भवसागर' रेफरल सेंटर को गहरे समुद्र में रहने वाले जीवों के लिए भारत के राष्ट्रीय भंडार के रूप में नामित किया गया
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के अधीन केरल के कोच्चि स्थित समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केन्द्र (सीएमएलआरई) ने समुद्री संरक्षण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने आधिकारिक तौर पर सीएमएलआरई के 'भवसागर' रेफरल सेंटर को गहरे समुद्र में रहने वाले जीवों के लिए भारत के राष्ट्रीय भंडार के रूप में नामित किया है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के अधीन केरल के कोच्चि स्थित समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केन्द्र (सीएमएलआरई) ने समुद्री संरक्षण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने आधिकारिक तौर पर सीएमएलआरई के 'भवसागर' रेफरल सेंटर को गहरे समुद्र में रहने वाले जीवों के लिए भारत के राष्ट्रीय भंडार के रूप में नामित किया है।
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💠सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद अब भारत ने इसके अगले चरण की ओर कदम बढ़ाया है। इस वर्ष के बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस चरण का फोकस भारत में सेमीकंडक्टर उपकरण (Equipment) और सामग्री (Materials) के उत्पादन पर है।
💠भारत आज इंडस्ट्री-नेतृत्व वाले अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि तकनीक का विकास हो और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) भी तैयार हो सके।
💠बहुत जल्द देश में 85,000 से अधिक डिजाइन पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए ‘चिप-टू-स्टार्टअप’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
💠आज देश की करीब 400 विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को आधुनिक डिजाइन टूल्स तक पहुंच दी गई है, जिससे 55 से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।
💠इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार आज भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये) का है, जो इस दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) को पार कर सकता है।
💠भारत आज इंडस्ट्री-नेतृत्व वाले अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि तकनीक का विकास हो और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) भी तैयार हो सके।
💠बहुत जल्द देश में 85,000 से अधिक डिजाइन पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए ‘चिप-टू-स्टार्टअप’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
💠आज देश की करीब 400 विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को आधुनिक डिजाइन टूल्स तक पहुंच दी गई है, जिससे 55 से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।
💠इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार आज भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये) का है, जो इस दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) को पार कर सकता है।
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इस्पात मंत्रालय एवं उसके पीएसयू द्वारा 16 से 31 मार्च 2026 तक देशभर में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन
💠पखवाड़े की शुरुआत इस्पात मंत्रालय में 'स्वच्छता शपथ' दिलाने के साथ हुई। जागरूकता फैलाने के लिए मंत्रालय के कार्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों पर बैनर और स्टैंडी प्रदर्शित किए गए।
💠मंत्रालय के परिसर में गहन सफाई अभियान चलाया गया। स्वच्छता का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों की एक टीम द्वारा मंत्रालय के कमरों/पुस्तकालय/रिकॉर्ड सेल का स्वच्छता निरीक्षण भी किया गया।
💠पीएसयू ने 28 मार्च, 2026 को 'इस्पात सुरक्षा दिवस' का आयोजन किया। स्वच्छता पखवाड़ा 31 मार्च, 2026 को मंत्रालय और इसके अधीन सभी पीएसयू/संस्थानों में वर्ष भर सफाई गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
💠पखवाड़े की शुरुआत इस्पात मंत्रालय में 'स्वच्छता शपथ' दिलाने के साथ हुई। जागरूकता फैलाने के लिए मंत्रालय के कार्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों पर बैनर और स्टैंडी प्रदर्शित किए गए।
💠मंत्रालय के परिसर में गहन सफाई अभियान चलाया गया। स्वच्छता का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों की एक टीम द्वारा मंत्रालय के कमरों/पुस्तकालय/रिकॉर्ड सेल का स्वच्छता निरीक्षण भी किया गया।
💠पीएसयू ने 28 मार्च, 2026 को 'इस्पात सुरक्षा दिवस' का आयोजन किया। स्वच्छता पखवाड़ा 31 मार्च, 2026 को मंत्रालय और इसके अधीन सभी पीएसयू/संस्थानों में वर्ष भर सफाई गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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