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विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव टेबल टॉप एक्सरसाइज संपन्न
तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) 12 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ईएनसी) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसका आयोजन कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के अंतर्गत किया गया।
यह एक्सरसाइज 09 सितंबर 2026 को पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य 'हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया' विकसित करना था।
तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) 12 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ईएनसी) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसका आयोजन कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के अंतर्गत किया गया।
यह एक्सरसाइज 09 सितंबर 2026 को पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य 'हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया' विकसित करना था।
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया गया
नई दिल्ली के भारत मंडपम् में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्र के अंत में इस घोषणापत्र को अपनाने का प्रस्ताव रखा था। ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सदस्य देशों के नेताओं ने दो स्मारक डाक टिकट भी जारी किए।
“ब्रिक्स: टू डिकेड्स ऑफ कोऑपरेशन, 2006–2026” / “ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006–2026” लिखे हुए इस स्मारक डाक टिकट के माध्यम से बातचीत और सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ब्रिक्स के विकास का उत्सव मनाया जा रहा है।
इससे पहले, उद्घाटन भाषण में, श्री मोदी ने ब्रिक्स निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बतलती रहती है, लेकिन इसकी संस्थागत गति बनी रहनी चाहिए
नई दिल्ली के भारत मंडपम् में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्र के अंत में इस घोषणापत्र को अपनाने का प्रस्ताव रखा था। ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सदस्य देशों के नेताओं ने दो स्मारक डाक टिकट भी जारी किए।
“ब्रिक्स: टू डिकेड्स ऑफ कोऑपरेशन, 2006–2026” / “ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006–2026” लिखे हुए इस स्मारक डाक टिकट के माध्यम से बातचीत और सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ब्रिक्स के विकास का उत्सव मनाया जा रहा है।
इससे पहले, उद्घाटन भाषण में, श्री मोदी ने ब्रिक्स निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बतलती रहती है, लेकिन इसकी संस्थागत गति बनी रहनी चाहिए
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भारतीय साहित्य को वैश्विक मंच देने की पीएम मोदी की पहल, पुतिन को भेंट किया तिरुक्कुरल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया जाना भारतीय विरासत, संस्कृति और साहित्य को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की उनकी पहल की एक और मिसाल है।
तिरुक्कुरल तमिल साहित्य और दर्शन की कालजयी कृति है, जिसमें नैतिकता, राजनीति और प्रेम जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इसके रचयिता महान तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर को वल्लुवर के नाम से भी जाना जाता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है। इसी दौरान पीएम मोदी ने उन्हें तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया जाना भारतीय विरासत, संस्कृति और साहित्य को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की उनकी पहल की एक और मिसाल है।
तिरुक्कुरल तमिल साहित्य और दर्शन की कालजयी कृति है, जिसमें नैतिकता, राजनीति और प्रेम जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इसके रचयिता महान तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर को वल्लुवर के नाम से भी जाना जाता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है। इसी दौरान पीएम मोदी ने उन्हें तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया।
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भारत ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दुनिया की सबसे लंबी स्टील स्लैग सड़क बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
एक दशमलव आठ-पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क स्वदेशी तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल दर्शाती है। इस तकनीक में स्टील उत्पादन से निकलने वाले स्टील स्लैग को सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में बदला जाता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किए जाने वाले समारोह में कहा कि स्टील स्लैग रोड तकनीक से सड़क निर्माण की लागत करीब 40 प्रतिशत तक कम हो जाती है और पारंपरिक सड़कों की तुलना में इनकी मजबूती चार गुना अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक को सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ विकसित किया जा रहा है।
एक दशमलव आठ-पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क स्वदेशी तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल दर्शाती है। इस तकनीक में स्टील उत्पादन से निकलने वाले स्टील स्लैग को सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में बदला जाता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किए जाने वाले समारोह में कहा कि स्टील स्लैग रोड तकनीक से सड़क निर्माण की लागत करीब 40 प्रतिशत तक कम हो जाती है और पारंपरिक सड़कों की तुलना में इनकी मजबूती चार गुना अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक को सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ विकसित किया जा रहा है।
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भारत-मलेशिया नौसैन्य अभ्यास 'समुद्र लक्ष्मण 2026' शुरू
11 सितंबर को भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS मैसूर (INS Mysore) मलेशिया के लुमुत बंदरगाह पहुंचा। INS मैसूर की ये यात्रा भारत और मलेशिया के बीच होने वाले द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण से जुड़ी है।
भारत और मलेशिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है।
इसमें दोनों नौसेनाएं समुद्री संचालन, संचार और सामरिक अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम करेंगी।
11 सितंबर को भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS मैसूर (INS Mysore) मलेशिया के लुमुत बंदरगाह पहुंचा। INS मैसूर की ये यात्रा भारत और मलेशिया के बीच होने वाले द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण से जुड़ी है।
भारत और मलेशिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है।
इसमें दोनों नौसेनाएं समुद्री संचालन, संचार और सामरिक अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम करेंगी।
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विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव टेबल टॉप एक्सरसाइज संपन्न
तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) 12 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ईएनसी) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसका आयोजन कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के अंतर्गत किया गया।
यह एक्सरसाइज 09 सितंबर 2026 को पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य 'हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया' विकसित करना था।
तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (टीटीएक्स) 12 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में पश्चिमी नौसेना कमान (ईएनसी) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसका आयोजन कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) के अंतर्गत किया गया।
यह एक्सरसाइज 09 सितंबर 2026 को पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य 'हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया' विकसित करना था।
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भारत के पोत मरम्मत उद्योग को मजबूत करने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने संयुक्त उद्यम बनाया
ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, डीपी वर्ल्ड की एक कंपनी और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने कोचीन में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) के संचालन और विस्तार के लिए एक संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की।
यह समझौता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान ड्राईडॉक्स वर्ल्ड (डीडब्ल्यू) और सीएसएल द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आधारित है, जिसके तहत दोनों संगठनों ने पोत मरम्मत और संबद्ध समुद्री सेवाओं में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की थी। कंपनियों ने अब 50:50 संयुक्त उद्यम के माध्यम से इस सहयोग को औपचारिक रूप दिया है, जो भारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी की स्थापना को दर्शाता है।
ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, डीपी वर्ल्ड की एक कंपनी और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने कोचीन में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) के संचालन और विस्तार के लिए एक संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की।
यह समझौता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान ड्राईडॉक्स वर्ल्ड (डीडब्ल्यू) और सीएसएल द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आधारित है, जिसके तहत दोनों संगठनों ने पोत मरम्मत और संबद्ध समुद्री सेवाओं में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की थी। कंपनियों ने अब 50:50 संयुक्त उद्यम के माध्यम से इस सहयोग को औपचारिक रूप दिया है, जो भारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी की स्थापना को दर्शाता है।