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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) का शुभारंभ किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 62,500 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ इस योजना को मंजूरी दी थी। यह योजना पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गई है। योजना की अवधि 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की होगी।
इस योजना का उद्देश्य मोबाइल विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। यह योजना भारतीय मोबाइल ब्रांडों को बढ़ावा देगी और रोजगार सृजित करेगी।
एमपीएमएस के दो लक्षित क्षेत्र हैं: मोबाइल फोन विनिर्माण को प्रोत्साहन देना और भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों का समर्थन करना। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले भारत में पंजीकृत मोबाइल फोन निर्माता इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 62,500 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ इस योजना को मंजूरी दी थी। यह योजना पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गई है। योजना की अवधि 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की होगी।
इस योजना का उद्देश्य मोबाइल विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। यह योजना भारतीय मोबाइल ब्रांडों को बढ़ावा देगी और रोजगार सृजित करेगी।
एमपीएमएस के दो लक्षित क्षेत्र हैं: मोबाइल फोन विनिर्माण को प्रोत्साहन देना और भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों का समर्थन करना। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले भारत में पंजीकृत मोबाइल फोन निर्माता इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे
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ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने पर्यटन, एआई और सुविधाजनक यात्रा पर केंद्रित जयपुर घोषणापत्र को स्वीकृति दी
भारत की अध्यक्षता में जयपुर में हुई ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक जयपुर घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी देने के साथ संपन्न हुई।
जयपुर घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन, कौशल विकास और सुविधाजनक यात्रा जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
भारत की अध्यक्षता में जयपुर में हुई ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक जयपुर घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी देने के साथ संपन्न हुई।
जयपुर घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन, कौशल विकास और सुविधाजनक यात्रा जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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भारतीय सेना ने पंजाब में अत्याधुनिक ड्रोन से लैस अपनी पहली बाज़ बटालियन का गठन किया
भारतीय सेना ने हवाई निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और युद्धक्षेत्र तक पहुंच बढ़ाने के लिए सीमावर्ती राज्य पंजाब में अत्याधुनिक ड्रोन से लैस अपनी पहली बाज़ बटालियन का गठन किया है। यह बटालियन आकाश में निगरानी तंत्र और युद्धक्षेत्र में दुश्मन पर बढ़त के रूप में काम करेगी।
पंजाब के रक्षक कहे जाने वाले सेना के 11वें कोर जिसे वज्र कोर भी कहा जाता है, यह कोर बाज़ बटालियन को परिचालन में लाने वाला पहला कोर है। ‘बाज़’ नाम एक शिकारी पक्षी से लिया गया है।
भारतीय सेना ने हवाई निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और युद्धक्षेत्र तक पहुंच बढ़ाने के लिए सीमावर्ती राज्य पंजाब में अत्याधुनिक ड्रोन से लैस अपनी पहली बाज़ बटालियन का गठन किया है। यह बटालियन आकाश में निगरानी तंत्र और युद्धक्षेत्र में दुश्मन पर बढ़त के रूप में काम करेगी।
पंजाब के रक्षक कहे जाने वाले सेना के 11वें कोर जिसे वज्र कोर भी कहा जाता है, यह कोर बाज़ बटालियन को परिचालन में लाने वाला पहला कोर है। ‘बाज़’ नाम एक शिकारी पक्षी से लिया गया है।
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प्रादेशिक सेना ने शुरू किया ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’
प्रादेशिक सेना ने ‘साइबरपीस’ के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (टीसीक्यू 3.0) की शुरुआत की है।
इस पहल का उद्देश्य रक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए स्वदेशी और अभिनव तकनीकी समाधान विकसित करना है। प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण में शिक्षा क्षेत्र, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और सशस्त्र बलों की तकनीकी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
टीसीक्यू 3.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, खतरा प्रबंधन और डिजिटल जागरूकता जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पहल के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने और युवाओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रादेशिक सेना ने ‘साइबरपीस’ के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (टीसीक्यू 3.0) की शुरुआत की है।
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पहल के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने और युवाओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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सरकार ने चेन्नई की जल आपूर्ति और स्वच्छता अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए एशियाई विकास बैंक – एडीबी के साथ 23 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि चेन्नई जलवायु-लचीली जल सुरक्षा और सीवरेज परियोजना से चेन्नई में सुरक्षित और विश्वसनीय जल आपूर्ति और बेहतर स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा।
इस परियोजना के अंतर्गत 170 किलोमीटर से अधिक जल आपूर्ति और सीवर पाइप का निर्माण किया जाएगा। सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का भी उन्नयन किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि चेन्नई जलवायु-लचीली जल सुरक्षा और सीवरेज परियोजना से चेन्नई में सुरक्षित और विश्वसनीय जल आपूर्ति और बेहतर स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा।
इस परियोजना के अंतर्गत 170 किलोमीटर से अधिक जल आपूर्ति और सीवर पाइप का निर्माण किया जाएगा। सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का भी उन्नयन किया जाएगा।
❤3
भारत-मॉरिशस ने तेल और गैस सेक्टर में सहयोग बढ़ाया है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने मॉरिशस की पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की आयात जरूरत को पूरा करने के लिए पांच साल का समझौता किया है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरिशस की दो दिन की यात्रा के दौरान गुरुवार को ये समझौते किए गए। इस कार्यक्रम में मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी मौजूद थे।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने मॉरिशस की पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की आयात जरूरत को पूरा करने के लिए पांच साल का समझौता किया है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरिशस की दो दिन की यात्रा के दौरान गुरुवार को ये समझौते किए गए। इस कार्यक्रम में मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी मौजूद थे।
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कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को सौंपा तीसरा पनडुब्बी रोधी जलयान ‘मैंग्रोल’
कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को तीसरा पनडुब्बी रोधी जलयान मैंग्रोल सौंप दिया है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस जहाज को बनाने में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
यह जहाज पानी के भीतर निगरानी, तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी युद्ध अभियानों, निम्न-तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और साथ ही बारूदी सुरंगों को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
मंत्रालय ने बताया कि यह जहाज जल जेट से संचालित है और अत्याधुनिक टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट, उन्नत रडार और सोनार से सुसज्जित है। मंत्रालय ने कहा कि यह जहाज स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है।
कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को तीसरा पनडुब्बी रोधी जलयान मैंग्रोल सौंप दिया है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस जहाज को बनाने में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
यह जहाज पानी के भीतर निगरानी, तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी युद्ध अभियानों, निम्न-तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और साथ ही बारूदी सुरंगों को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
मंत्रालय ने बताया कि यह जहाज जल जेट से संचालित है और अत्याधुनिक टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट, उन्नत रडार और सोनार से सुसज्जित है। मंत्रालय ने कहा कि यह जहाज स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है।
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राजस्थान विद्या संबल योजना-2026 : आवेदन पत्र का फॉर्मेट - सभी जिलों के लिए