जयपुर में 'राजस्थान शामलात अधिवेशन 2026' का शुभारंभ - गौ माता आश्रय स्थल होंगे स्थापित 🐄🌿
पंचायती राज मंत्री
जयपुर, 15 अप्रेल। राजस्थान में साझा संसाधनों (चारागाह, जल स्त्रोत, वन, वेटलैंड्स आदि) के संरक्षण और बेहतर उपयोग को लेकर आयोजित "राजस्थान शामलात अधिवेशन 2026" का इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान (IGPRS), जयपुर में शुभारंभ हुआ। 🏛️
"Shaping our Prosperity with Commons" विषय पर आधारित इस अधिवेशन का उद्घाटन बुधवार को पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर द्वारा किया गया। 🎉 इस अवसर पर उन्होंने शामलात संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और उनके प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चारागाह, जल स्रोत, वन और अन्य साझा संसाधन ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 🌾💧
गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे- 🐮🏠
मंत्री श्री दिलावर ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत राज्य की 457 पंचायत समितियों की एक-एक ग्राम पंचायत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास आधारित गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे। ✨
पंचायती राज मंत्री
जयपुर, 15 अप्रेल। राजस्थान में साझा संसाधनों (चारागाह, जल स्त्रोत, वन, वेटलैंड्स आदि) के संरक्षण और बेहतर उपयोग को लेकर आयोजित "राजस्थान शामलात अधिवेशन 2026" का इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान (IGPRS), जयपुर में शुभारंभ हुआ। 🏛️
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गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे- 🐮🏠
मंत्री श्री दिलावर ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत राज्य की 457 पंचायत समितियों की एक-एक ग्राम पंचायत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास आधारित गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे। ✨
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💠केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की
💠ब्रिक्स 2026 का मार्गदर्शक विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण" है, जो जन-केंद्रित एवं भविष्य के लिए तैयार दृष्टिकोण को दर्शाता है
💠निवारक, जन-केंद्रित एवं समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारत ने "स्वस्थ जीवनशैली" और "मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा" विषय पर दो नए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में पेश किया है
💠भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत रणनीतिक फोकस के रूप में टीबी अनुसंधान नेटवर्क और साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा सहित चल रही प्राथमिकताओं को जारी रखा जाएगा
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पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, राज्य सरकार ने जैसलमेर जिले के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने के लिए, ओरण भूमि के आरक्षण हेतु, महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार द्वारा जैसलमेर जिले के विभिन्न गाँवों में, ओरण के लिए कुल 3666.2139 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।
'अरण्य' (बिना छेड़ा हुआ जंगल) के रूप में विख्यात ये पवित्र उपवन, न केवल हमारी प्राचीन धार्मिक परंपराओं का प्रतीक हैं, बल्कि मरुस्थलीकरण को रोकने और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हैं।
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