वर्षा अशोक अगलावे GSI की पहली महिला महानिदेशक बनीं
प्रख्यात भू-वैज्ञानिक वर्षा अशोक अगलावे ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के 54वें महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।
उनकी यह ऐतिहासिक नियुक्ति GSI के 176 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी महिला के इस देश के प्रमुख भू-वैज्ञानिक संगठन का नेतृत्व करने का प्रतीक है। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना दो वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल पूरा किया
प्रख्यात भू-वैज्ञानिक वर्षा अशोक अगलावे ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के 54वें महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।
उनकी यह ऐतिहासिक नियुक्ति GSI के 176 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी महिला के इस देश के प्रमुख भू-वैज्ञानिक संगठन का नेतृत्व करने का प्रतीक है। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना दो वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल पूरा किया
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। एक विशाल राष्ट्रव्यापी वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 28,000 से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं सहित विविध सभा का औपचारिक रूप से अभिवादन किया।
इस पहल की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों, समाज और पूरे राष्ट्र के व्यापक हितों की भी पूर्ति करता है।
‘नशामुक्त भारत संकल्प अभियान’ के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत को प्राप्त करने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर युवा पीढ़ी का होना अनिवार्य है, जो आत्म-विनाशकारी आदतों से पूरी तरह मुक्त हो
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। एक विशाल राष्ट्रव्यापी वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 28,000 से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं सहित विविध सभा का औपचारिक रूप से अभिवादन किया।
इस पहल की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों, समाज और पूरे राष्ट्र के व्यापक हितों की भी पूर्ति करता है।
‘नशामुक्त भारत संकल्प अभियान’ के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत को प्राप्त करने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर युवा पीढ़ी का होना अनिवार्य है, जो आत्म-विनाशकारी आदतों से पूरी तरह मुक्त हो
👉भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल सौंपी गई
ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई।
उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी।
यहां नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे।
पैरा एथलीट मेलानी वुड्स को डेविड डिक्सन अवार्ड दिया गया। उन्हें यह अवॉर्ड गेम्स के आसाधारण प्रदर्शन और खेल भावना के लिए दिया गया।
वुड्स ने महिलाओं T54 1500 मीटर रेस जीत ली थी, लेकिन रनर्स के क्रैश होने के कारण उन्होंने रेस फिर से कराने की मांग की और दोबारा रिकॉर्ड टाइम के साथ गोल्ड जीता।
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा।
पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था।
भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे।
ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई।
उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी।
यहां नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे।
पैरा एथलीट मेलानी वुड्स को डेविड डिक्सन अवार्ड दिया गया। उन्हें यह अवॉर्ड गेम्स के आसाधारण प्रदर्शन और खेल भावना के लिए दिया गया।
वुड्स ने महिलाओं T54 1500 मीटर रेस जीत ली थी, लेकिन रनर्स के क्रैश होने के कारण उन्होंने रेस फिर से कराने की मांग की और दोबारा रिकॉर्ड टाइम के साथ गोल्ड जीता।
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा।
पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था।
भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे।
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पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 2026
भारत को वर्ष 2026 के येल पर्यावरणीय प्रदर्शन सूचकांक (EPI) में 177 देशों में से 176वाँ स्थान प्राप्त हुआ, उसका स्कोर 22.46 रहा।
इस प्रकार वह वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे निचला देश रहा (लाओस से ऊपर) और 8 दक्षिण एशियाई देशों में 7वें स्थान पर रहा, जबकि एस्टोनिया ने 74.79 अंक के साथ सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। EPI एक द्विवार्षिक वैश्विक सूचकांक है, जिसे वर्ष 2000 में प्रारंभ किया गया था और जिसे येल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल लॉ एंड पॉलिसी (YCELP) तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंटरनेशनल अर्थ साइंस इंफॉर्मेशन नेटवर्क (CIESIN) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाता है।
EPI 2026 में 177 देशों का 47 संकेतकों के आधार पर, 12 पर्यावरणीय मुद्दा-श्रेणियों के अंतर्गत आकलन किया गया है
भारत को वर्ष 2026 के येल पर्यावरणीय प्रदर्शन सूचकांक (EPI) में 177 देशों में से 176वाँ स्थान प्राप्त हुआ, उसका स्कोर 22.46 रहा।
इस प्रकार वह वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे निचला देश रहा (लाओस से ऊपर) और 8 दक्षिण एशियाई देशों में 7वें स्थान पर रहा, जबकि एस्टोनिया ने 74.79 अंक के साथ सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। EPI एक द्विवार्षिक वैश्विक सूचकांक है, जिसे वर्ष 2000 में प्रारंभ किया गया था और जिसे येल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल लॉ एंड पॉलिसी (YCELP) तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंटरनेशनल अर्थ साइंस इंफॉर्मेशन नेटवर्क (CIESIN) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाता है।
EPI 2026 में 177 देशों का 47 संकेतकों के आधार पर, 12 पर्यावरणीय मुद्दा-श्रेणियों के अंतर्गत आकलन किया गया है
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सफदरजंग अस्पताल में दुनिया की पहली रोबोटिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी
नई दिल्ली स्थित वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित वयस्क मरीज की रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
अस्पताल के अनुसार, इस तरह की रोबोटिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी दुनिया में पहली बार की गई है
नई दिल्ली स्थित वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित वयस्क मरीज की रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
अस्पताल के अनुसार, इस तरह की रोबोटिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी दुनिया में पहली बार की गई है
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