Taiyari Karlo (Rajasthan)
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" अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी हुई आसान 'तैयारी करलो' के साथ "

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विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम

1. चयन प्रक्रिया: राजस्थान के 16 हजार युवाओं में से 15 प्रतिभाशाली 'माय भारत' स्वयंसेवकों का चयन 'विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' के तहत किया गया है।

2. मिशन और स्थान: देशभर से चयनित कुल 100 युवाओं के दल में राजस्थान के ये 15 स्वयंसेवक शामिल होंगे। ये स्वयंसेवक हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में जाकर राष्ट्र निर्माण और जन-जागरूकता गतिविधियों में भाग लेंगे।

3. आयोजक मंत्रालय: यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

4. मुख्य उद्देश्य: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, इस अनुभव से युवाओं में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और अधिक मजबूत होगी।

5. आईटीबीपी के साथ अनुभव: ये युवा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के वीर जवानों के साथ कार्य कर
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राजस्थान सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप

1. आयोजन स्थल: यह चैंपियनशिप बीकानेर के सादुल स्पोर्ट्स स्कूल में आयोजित की गई।

2. राजस्थान के फर्राटा चैंपियन: झुंझुनूं के आदेश गरसा और जयपुर की डोना धाकड़ प्रदेश के सबसे तेज धावक-धाविका (Sprint Champions) बने हैं।

3. 100 मीटर दौड़ के नतीजे:
- पुरुष वर्ग: आदेश गरसा ने 10.81 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
- महिला वर्ग: जयपुर की डोना धाकड़ ने 12.12 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया।

4. दबदबा: चैंपियनशिप में पुरुष वर्ग में श्रीगंगानगर के खिलाड़ियों का दबदबा रहा, जबकि महिला वर्ग में जोधपुर की एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया।

5. अन्य स्वर्ण पदक विजेता:
- कचनार चौधरी (जयपुर): शॉटपुट (गोला फेंक)
- रिशिता (जयपुर): 200 मीटर दौड़
- निकिता कुमारी (जयपुर): डिस्कस थ्रो
- रिंकू चौधरी (जयपुर): ट्रिपल जंप

6. विशेष उपलब्धियां: जयपुर के मानव शर्मा ने 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया



रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने स्वदेशी रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया।

प्रक्षेपित की गईं सभी मिसाइलों ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।

रुद्रम-II को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। विकास सह उत्पादन साझेदारों (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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