पृष्ठभूमि: इंडिया फार्मा सम्मेलन
इंडिया फार्मा की परिकल्पना 2016 में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा फार्मास्युटिकल विभाग के सहयोग से उद्योग जगत और सरकार के बीच संवाद के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में की गई थी।
इस पहल का उद्देश्य विकास के अवसरों की पहचान करना, क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान करना और भारत के फार्मास्युटिकल इको-सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करना था।
इंडिया फार्मा की परिकल्पना 2016 में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा फार्मास्युटिकल विभाग के सहयोग से उद्योग जगत और सरकार के बीच संवाद के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में की गई थी।
इस पहल का उद्देश्य विकास के अवसरों की पहचान करना, क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान करना और भारत के फार्मास्युटिकल इको-सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करना था।
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' के नाम से विख्यात,महिलाओं की प्रेरणा स्रोत #कस्तूरबा गाँधी स्वतंत्रता संग्राम की पर्याय बन गयी थीं.राष्ट्रपिता महत्मा गाँधी के स्वदेशी आन्दोलन को सफल बनाने, अछूतोद्धार, कुष्ठ रोगियों की सेवा,स्वच्छता जैसे कई सामाजिक कार्यों में उनका अविस्मरणीय योगदान रहा।
जयंती पर शत-शत नमन🙏
जयंती पर शत-शत नमन🙏
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दलित-शोषित और वंचित लोगों की आवाज़ बनके उभरने वाले क्रांतिकारी समाजसेवी, महात्मा #jyotibaphule ने कई सामाजिक कुरूतियों को दूर करने के लिए आजीवन संघर्ष किया. उन्होंने स्त्री शिक्षा का समर्थन कर न्याय व समानता आधारित समाज की
बुनियाद रखी.
जयंती पर सादर नमन 🙏
बुनियाद रखी.
जयंती पर सादर नमन 🙏
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❇️ मिशन मित्रा (Mission Mitra)
पूर्ण नाम: मैपिंग ऑफ इंटरऑपरेबल ट्रेट्स एंड रिस्पॉन्स असेसमेंट (Mapping of Interoperable Traits and Response Assessment)
✓ इस परियोजना के अंतर्गत यह अध्ययन किया जाता है कि कठिन परिस्थितियों में अंतरिक्ष यात्री सहयोगात्मक रूप से कैसे कार्य करते हैं। 🤝🚀
✓ हाल ही में इसरो (ISRO) ने लद्दाख के लेह में लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर इसका स्थापना कार्य किया है, जहाँ अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों को पुन: निर्मित किया जाता है। 🏔️🛰️
पूर्ण नाम: मैपिंग ऑफ इंटरऑपरेबल ट्रेट्स एंड रिस्पॉन्स असेसमेंट (Mapping of Interoperable Traits and Response Assessment)
✓ इस परियोजना के अंतर्गत यह अध्ययन किया जाता है कि कठिन परिस्थितियों में अंतरिक्ष यात्री सहयोगात्मक रूप से कैसे कार्य करते हैं। 🤝🚀
✓ हाल ही में इसरो (ISRO) ने लद्दाख के लेह में लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर इसका स्थापना कार्य किया है, जहाँ अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों को पुन: निर्मित किया जाता है। 🏔️🛰️
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