👉पीवी सिंधु को BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में 9वीं रैंकिंग मिली
5 अगस्त को भारतीय शटलर पीवी सिंधु को वुमेन सिंगल्स में BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में टॉप 9 रैंकिंग (सीडिंग) मिली। ये वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।
सिंधु दो बार की ओलिंपिक मेडल विजेता हैं। वहीं, पुरुष डबल्स की जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को 5वीं रैंकिंग मिली है। सिंधु और सात्विक-चिराग के अलावा, पूर्व वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रोन्ज जीतने वाले पुरुष एकल में 14वीं रैंकिंग दी गई है।
चीन के पुरुष एकल विश्व चैंपियन शी युकी और दक्षिण कोरिया की महिला एकल स्टार आन से यंग अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप पर
5 अगस्त को भारतीय शटलर पीवी सिंधु को वुमेन सिंगल्स में BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में टॉप 9 रैंकिंग (सीडिंग) मिली। ये वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।
सिंधु दो बार की ओलिंपिक मेडल विजेता हैं। वहीं, पुरुष डबल्स की जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को 5वीं रैंकिंग मिली है। सिंधु और सात्विक-चिराग के अलावा, पूर्व वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रोन्ज जीतने वाले पुरुष एकल में 14वीं रैंकिंग दी गई है।
चीन के पुरुष एकल विश्व चैंपियन शी युकी और दक्षिण कोरिया की महिला एकल स्टार आन से यंग अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप पर
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✅गोबर और जैविक कचरे से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा, GOBARdhan योजना को कैबिनेट की मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना ‘GOBARdhan’ को मंजूरी दे दी है।
इस योजना का उद्देश्य कृषि अवशेष, गोबर, शहरी जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को संपीड़ित बायोगैस (CBG), जैविक खाद और ग्रामीण आय के स्रोत में बदलना है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और भारत की ऊर्जा व्यवस्था में संपीड़ित बायोगैस (CBG) को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करेगी।
सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से देश में सीबीजी उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना, निजी निवेश आकर्षित करना और सर्कुलर बायोइकोनॉमी को मजबूत करना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत सीबीजी उत्पादकों को सुनिश्चित बाजार, स्थिर मूल्य, पूंजी सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, ऋण सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियां सीबीजी की खरीद करेंगी। इसके तहत 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत सीबीजी मिश्रण (ब्लेंडिंग) का लक्ष्य तय किया गया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना ‘GOBARdhan’ को मंजूरी दे दी है।
इस योजना का उद्देश्य कृषि अवशेष, गोबर, शहरी जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को संपीड़ित बायोगैस (CBG), जैविक खाद और ग्रामीण आय के स्रोत में बदलना है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और भारत की ऊर्जा व्यवस्था में संपीड़ित बायोगैस (CBG) को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करेगी।
सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से देश में सीबीजी उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना, निजी निवेश आकर्षित करना और सर्कुलर बायोइकोनॉमी को मजबूत करना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत सीबीजी उत्पादकों को सुनिश्चित बाजार, स्थिर मूल्य, पूंजी सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, ऋण सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियां सीबीजी की खरीद करेंगी। इसके तहत 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत सीबीजी मिश्रण (ब्लेंडिंग) का लक्ष्य तय किया गया है
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3rd_Grade_L_2_DV_Candidate_List_&_Check_List_260809_130924.pdf
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राजस्थान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2025 (L-2) में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन समय-सारिणी व चैक लिस्ट सूची जारी
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भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने शानदार वापसी करते हुए विक्टर कोरिया मास्टर्स 2026 का महिला एकल खिताब जीता।
फाइनल में असम की अश्मिता ने चीन की हान चियान शी को तीन गेमों के मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। पहला गेम गंवाने के बाद अश्मिता ने जोरदार वापसी की और 53 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह अश्मिता का पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब है।
इससे पहले, अश्मिता ने कल सेमीफाइनल में हमवतन रक्षिता रामराज को 21-13, 16-21, 21-13 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
अश्मिता ने इससे पहले 2024 एशिया टीम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में भी उन्होंने महिला एकल और टीम स्पर्धा, दोनों में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
फाइनल में असम की अश्मिता ने चीन की हान चियान शी को तीन गेमों के मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। पहला गेम गंवाने के बाद अश्मिता ने जोरदार वापसी की और 53 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह अश्मिता का पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब है।
इससे पहले, अश्मिता ने कल सेमीफाइनल में हमवतन रक्षिता रामराज को 21-13, 16-21, 21-13 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
अश्मिता ने इससे पहले 2024 एशिया टीम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में भी उन्होंने महिला एकल और टीम स्पर्धा, दोनों में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
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✅2035 तक बनेगा भारत का अंतरिक्ष स्टेशन, 2027 में लॉन्च होगा पहला मानव मिशन ‘गगनयान’
केंद्रीय विज्ञान एवं अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद को बताया कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) को वर्ष 2035 तक संचालन में लाने का लक्ष्य है। इसरो ने पांच मॉड्यूल वाले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की समग्र संरचना तैयार कर ली है।
सरकार ने बीएएस-01 के पहले मॉड्यूल के विकास और प्रक्षेपण को मंजूरी दे दी है। बीएएस-01 की सिस्टम इंजीनियरिंग तथा विभिन्न उप-प्रणालियों की तकनीकी विकास गतिविधियां इसरो के विभिन्न केंद्रों और इकाइयों में जारी हैं।
जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए कहा कि व्योममित्र हाफ-ह्यूमनॉइड सहित पहली बार विकसित की जा रही विभिन्न तकनीकों को मान्य करने के लिए पहला मानव रहित प्रायोगिक मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लक्षित है।
इसके बाद पहले मानवयुक्त मिशन जैसी संरचना वाले दो और मानवरहित मिशन तथा पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन वर्ष 2027 तक भेजने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय विज्ञान एवं अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद को बताया कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) को वर्ष 2035 तक संचालन में लाने का लक्ष्य है। इसरो ने पांच मॉड्यूल वाले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की समग्र संरचना तैयार कर ली है।
सरकार ने बीएएस-01 के पहले मॉड्यूल के विकास और प्रक्षेपण को मंजूरी दे दी है। बीएएस-01 की सिस्टम इंजीनियरिंग तथा विभिन्न उप-प्रणालियों की तकनीकी विकास गतिविधियां इसरो के विभिन्न केंद्रों और इकाइयों में जारी हैं।
जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए कहा कि व्योममित्र हाफ-ह्यूमनॉइड सहित पहली बार विकसित की जा रही विभिन्न तकनीकों को मान्य करने के लिए पहला मानव रहित प्रायोगिक मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लक्षित है।
इसके बाद पहले मानवयुक्त मिशन जैसी संरचना वाले दो और मानवरहित मिशन तथा पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन वर्ष 2027 तक भेजने का लक्ष्य रखा गया है।
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✅बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 पारित हुआ
5 अगस्त को लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित किया। ये बिल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की जगह लेगा।
अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद बैंक डॉक्युमेंट्स को कोर्ट में सीधे पेश किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में अधिक स्पष्ट मान्यता मिलेगी।
इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे टेक्नोलॉजी बदलावों के साथ कानूनों को अपडेट करना है। कानून में डिजिटल साइन और सर्वर डेटा को भी शामिल किया गया है। नए कानून से न्यायालयों और जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया सरल होगी। इस कानून से डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
5 अगस्त को लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित किया। ये बिल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की जगह लेगा।
अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद बैंक डॉक्युमेंट्स को कोर्ट में सीधे पेश किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में अधिक स्पष्ट मान्यता मिलेगी।
इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे टेक्नोलॉजी बदलावों के साथ कानूनों को अपडेट करना है। कानून में डिजिटल साइन और सर्वर डेटा को भी शामिल किया गया है। नए कानून से न्यायालयों और जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया सरल होगी। इस कानून से डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
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कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया
सरकार ने मंत्रिमंडल सचिव डॉ टी.वी.सोमनाथन का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने इसकी मंजूरी दी। डॉ सोमनाथन का कार्यकाल इस महीने की 30 तारीख को समाप्त हो रहा था।
वे अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव बने थे। सोमनाथन अब 30 अगस्त 2027 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहेंगे। समिति ने गृहसचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।
सरकार ने मंत्रिमंडल सचिव डॉ टी.वी.सोमनाथन का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने इसकी मंजूरी दी। डॉ सोमनाथन का कार्यकाल इस महीने की 30 तारीख को समाप्त हो रहा था।
वे अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव बने थे। सोमनाथन अब 30 अगस्त 2027 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहेंगे। समिति ने गृहसचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।
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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू की उपस्थिति में पवन हंस ने नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए
पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल), जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का एक उपक्रम है, ने नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस (एलफ्लाई एएस) के साथ विद्युत चालित सी-प्लेन समाधानों सहित अगली पीढ़ी की सतत विमानन प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू किंजरापु तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते पर पवन हंस लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुनील कुमार नागदौने तथा नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस (एलफ्लाई एएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एरिक फ्रांस्वा लिथुन ने हस्ताक्षर किए।
पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल), जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का एक उपक्रम है, ने नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस (एलफ्लाई एएस) के साथ विद्युत चालित सी-प्लेन समाधानों सहित अगली पीढ़ी की सतत विमानन प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू किंजरापु तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते पर पवन हंस लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुनील कुमार नागदौने तथा नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस (एलफ्लाई एएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एरिक फ्रांस्वा लिथुन ने हस्ताक्षर किए।
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भारत ने किया अग्नि-4 का सफल परीक्षण
भारत ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया।
यह परीक्षण सामरिक बल कमान (एसएफसी) की निगरानी में किया गया। इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम हैं, जिनकी मदद से यह हाई एक्युरेसी के साथ 4000 KM की रेंज तक निशाना लगा सकती है। यह भारत में बनी एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है।
अग्नि-4 भारत की स्वदेशी रूप से विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इससे पहले भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को मजबूत करते हुए कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया था। 22 मई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किए गए इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया था।
यह परीक्षण भी सामरिक बल कमान की निगरानी में हुआ था। भारत ने जुलाई में लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘कुश’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया था।
इस प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। इसका परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था।
भारत ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया।
यह परीक्षण सामरिक बल कमान (एसएफसी) की निगरानी में किया गया। इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम हैं, जिनकी मदद से यह हाई एक्युरेसी के साथ 4000 KM की रेंज तक निशाना लगा सकती है। यह भारत में बनी एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है।
अग्नि-4 भारत की स्वदेशी रूप से विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इससे पहले भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को मजबूत करते हुए कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया था। 22 मई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किए गए इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया था।
यह परीक्षण भी सामरिक बल कमान की निगरानी में हुआ था। भारत ने जुलाई में लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘कुश’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया था।
इस प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। इसका परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था।
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