ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को मान्यता दी
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को मान्यता दे दी है।
ब्रिटेन ने यह राहत अपनी कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था – सीबीएएम के अंतर्गत दी है। अब ब्रिटेन में कार्बन टैक्स के दायरे में आने वाले भारतीय उत्पादों पर, भारत में पहले से चुकाए गए कार्बन मूल्य के आधार पर राहत मिल सकती है
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को मान्यता दे दी है।
ब्रिटेन ने यह राहत अपनी कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था – सीबीएएम के अंतर्गत दी है। अब ब्रिटेन में कार्बन टैक्स के दायरे में आने वाले भारतीय उत्पादों पर, भारत में पहले से चुकाए गए कार्बन मूल्य के आधार पर राहत मिल सकती है
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✴️ब्रिक्स सहयोग के दो दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी
✴️“ब्रिक्स: टू डिकेड्स ऑफ कोऑपरेशन, 2006–2026” / “ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006–2026” लिखे हुए इस स्मारक डाक टिकट के माध्यम से बातचीत और सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ब्रिक्स के विकास का उत्सव मनाया जा रहा है।
✴️ये दोनों डाक टिकट भारत की 2026 की ब्रिक्स की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को भी दर्शाते हैं, जिसकी थीम है: “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।”
✴️जहां पहला डाक टिकट आपसी सम्मान, समझ और एकजुटता की भावना वाले एक मंच के तौर पर ब्रिक्स के उभरने को दर्शाता है, वहीं दूसरा डाक टिकट भारत की अध्यक्षता के ‘मानवता सबसे पहले’ और ‘जन केन्द्रित’ विजन एवं लोगो को दर्शाता है
✴️“ब्रिक्स: टू डिकेड्स ऑफ कोऑपरेशन, 2006–2026” / “ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006–2026” लिखे हुए इस स्मारक डाक टिकट के माध्यम से बातचीत और सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ब्रिक्स के विकास का उत्सव मनाया जा रहा है।
✴️ये दोनों डाक टिकट भारत की 2026 की ब्रिक्स की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को भी दर्शाते हैं, जिसकी थीम है: “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।”
✴️जहां पहला डाक टिकट आपसी सम्मान, समझ और एकजुटता की भावना वाले एक मंच के तौर पर ब्रिक्स के उभरने को दर्शाता है, वहीं दूसरा डाक टिकट भारत की अध्यक्षता के ‘मानवता सबसे पहले’ और ‘जन केन्द्रित’ विजन एवं लोगो को दर्शाता है
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प्रधानमंत्री की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री @narendramodi ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने दोहराया कि दोनों देशों को अपने संबंधों के प्रति रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। मतभेदों को विवादों का रूप नहीं लेना चाहिए।
प्रधानमंत्री @narendramodi ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने दोहराया कि दोनों देशों को अपने संबंधों के प्रति रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। मतभेदों को विवादों का रूप नहीं लेना चाहिए।
RDSS से सशक्त हो रहा विद्युत वितरण तंत्र!
RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत ₹2.83 लाख करोड़ की लागत वाली वितरण अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
यह पहल भारत में स्मार्ट, सुदृढ़ और अधिक विश्वसनीय विद्युत नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बिजली वितरण व्यवस्था की दक्षता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाया जा रहा है।
RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत ₹2.83 लाख करोड़ की लागत वाली वितरण अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
यह पहल भारत में स्मार्ट, सुदृढ़ और अधिक विश्वसनीय विद्युत नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बिजली वितरण व्यवस्था की दक्षता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाया जा रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की
🌀ईरान इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने आज, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की
🌀भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया
🌀दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं
🌀राष्ट्रपति ने क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संघर्षों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किए जाने का आह्वान किया।
🌀ईरान इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने आज, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की
🌀भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया
🌀दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं
🌀राष्ट्रपति ने क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संघर्षों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किए जाने का आह्वान किया।
कजाकिस्तान की #ElenaRybakina ने महिला अमरीकी ओपन टेनिस का खिताब जीता। 🏆
न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में कल खेले गए फाइनल में रायबाकिना ने बेलारूस की आर्यना सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया
न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में कल खेले गए फाइनल में रायबाकिना ने बेलारूस की आर्यना सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया
ISRO ने CE 20 क्रायोजेनिक इंजन का किया सफल परीक्षण
10 सितंबर को SRO ने CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया। CE-20 इंजन का उपयोग LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) रॉकेट के ऊपरी हिस्से में किया जाता है।
LVM3 का उपयोग भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मिशनों के लिए किया जा रहा है।
CE-20 इंजन क्रायोजेनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें ईंधन के तौर पर लिक्विड हाइड्रोजन (LH2) और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का उपयोग किया जाता है।
CE-20 को ISRO के लिक्विड प्रो पॉल्यूशन सिस्टम सेंटर (LPSC) ने डेवलप किया है। LVM3 भारत का भारी-भरकम लॉन्चिंग मशीन है।
ISRO की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
10 सितंबर को SRO ने CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया। CE-20 इंजन का उपयोग LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) रॉकेट के ऊपरी हिस्से में किया जाता है।
LVM3 का उपयोग भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मिशनों के लिए किया जा रहा है।
CE-20 इंजन क्रायोजेनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें ईंधन के तौर पर लिक्विड हाइड्रोजन (LH2) और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का उपयोग किया जाता है।
CE-20 को ISRO के लिक्विड प्रो पॉल्यूशन सिस्टम सेंटर (LPSC) ने डेवलप किया है। LVM3 भारत का भारी-भरकम लॉन्चिंग मशीन है।
ISRO की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा
10 सितंबर को भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित होने का ऐलान हुआ। ये इस ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण होगा।
पहली बार दो अलग-अलग थिएटर राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में युद्ध अभ्यास किया जाएगा। इस ‘युद्ध अभ्यास’ की शुरुआत 2004 में हुई थी।
2026 का अभ्यास अपनी तरह का विशेष संस्करण होगा।
इस अभ्यास का पहला चरण महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, बीकानेर, राजस्थान में किया जाएगा। इसके बाद औली, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में प्रशिक्षण किया जाएगा
10 सितंबर को भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित होने का ऐलान हुआ। ये इस ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण होगा।
पहली बार दो अलग-अलग थिएटर राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में युद्ध अभ्यास किया जाएगा। इस ‘युद्ध अभ्यास’ की शुरुआत 2004 में हुई थी।
2026 का अभ्यास अपनी तरह का विशेष संस्करण होगा।
इस अभ्यास का पहला चरण महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, बीकानेर, राजस्थान में किया जाएगा। इसके बाद औली, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में प्रशिक्षण किया जाएगा
इंडियन पोस्ट ऑफिस में ‘डिजिपिन’ शुरू किया
9 सितंबर को भारतीय डाक ने देश में जगहों की डिजिटल पहचान के लिए ‘डिजिपिन’ यानी डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर शुरू किया है।
इसके तहत हर जगह को 10 अक्षरों और अंकों का एक खास कोड मिलेगा। इससे किसी जगह की पहचान मौजूदा 6 अंकों वाले पिन कोड से ज्यादा सटीक तरीके से की जा सकेगी। डिजिपिन मौजूदा पिन कोड की जगह नहीं लेगा।
इसे पुराने पते और पिन कोड के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे डाक विभाग ने IIT हैदराबाद और इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के साथ मिलकर तैयार किया है।
पिन कोड किसी बड़े इलाके की पहचान करता है। एक पिन कोड में कई सड़कें, कॉलोनियां और मोहल्ले आ सकते हैं। वहीं, डिजिपिन करीब 4 मीटर x 4 मीटर की जगह की पहचान करता है।
9 सितंबर को भारतीय डाक ने देश में जगहों की डिजिटल पहचान के लिए ‘डिजिपिन’ यानी डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर शुरू किया है।
इसके तहत हर जगह को 10 अक्षरों और अंकों का एक खास कोड मिलेगा। इससे किसी जगह की पहचान मौजूदा 6 अंकों वाले पिन कोड से ज्यादा सटीक तरीके से की जा सकेगी। डिजिपिन मौजूदा पिन कोड की जगह नहीं लेगा।
इसे पुराने पते और पिन कोड के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे डाक विभाग ने IIT हैदराबाद और इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के साथ मिलकर तैयार किया है।
पिन कोड किसी बड़े इलाके की पहचान करता है। एक पिन कोड में कई सड़कें, कॉलोनियां और मोहल्ले आ सकते हैं। वहीं, डिजिपिन करीब 4 मीटर x 4 मीटर की जगह की पहचान करता है।
आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंचा, समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ में होगा शामिल
नौसेना का पोत आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंच गया है। पोत भारत और मलेशिया की नौसेनाओं के बीच चौथे द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण में शामिल होगा।
इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्र, दोनों स्तरों पर पेशेवर गतिविधियां होंगी। इनमें एक-दूसरे के पोतों का दौरा, संचालन संबंधी गतिविधियां और खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
इन गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को अपने अनुभव साझा करने, आपसी संचालन क्षमता बढ़ाने और बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
नौसेना का पोत आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंच गया है। पोत भारत और मलेशिया की नौसेनाओं के बीच चौथे द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण में शामिल होगा।
इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्र, दोनों स्तरों पर पेशेवर गतिविधियां होंगी। इनमें एक-दूसरे के पोतों का दौरा, संचालन संबंधी गतिविधियां और खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
इन गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को अपने अनुभव साझा करने, आपसी संचालन क्षमता बढ़ाने और बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।