भारत और कीनिया ने नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कीनिया में डिजिलॉकर पायलट प्रोजेक्ट के लिए कार्यान्वयन ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सोशल मीडिया पोस्ट में नैरोबी के भारतीय उच्चायोग ने कहा कि डिजिलॉकर समाधान आधिकारिक दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटल भंडारण और वास्तविक समय सत्यापन को सक्षम करेगा, कागजी कार्रवाई को कम करेगा और नागरिकों, छात्रों और व्यवसायों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाएगा।
सोशल मीडिया पोस्ट में नैरोबी के भारतीय उच्चायोग ने कहा कि डिजिलॉकर समाधान आधिकारिक दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटल भंडारण और वास्तविक समय सत्यापन को सक्षम करेगा, कागजी कार्रवाई को कम करेगा और नागरिकों, छात्रों और व्यवसायों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाएगा।
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डीआरडीओ ने गगनयान ड्रोग पैराशूट का सफल क्वालीफिकेशन परीक्षण किया
भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
रक्षा अनुसंधान औऱ विकास संगठन (डीआरडीओ) के चण्डीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (टीबीआरएल) के ‘रेल ट्रेक रॉकेट स्लेड’ केन्द्र में गगनयान कार्यक्रम के लिए पैराशूट का क्वालीफिकेशन स्तर का लोड परिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
आरटीआरएस एक विशिष्ट गतिशील परिक्षण सुविधा है, जिसका उपयोग उच्च गति वाले एरोडायनिमक और बैलस्टिक मूल्यांकन के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
यह परीक्षण 18 फरवरी, 2026 को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, इसरो, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, डीआरडीओ और टीबीआरएल की विभिन्न समर्पित टीमों के साथ मिलकर किया गया था।
आरटीआरएस डायनिमिक परीक्षण के दौरान क्वालीफिकेशन स्तर के उन भारों (लोड) का अनुकरण किया गया, जो अधिकतम उड़ान भार से अधिक भी अधिक होते है।
यह पैराशूट के अतिरिक्त डिजाइन सुरक्षा मार्जिन को प्रदर्शित करता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा संचालित ‘गगनयान’ भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है।
इस मिशन के तहत तीन सदस्यीय भारतीय दल को 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा में तीन दिन के लिए भेजने और सुरक्षित वापस लाने की योजना है।
भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
रक्षा अनुसंधान औऱ विकास संगठन (डीआरडीओ) के चण्डीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (टीबीआरएल) के ‘रेल ट्रेक रॉकेट स्लेड’ केन्द्र में गगनयान कार्यक्रम के लिए पैराशूट का क्वालीफिकेशन स्तर का लोड परिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
आरटीआरएस एक विशिष्ट गतिशील परिक्षण सुविधा है, जिसका उपयोग उच्च गति वाले एरोडायनिमक और बैलस्टिक मूल्यांकन के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
यह परीक्षण 18 फरवरी, 2026 को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, इसरो, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, डीआरडीओ और टीबीआरएल की विभिन्न समर्पित टीमों के साथ मिलकर किया गया था।
आरटीआरएस डायनिमिक परीक्षण के दौरान क्वालीफिकेशन स्तर के उन भारों (लोड) का अनुकरण किया गया, जो अधिकतम उड़ान भार से अधिक भी अधिक होते है।
यह पैराशूट के अतिरिक्त डिजाइन सुरक्षा मार्जिन को प्रदर्शित करता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा संचालित ‘गगनयान’ भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है।
इस मिशन के तहत तीन सदस्यीय भारतीय दल को 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा में तीन दिन के लिए भेजने और सुरक्षित वापस लाने की योजना है।
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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाषिणी राष्ट्रीय अवसंरचना पर वॉइसईआरए लॉन्च किया गया
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉइसईआरए लॉन्च किया।
यह ओपन सोर्स, एंड टू एंड वॉयस एआई स्टैक के लॉन्च के साथ भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) सफर में बड़ा मील का पत्थर है।
डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ नाग ने एकस्टेप फाउंडेशन के साथ सीओएसएस, आईआईआईटी बेंगलुरु और AI4Bharat के सहयोग से इस लॉन्च का नेतृत्व किया।
भाषिणी राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना पर तैनात, वॉइसईआरए बहुभाषी वॉयस और लैंग्वेज एआई के लिए नेशनल एग्जीक्यूशन लेयर स्थापित करता है। इसे ओपन, प्लगेबल, इंटरऑपरेबल, क्लाउड डिप्लॉयेबल और ऑन-प्रिमाइसेस रेडी होने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉइसईआरए लॉन्च किया।
यह ओपन सोर्स, एंड टू एंड वॉयस एआई स्टैक के लॉन्च के साथ भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) सफर में बड़ा मील का पत्थर है।
डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ नाग ने एकस्टेप फाउंडेशन के साथ सीओएसएस, आईआईआईटी बेंगलुरु और AI4Bharat के सहयोग से इस लॉन्च का नेतृत्व किया।
भाषिणी राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना पर तैनात, वॉइसईआरए बहुभाषी वॉयस और लैंग्वेज एआई के लिए नेशनल एग्जीक्यूशन लेयर स्थापित करता है। इसे ओपन, प्लगेबल, इंटरऑपरेबल, क्लाउड डिप्लॉयेबल और ऑन-प्रिमाइसेस रेडी होने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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