1. आयुष उत्पादों की डिजिटल पहुंच: आयुषएक्सील और जेप्टो के बीच समझौता
साझेदारी: आयुष निर्यात प्रोत्साहन परिषद (Ayushexcil) और जेप्टो (Zepto) लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
उद्देश्य: देशभर में आयुष औषधियों और स्वास्थ्य रक्षा उत्पादों की ऑनलाइन पहुंच को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना।
मुख्य विशेषताएं:
जेप्टो अपने प्लेटफॉर्म पर एक समर्पित 'आयुष स्टोरफ्रंट' बनाएगा।
Ayushexcil योग्य आयुष निर्माताओं की सिफारिश करेगा और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करेगा।
इस पहल का लक्ष्य 'आयुष क्वालिटी मार्क' जैसे मानकों के माध्यम से उपभोक्ता विश्वास बढ़ाना है।
पृष्ठभूमि: Ayushexcil को आयुष मंत्रालय द्वारा स्थापित और वाणिज्य मंत्रालय द्वारा समर्थित किया गया है।
2. साइबर सुरक्षा: क्वांटम-प्रतिरोधी 'वैदिक कवच' तकनीक
साझेदारी: भास्करचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) और क्यूएनयू (QNu) लैब्स के बीच समझौता हुआ।
उद्देश्य: भारत की क्वांटम-प्रतिरोधी (Quantum-Resistant) साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण करना।
मुख्य विशेषताएं:
BISAG-N द्वारा विकसित स्वदेशी क्रिप्टोग्राफिक सॉफ्टवेयर 'वैदिक कवच' को क्यूएनयू लैब्स के क्वांटम हार्डवेयर के साथ एकीकृत किया जाएगा।
इसमें एक स्वदेशी सुरक्षित वेब ब्राउज़र का विकास भी शामिल है, जो क्वांटम वेब सर्वर और क्वांटम रैंडम नंबर जनरेशन (QRNG) तकनीक पर आधारित होगा।
महत्त्व: यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए डिजिटल सूचना परिदृश्य को भविष्य की क्वांटम चुनौतियों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साझेदारी: आयुष निर्यात प्रोत्साहन परिषद (Ayushexcil) और जेप्टो (Zepto) लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
उद्देश्य: देशभर में आयुष औषधियों और स्वास्थ्य रक्षा उत्पादों की ऑनलाइन पहुंच को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना।
मुख्य विशेषताएं:
जेप्टो अपने प्लेटफॉर्म पर एक समर्पित 'आयुष स्टोरफ्रंट' बनाएगा।
Ayushexcil योग्य आयुष निर्माताओं की सिफारिश करेगा और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करेगा।
इस पहल का लक्ष्य 'आयुष क्वालिटी मार्क' जैसे मानकों के माध्यम से उपभोक्ता विश्वास बढ़ाना है।
पृष्ठभूमि: Ayushexcil को आयुष मंत्रालय द्वारा स्थापित और वाणिज्य मंत्रालय द्वारा समर्थित किया गया है।
2. साइबर सुरक्षा: क्वांटम-प्रतिरोधी 'वैदिक कवच' तकनीक
साझेदारी: भास्करचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) और क्यूएनयू (QNu) लैब्स के बीच समझौता हुआ।
उद्देश्य: भारत की क्वांटम-प्रतिरोधी (Quantum-Resistant) साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण करना।
मुख्य विशेषताएं:
BISAG-N द्वारा विकसित स्वदेशी क्रिप्टोग्राफिक सॉफ्टवेयर 'वैदिक कवच' को क्यूएनयू लैब्स के क्वांटम हार्डवेयर के साथ एकीकृत किया जाएगा।
इसमें एक स्वदेशी सुरक्षित वेब ब्राउज़र का विकास भी शामिल है, जो क्वांटम वेब सर्वर और क्वांटम रैंडम नंबर जनरेशन (QRNG) तकनीक पर आधारित होगा।
महत्त्व: यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए डिजिटल सूचना परिदृश्य को भविष्य की क्वांटम चुनौतियों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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