: लखन पारीक।
3. राजस्थान की पहली OBRC लैब:
प्रदेश की पहली बायोलॉजिकल रिजनरेटिव केयर (OBRC) लैब का शुभारंभ बीकानेर के PBM अस्पताल में किया गया है।
यह ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में अत्याधुनिक उपचार के लिए राज्य की पहली लैब है।
4. राव चंद्रसेन पैनोरमा:
मारवाड़ के वीर सपूत राव चंद्रसेन को समर्पित पैनोरमा जोधपुर में बनाया जा रहा है।
यह जोधपुर के प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान परिसर में विकसित किया जा रहा है, जो उनकी वीरता और संघर्ष को दर्शाएगा।
5. क्षुद्रग्रह (Asteroid) का नामकरण 'प्रमिष्का':
झालावाड़ के पीपलोदी में स्कूल हादसे में जान गँवाने वाले 7 बच्चों की याद में एक क्षुद्रग्रह (2021 DB5) का नाम 'प्रमिष्का' (Pramishka) रखा गया है।
6. पुस्तक 'मेरी मुलाकातें' का विमोचन:
इस पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और सिविल लाइन्स विधायक गोपाल शर्मा हैं।
इसका विमोचन जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया गया।
7. खेल उपलब्धियाँ:
रोल बॉल विश्व कप (दुबई): राजस्थान के प्रीतिका तारावत, आदित्य प्रताप सिंह और महिपाल महला ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता।
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