भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य में हुए बदलाव
पिछले 12 वर्षों में सरकार ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है। 44 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है तथा 1.86 लाख से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य-रक्षा केंद्र संचालित किए गए हैं
18,000+ जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएँ बाजार मूल्य की तुलना में 50–90 प्रतिशत कम कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं
भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। वर्ष 2014 के बाद से 12 नए एम्स कार्यशील हो चुके हैं। पारंपरिक चिकित्सा को औपचारिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एकीकृत किया गया
वर्ष 2014 के बाद से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में वैश्विक औसत की तुलना में दोगुनी दर से कमी आई है तथा मलेरिया की रुग्णता में 78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है
विभिन्न अन्य रोगों की व्यापकता में भी कमी आ रही है। समग्र रूप से ये उपलब्धियाँ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाती हैं
पिछले 12 वर्षों में सरकार ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है। 44 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है तथा 1.86 लाख से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य-रक्षा केंद्र संचालित किए गए हैं
18,000+ जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएँ बाजार मूल्य की तुलना में 50–90 प्रतिशत कम कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं
भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। वर्ष 2014 के बाद से 12 नए एम्स कार्यशील हो चुके हैं। पारंपरिक चिकित्सा को औपचारिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एकीकृत किया गया
वर्ष 2014 के बाद से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में वैश्विक औसत की तुलना में दोगुनी दर से कमी आई है तथा मलेरिया की रुग्णता में 78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है
विभिन्न अन्य रोगों की व्यापकता में भी कमी आ रही है। समग्र रूप से ये उपलब्धियाँ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाती हैं
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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विश्व पर्यावरण दिवस ( 5 जून 2026 ) के अवसर पर नई दिल्ली में इंडियन ऑयल के एक रिटेल आउटलेट पर ई85 फ्यूल लॉन्च किया
✳️ई85 उच्च-इथेनॉल वाला एक मिक्स्ड फ़्यूल है जिसमें 80-85 प्रतिशत इथेनॉल और 14-19 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसे विशेष रूप से फ़्लेक्स-फ़्यूल वाले वाहनों में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है
✳️इस पहल का उद्देश्य फ़्लेक्स-फ़्यूल वाले वाहनों (एफएफवी) को अपनाने को बढ़ावा देना है
✳️ये वाहन ई20 से लेकर ई100 तक के इथेनॉल मिक्स पर चल सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को एक ही तरह के मिश्रण तक सीमित नहीं रहना पड़ता
✳️ई85 उच्च-इथेनॉल वाला एक मिक्स्ड फ़्यूल है जिसमें 80-85 प्रतिशत इथेनॉल और 14-19 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसे विशेष रूप से फ़्लेक्स-फ़्यूल वाले वाहनों में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है
✳️इस पहल का उद्देश्य फ़्लेक्स-फ़्यूल वाले वाहनों (एफएफवी) को अपनाने को बढ़ावा देना है
✳️ये वाहन ई20 से लेकर ई100 तक के इथेनॉल मिक्स पर चल सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को एक ही तरह के मिश्रण तक सीमित नहीं रहना पड़ता
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FEAFCD8C96CC404E9CBEF4128995F793.pdf
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उलानबटोर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज कुश्ती टूर्नामेंट
उलानबटोर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज कुश्ती टूर्नामेंट
उलानबटोर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज कुश्ती टूर्नामेंट 2026 का आयोजन 4 जून से 7 जून 2026 के बीच मंगोलिया के उलानबटोर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) की रैंकिंग सीरीज़ का तीसरा टूर्नामेंट था, जिसमें भारतीय पहलवानों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 17 पदक (8 स्वर्ण पदक सहित) अपने नाम किए और टीम स्टैंडिंग में शीर्ष तीन में स्थान पक्का किया।
उलानबटोर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज कुश्ती टूर्नामेंट
उलानबटोर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज कुश्ती टूर्नामेंट 2026 का आयोजन 4 जून से 7 जून 2026 के बीच मंगोलिया के उलानबटोर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) की रैंकिंग सीरीज़ का तीसरा टूर्नामेंट था, जिसमें भारतीय पहलवानों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 17 पदक (8 स्वर्ण पदक सहित) अपने नाम किए और टीम स्टैंडिंग में शीर्ष तीन में स्थान पक्का किया।
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