RAS/Govt Job lagne ki iss journey me aapko
bhut baar bhut se log milege
jo aapko halka sa hint dekke bolege ki
bhut muskil hai bhai
mat kr iski tyaari
but aap ye yaad rakhna
👉 प्लेटो की Allegory of the Cave me plato ne
issi parkar ke logo ke baare me
ache se btaya hai
👉 jisme ek badi si गुफा me
khuch logo ko unke janam se hi
uss gufa me rakha jata hai ,
or unko
janjiro se badh kar sirf ek diwar ki taraf
dekhna hota hai
👉 Unke piche ki side khuch door
Aaag jalaa kar rakhi jati
or har din uss aag ke aage se khuch
cheeze guzari jati hai
unn cheezo ko sirf parchayi hi
dikhti hai unn logo ko
👉 Or long duration me unn parchayi ko hi
vo real maan lete hai
👉 but 2-3 bande uss
gufa se bahar nikal jate hai
or real world ko dekh kar
wapas uss gufa me aate hai
👉 Or Unke sathiyo ko btate hai ki ye
sirf parchayi hai jo hum itne saalo se dekh rahe the
real world iss gufa se bahar hai
but
vo log unn bando ko pagal bol dete hai ki ye to pagal ho gye hai
👉 yhin hota hai life me bhi ,
aapko apni gufa se bahar nikalkar
khud ko samjna hoga,
khud se Questions karne honge ,
khud ko har din todna hoga
👉 log aapko pagal bol sakte hai ,
bu aapko lgaatar khud ke jivan me aage badhna hai
but
remember aap pahle khud uss
Comfort zone rupi Gufa se bahar aa gye ho
👉 Ladte rahna hai , Lage rahna hai
👉 Mast rahna hai ek dum ,
hehehe haha karte rhna hai time time per
As Always
Be Healthy
Be Happy
✍️ UV
bhut baar bhut se log milege
jo aapko halka sa hint dekke bolege ki
bhut muskil hai bhai
mat kr iski tyaari
but aap ye yaad rakhna
👉 प्लेटो की Allegory of the Cave me plato ne
issi parkar ke logo ke baare me
ache se btaya hai
👉 jisme ek badi si गुफा me
khuch logo ko unke janam se hi
uss gufa me rakha jata hai ,
or unko
janjiro se badh kar sirf ek diwar ki taraf
dekhna hota hai
👉 Unke piche ki side khuch door
Aaag jalaa kar rakhi jati
or har din uss aag ke aage se khuch
cheeze guzari jati hai
unn cheezo ko sirf parchayi hi
dikhti hai unn logo ko
👉 Or long duration me unn parchayi ko hi
vo real maan lete hai
👉 but 2-3 bande uss
gufa se bahar nikal jate hai
or real world ko dekh kar
wapas uss gufa me aate hai
👉 Or Unke sathiyo ko btate hai ki ye
sirf parchayi hai jo hum itne saalo se dekh rahe the
real world iss gufa se bahar hai
but
vo log unn bando ko pagal bol dete hai ki ye to pagal ho gye hai
👉 yhin hota hai life me bhi ,
aapko apni gufa se bahar nikalkar
khud ko samjna hoga,
khud se Questions karne honge ,
khud ko har din todna hoga
👉 log aapko pagal bol sakte hai ,
bu aapko lgaatar khud ke jivan me aage badhna hai
but
remember aap pahle khud uss
Comfort zone rupi Gufa se bahar aa gye ho
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👉 Mast rahna hai ek dum ,
hehehe haha karte rhna hai time time per
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✍️ UV
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2026-31 तक जारी रहेगी पीएम-अजय योजना, बढ़ेगा वित्तीय परिव्यय
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़े हुए वित्तीय परिव्यय के साथ जारी रखने का प्रस्ताव रखा है।
सरकार का कहना है कि योजना के तहत अब तक अवसंरचना विकास, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शुरू की गई पीएम-अजय योजना को तीन प्रमुख घटकों—आदर्श ग्राम, सहायता अनुदान और छात्रावास—के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 तक इस योजना के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4,276.62 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़े हुए वित्तीय परिव्यय के साथ जारी रखने का प्रस्ताव रखा है।
सरकार का कहना है कि योजना के तहत अब तक अवसंरचना विकास, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शुरू की गई पीएम-अजय योजना को तीन प्रमुख घटकों—आदर्श ग्राम, सहायता अनुदान और छात्रावास—के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 तक इस योजना के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4,276.62 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं
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विश्व में नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना भारत
भारत विश्व में नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
भारत वैश्विक जहाजरानी उद्योग में 3 लाख 11 हजार से अधिक समुद्री पेशेवरों का योगदान दे रहा है। बाल्टिक और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री परिषद (बिमको), इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (आईसीएस) नाविक कार्यबल रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत अब वैश्विक समुद्री कार्यबल का 12.16 प्रतिशत हिस्सा है। भारत केवल फिलीपींस से पीछे है।
भारत विश्व में नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
भारत वैश्विक जहाजरानी उद्योग में 3 लाख 11 हजार से अधिक समुद्री पेशेवरों का योगदान दे रहा है। बाल्टिक और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री परिषद (बिमको), इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (आईसीएस) नाविक कार्यबल रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत अब वैश्विक समुद्री कार्यबल का 12.16 प्रतिशत हिस्सा है। भारत केवल फिलीपींस से पीछे है।
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आईआईटी दिल्ली ने मेलोडिक इंटोनेशन थेरेपी का हिंदी संस्करण विकसित किया
आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एम्स नई दिल्ली और इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज के सहयोग से स्ट्रोक के बाद होने वाले वाचाघात (एफ़ेसिया) के लिए मेलोडिक इंटोनेशन थेरेपी (एम.आई.टी.) का पहला हिंदी संस्करण विकसित किया है।
यह एक संगीत-आधारित उपचार है जो स्ट्रोक के बाद ठीक हुए लोगों को दोबारा बोलने की स्थिति में लाने में सहायता करता है। आईआईटी दिल्ली ने कहा कि यह चिकित्सा दशकों से अंग्रेजी और अन्य पश्चिमी भाषाओं में उपलब्ध थी, लेकिन अब तक इसका कोई प्रमाणित हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं था।
आईआईटी दिल्ली ने बताया कि स्ट्रोक, भारत में विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है, और स्ट्रोक से बचे ज्यादतर लोग बोलने में कठिनाई का सामना करते हैं। स्ट्रोक के बाद, कई लोग सामान्य रूप से बोलने की क्षमता खो देते हैं। इस स्थिति को नॉन-फ्लुएंट एफ़ेसिया कहा जाता है।
आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एम्स नई दिल्ली और इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज के सहयोग से स्ट्रोक के बाद होने वाले वाचाघात (एफ़ेसिया) के लिए मेलोडिक इंटोनेशन थेरेपी (एम.आई.टी.) का पहला हिंदी संस्करण विकसित किया है।
यह एक संगीत-आधारित उपचार है जो स्ट्रोक के बाद ठीक हुए लोगों को दोबारा बोलने की स्थिति में लाने में सहायता करता है। आईआईटी दिल्ली ने कहा कि यह चिकित्सा दशकों से अंग्रेजी और अन्य पश्चिमी भाषाओं में उपलब्ध थी, लेकिन अब तक इसका कोई प्रमाणित हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं था।
आईआईटी दिल्ली ने बताया कि स्ट्रोक, भारत में विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है, और स्ट्रोक से बचे ज्यादतर लोग बोलने में कठिनाई का सामना करते हैं। स्ट्रोक के बाद, कई लोग सामान्य रूप से बोलने की क्षमता खो देते हैं। इस स्थिति को नॉन-फ्लुएंट एफ़ेसिया कहा जाता है।
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✅नागर विमानन मंत्रालय ने अमृतसर से हब एंड स्पोक इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन सुविधा का शुभारंभ किया
नागर विमानन मंत्रालय ने अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन सुविधा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही यह देश का दूसरा ऐसा हवाई अड्डा बन गया है जो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आवागमन के लिए भारत के प्रारंभिक हब एंड स्पोक फ्रेमवर्क में शामिल हुआ है।
यह भारत को वैश्विक विमानन केंद्र में बदलने की सरकार की रणनीति का अगला चरण है जिसके अंतर्गत भारत के ऐसे हवाई अड्डों के माध्यम से देश भर के यात्रियों को निर्बाध तरीके से अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए संपर्क सुविधा दी जाएगी। इससे पहले, 25 जून 2026 को वाराणसी में भारत के प्रथम हब एंड स्पोक ऑपरेशन का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया था।
नागर विमानन मंत्रालय ने अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन सुविधा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही यह देश का दूसरा ऐसा हवाई अड्डा बन गया है जो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आवागमन के लिए भारत के प्रारंभिक हब एंड स्पोक फ्रेमवर्क में शामिल हुआ है।
यह भारत को वैश्विक विमानन केंद्र में बदलने की सरकार की रणनीति का अगला चरण है जिसके अंतर्गत भारत के ऐसे हवाई अड्डों के माध्यम से देश भर के यात्रियों को निर्बाध तरीके से अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए संपर्क सुविधा दी जाएगी। इससे पहले, 25 जून 2026 को वाराणसी में भारत के प्रथम हब एंड स्पोक ऑपरेशन का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया था।
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