उप-राष्ट्रपति ने 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया
उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 'अंतर हृदय कनेक्ट' द्वारा आयोजित 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक युवा-केंद्रित और मॉनसून-थीम वाला उत्सव है।
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने 'अंतर हृदय कनेक्ट' की सराहना की। उन्होंने युवाओं के लिए भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का अनुभव करने और उससे जुड़ने के अवसर पैदा करने, खासकर मुफ्त शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से, उनके प्रयासों की प्रशंसा की
उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 'अंतर हृदय कनेक्ट' द्वारा आयोजित 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक युवा-केंद्रित और मॉनसून-थीम वाला उत्सव है।
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने 'अंतर हृदय कनेक्ट' की सराहना की। उन्होंने युवाओं के लिए भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का अनुभव करने और उससे जुड़ने के अवसर पैदा करने, खासकर मुफ्त शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से, उनके प्रयासों की प्रशंसा की
❤3
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम- एन एस डी सी और कल्टस एजुकेशन ने अमेजॉन वेब सर्विसेज के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर क्लाउड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल की शुरुआत करने की घोषणा की है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1.25 लाख से अधिक लोगों को एआई और क्लाउड साक्षरता के बारे में आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा 10 हजार भागीदारों को रोजगार योग्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि इस पहल में विकसित भारत का विज़न परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1.25 लाख से अधिक लोगों को एआई और क्लाउड साक्षरता के बारे में आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा 10 हजार भागीदारों को रोजगार योग्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि इस पहल में विकसित भारत का विज़न परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
❤4
CSIR-NIScPR ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NIScPR) ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया।
1952 में शुरू हुई 'विज्ञान प्रगति' ने पिछले 75 वर्षों में आम जनता के बीच सरल और सुलभ भाषा में वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करने, वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NIScPR) ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया।
1952 में शुरू हुई 'विज्ञान प्रगति' ने पिछले 75 वर्षों में आम जनता के बीच सरल और सुलभ भाषा में वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करने, वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
❤2
गायत्री-त्रीसा ने विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक पक्का कर लिया
इंदिरा गांधी स्टेडियम में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला डबल्स सेमीफाइनल में शनिवार को भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को दुनिया की नंबर एक चीनी जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में हार (21-18, 13-21, 8-21) का सामना करना पड़ा।
हालांकि, वह ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। दुनिया में 39वें नंबर की त्रिशा और गायत्री ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए तीन सीडेड जोड़ियों को हराया था।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की उपलब्धि ऐतिहासिक है। भारत ने महिला युगल में आखिरी बार 2011 में विश्व चैंपियनशिप पदक जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।
इंदिरा गांधी स्टेडियम में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला डबल्स सेमीफाइनल में शनिवार को भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को दुनिया की नंबर एक चीनी जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में हार (21-18, 13-21, 8-21) का सामना करना पड़ा।
हालांकि, वह ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। दुनिया में 39वें नंबर की त्रिशा और गायत्री ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए तीन सीडेड जोड़ियों को हराया था।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की उपलब्धि ऐतिहासिक है। भारत ने महिला युगल में आखिरी बार 2011 में विश्व चैंपियनशिप पदक जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।
❤3
✅मानसी लाठर ने स्लोवाकिया में अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता
स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने तीन और पदक जीते।
मानसी लाठर ने रजत पदक तथा तन्वी गुंदेश मगदुम और कोमल ने कांस्य पदक हासिल किए। मानसी को 68 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की चेनलिंग सोंग से कड़े मुकाबले में 1-2 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
तन्वी ने 57 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की एग्निया क्राकोवस्का को 10-4 से हराया, जबकि कोमल ने 59 किलोग्राम वर्ग में हंगरी की एडा बालाज़ को 5-2 से हराकर कांस्य पदक जीता।
इससे पहले शुक्रवार को काजल धोचक ने महिलाओं के 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने भार वर्गों में रजत पदक हासिल किए।
18 वर्षीय काजल ने 76 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर विश्व खिताब जीता। 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में तनु ने जापान की चिसातो योशिदा को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 3-5 से हारकर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
सविता को भी 62 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जापान की सकुरा ओनीशी से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 2-12 से हारकर, रजत पदक मिल पाया।
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रवेश करने के साथ ही, भारतीय दल अब पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं के शेष 57 किलोग्राम, 65 किलोग्राम, उन्हासी किलोग्राम और 92 किलोग्राम वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेगा।
स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने तीन और पदक जीते।
मानसी लाठर ने रजत पदक तथा तन्वी गुंदेश मगदुम और कोमल ने कांस्य पदक हासिल किए। मानसी को 68 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की चेनलिंग सोंग से कड़े मुकाबले में 1-2 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
तन्वी ने 57 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की एग्निया क्राकोवस्का को 10-4 से हराया, जबकि कोमल ने 59 किलोग्राम वर्ग में हंगरी की एडा बालाज़ को 5-2 से हराकर कांस्य पदक जीता।
इससे पहले शुक्रवार को काजल धोचक ने महिलाओं के 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने भार वर्गों में रजत पदक हासिल किए।
18 वर्षीय काजल ने 76 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर विश्व खिताब जीता। 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में तनु ने जापान की चिसातो योशिदा को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 3-5 से हारकर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
सविता को भी 62 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जापान की सकुरा ओनीशी से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 2-12 से हारकर, रजत पदक मिल पाया।
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रवेश करने के साथ ही, भारतीय दल अब पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं के शेष 57 किलोग्राम, 65 किलोग्राम, उन्हासी किलोग्राम और 92 किलोग्राम वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेगा।
❤3
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सहज लैंडिंग सफलतापूर्वक संपन्न की। इसके साथ ही, भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया।
सहज लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर को सफलतापूर्वक तैनात किया गया। लैंडिंग स्थल का नाम ‘शिव शक्ति’ बिंदु (स्टेशन शिव शक्ति) रखा गया और 23 अगस्त को “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस” घोषित किया गया।
चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सहज लैंडिंग सफलतापूर्वक संपन्न की। इसके साथ ही, भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया।
सहज लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर को सफलतापूर्वक तैनात किया गया। लैंडिंग स्थल का नाम ‘शिव शक्ति’ बिंदु (स्टेशन शिव शक्ति) रखा गया और 23 अगस्त को “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस” घोषित किया गया।
❤10
दौसा : पंच गौरव कार्यक्रम
● पर्यटन स्थल: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
● वनस्पति प्रजाति: ढाक (ब्यूटिया मोनोस्पर्मा)
● उपज: सौंफ (फोनीकुलम वल्गेयर)
● उत्पाद: पत्थर के उत्पाद
● खेल: फुटबॉल
ढाक को किंशुक या ‘जंगल की आग’ भी कहा जाता है।
● पर्यटन स्थल: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
● वनस्पति प्रजाति: ढाक (ब्यूटिया मोनोस्पर्मा)
● उपज: सौंफ (फोनीकुलम वल्गेयर)
● उत्पाद: पत्थर के उत्पाद
● खेल: फुटबॉल
ढाक को किंशुक या ‘जंगल की आग’ भी कहा जाता है।
❤16👍5