🔲20वां ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026
◼️जारी: विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा
◼️तिथि: 16 सितंबर 2026 को
◼️कुल देश: 145 देश
◼️भारत का रैंक: 131वें (स्कोर- 64.2%)
🔲शीर्ष देशों का रैंक:
1.आइसलैंड (लगातार 17वें वर्ष )
2.फिनलैंड
3.नॉर्वे
◼️अंतिम स्थान (Bottom): सूडान
🔲4 मुख्य आयाम:
◾आर्थिक भागीदारी और अवसर
◾शैक्षणिक उपलब्धियां
◾स्वास्थ्य और उत्तरजीविता
◾राजनीतिक अधिकारिता
◼️जारी: विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा
◼️तिथि: 16 सितंबर 2026 को
◼️कुल देश: 145 देश
◼️भारत का रैंक: 131वें (स्कोर- 64.2%)
🔲शीर्ष देशों का रैंक:
1.आइसलैंड (लगातार 17वें वर्ष )
2.फिनलैंड
3.नॉर्वे
◼️अंतिम स्थान (Bottom): सूडान
🔲4 मुख्य आयाम:
◾आर्थिक भागीदारी और अवसर
◾शैक्षणिक उपलब्धियां
◾स्वास्थ्य और उत्तरजीविता
◾राजनीतिक अधिकारिता
❤10
एनसीसी की 20 महिला कैडेटों ने पूरा किया ‘अपराजिता-परागला 2026’ का ट्रेक
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की बीस महिला कैडेटों ने लद्दाख में ‘अपराजिता-परागला 2026’ उच्च पर्वतीय लंबी दूरी का ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कैडेट 30 दिन में लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ग्लेशियर, बर्फ के मैदान और नदी घाटियों सहित अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरे।
टीम ने अधिकारियों, प्रशिक्षकों, चिकित्सा कर्मचारियों और सहायक कर्मचारियों के साथ हिमाचल प्रदेश के किब्बर से लद्दाख के कारज़ोक तक की ट्रैकिंग पूरी की।
अभियान के दौरान देशभर से चयनित 20 एनसीसी महिला कैडेटों की टीम ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ने वाले 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार किया।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने लद्दाख के कारज़ोक में इस दल का स्वागत किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त को नई दिल्ली से इस दल को रवाना किया था।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की बीस महिला कैडेटों ने लद्दाख में ‘अपराजिता-परागला 2026’ उच्च पर्वतीय लंबी दूरी का ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कैडेट 30 दिन में लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ग्लेशियर, बर्फ के मैदान और नदी घाटियों सहित अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरे।
टीम ने अधिकारियों, प्रशिक्षकों, चिकित्सा कर्मचारियों और सहायक कर्मचारियों के साथ हिमाचल प्रदेश के किब्बर से लद्दाख के कारज़ोक तक की ट्रैकिंग पूरी की।
अभियान के दौरान देशभर से चयनित 20 एनसीसी महिला कैडेटों की टीम ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ने वाले 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार किया।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने लद्दाख के कारज़ोक में इस दल का स्वागत किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त को नई दिल्ली से इस दल को रवाना किया था।
❤9
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक में दिल्ली शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनकर उभरा
नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक-2025 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने के मामले में दिल्ली शीर्ष प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश रहा है।
इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा हैं। इस सूचकांक का शुभारंभ नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा किया गया, जिसमें उप-राष्ट्रीय स्तर पर ई-गतिशीलता के लिए नीतिगत ढांचा और कार्यान्वयन परिणाम दोनों का विवरण दिया गया है।
इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक में 16 मानकों के आधार पर परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग बुनियादी ढांचे और इलेक्ट्रिक वाहन अनुसंधान एवं नवाचार की प्रगति का आकलन किया जाता है।
नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक-2025 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने के मामले में दिल्ली शीर्ष प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश रहा है।
इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा हैं। इस सूचकांक का शुभारंभ नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा किया गया, जिसमें उप-राष्ट्रीय स्तर पर ई-गतिशीलता के लिए नीतिगत ढांचा और कार्यान्वयन परिणाम दोनों का विवरण दिया गया है।
इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक में 16 मानकों के आधार पर परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग बुनियादी ढांचे और इलेक्ट्रिक वाहन अनुसंधान एवं नवाचार की प्रगति का आकलन किया जाता है।
❤3
भाषिनी, करंट एआई और कल्पा इंपैक्ट ने VYOMA इनोवेशन चैलेंज का समापन किया
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कार्पोरेशन (डीआईसी) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीज़न (डीआईबीडी) ने करंट एआई और कल्पा इम्पैक्ट के साथ मिलकर आईआईआईटी-दिल्ली में VYOMA इनोवेशन चैलेंज का फ़ाइनल आयोजित किया।
इसमें अलग-अलग भारतीय संदर्भों के लिए ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयर के व्यावहारिक एप्लिकेशन विकसित करने वाले शोधकर्ता, छात्र और स्टार्टअप शामिल हुए। इस चैलेंज में हिस्सा लेने प्रतिभागियों को सुनो सूत्र पर आगे काम करने के लिए कहा गया। सुनो सूत्र एक ओपन-सोर्स, कई बहुभाषीय हैंडहेल्ड एआई रेफरेंस डिज़ाइन है, जिसे भाषिनी और करंट एआई ने मिलकर बनाया है।
साथ ही, उन्हें यह भी पता लगाना था कि एआई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को जनहित से जुड़े कामों और स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल के लिए कैसे ढाला जा सकता है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कार्पोरेशन (डीआईसी) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीज़न (डीआईबीडी) ने करंट एआई और कल्पा इम्पैक्ट के साथ मिलकर आईआईआईटी-दिल्ली में VYOMA इनोवेशन चैलेंज का फ़ाइनल आयोजित किया।
इसमें अलग-अलग भारतीय संदर्भों के लिए ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयर के व्यावहारिक एप्लिकेशन विकसित करने वाले शोधकर्ता, छात्र और स्टार्टअप शामिल हुए। इस चैलेंज में हिस्सा लेने प्रतिभागियों को सुनो सूत्र पर आगे काम करने के लिए कहा गया। सुनो सूत्र एक ओपन-सोर्स, कई बहुभाषीय हैंडहेल्ड एआई रेफरेंस डिज़ाइन है, जिसे भाषिनी और करंट एआई ने मिलकर बनाया है।
साथ ही, उन्हें यह भी पता लगाना था कि एआई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को जनहित से जुड़े कामों और स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल के लिए कैसे ढाला जा सकता है।
❤5
वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' का समापन; कोलंबिया यूनिवर्सिटी (यूएसए) डब्ल्यूसीईएफ 2027 की मेजबानी करेगी
गुजरात के गांधीनगर में 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' (डब्ल्यूसीईएफ 2026) संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सर्कुलर इकोनॉमी के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
इस फोरम में 60 से ज्यादा देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि और 260 वक्ता शामिल हुए, जिनमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, स्टार्ट-अप, शिक्षा जगत और नागरिक समाज के लोग शामिल थे।
समापन सत्र में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और परिवहन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री सुश्री सारी मुलताला शामिल हुईं।
समापन समारोह का समापन तब हुआ जब इंटरनेशनल प्रोग्राम्स (एसआईटीआरए) के डायरेक्टर मिस्टर क्रिस्टो लेहटोनेन ने डब्ल्यूसीईएफ 2027 के आयोजन की जिम्मेदारी संयुक्त राज्य अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी को सौंपी।
गुजरात के गांधीनगर में 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' (डब्ल्यूसीईएफ 2026) संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सर्कुलर इकोनॉमी के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
इस फोरम में 60 से ज्यादा देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि और 260 वक्ता शामिल हुए, जिनमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, स्टार्ट-अप, शिक्षा जगत और नागरिक समाज के लोग शामिल थे।
समापन सत्र में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और परिवहन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री सुश्री सारी मुलताला शामिल हुईं।
समापन समारोह का समापन तब हुआ जब इंटरनेशनल प्रोग्राम्स (एसआईटीआरए) के डायरेक्टर मिस्टर क्रिस्टो लेहटोनेन ने डब्ल्यूसीईएफ 2027 के आयोजन की जिम्मेदारी संयुक्त राज्य अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी को सौंपी।
❤2
पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे : योजना के तहत 30 लाख कारीगर पंजीकृत हुए
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोणो धान्यो सभागार में मनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है।
इस योजना का लक्ष्य विश्वकर्माओं को संस्थागत सहायता, आधुनिक उपकरण, वित्त तक पहुंच, कौशल उन्नयन और बाजार संपर्क प्रदान करके उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करना है, जिससे वे अपनी उत्पादकता, आय और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ा सकें।
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोणो धान्यो सभागार में मनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है।
इस योजना का लक्ष्य विश्वकर्माओं को संस्थागत सहायता, आधुनिक उपकरण, वित्त तक पहुंच, कौशल उन्नयन और बाजार संपर्क प्रदान करके उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करना है, जिससे वे अपनी उत्पादकता, आय और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ा सकें।
❤2
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 'पेंशन सखियों' योजना का विस्तार
14 सितंबर 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पेंशन सखी योजना का विस्तार किया गया।
15 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग (DoRD) और PFRDA ने इसके लिए MoU किया है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को पेंशन सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत डोरस्टेप सेवा दी जाती है जिसमें वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उनके घर तक पेंशन राशि पहुंचाना शामिल है। लोगों को पेंशन योजनाओं की जानकारी देना और नामांकन में मदद करना इस योजना का मुख्य कार्य है।
14 सितंबर 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पेंशन सखी योजना का विस्तार किया गया।
15 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग (DoRD) और PFRDA ने इसके लिए MoU किया है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को पेंशन सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत डोरस्टेप सेवा दी जाती है जिसमें वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उनके घर तक पेंशन राशि पहुंचाना शामिल है। लोगों को पेंशन योजनाओं की जानकारी देना और नामांकन में मदद करना इस योजना का मुख्य कार्य है।
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सरकार ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी गुट घोषित किया
सरकार ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-यूएपीए 1967 के अंतर्गत आतंकवादी गुट घोषित किया है।
यह आतंकवादी गुट युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाने के अलावा सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की है। इस गुट ने भारत की लोकतांत्रिक संरचना और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की है।
सरकार ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-यूएपीए 1967 के अंतर्गत आतंकवादी गुट घोषित किया है।
यह आतंकवादी गुट युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाने के अलावा सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की है। इस गुट ने भारत की लोकतांत्रिक संरचना और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की है।
❤7🔥1
जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और आवास तथा शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का शुभारंभ किया।
अभियान का विषय है – स्वच्छता में सहभाग : स्वच्छ भारत, विकसित भारत। श्री पाटिल ने कहा कि इस वर्ष का स्वच्छता ही सेवा अभियान पांच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है।
ये पांच स्तंभ हैं – स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता, स्वच्छ पाठशाला: स्वच्छता के लिए युवा, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, स्वच्छता के लिए जन भागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि।
श्री पाटिल ने कहा कि पहली अक्टूबर को एक दिन, एक घंटा और एक साथ अभियान के तहत देशभर में एक साथ स्वैच्छिक श्रमदान और स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। इस वर्ष के अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहभागिता को बढ़ावा देना है
अभियान का विषय है – स्वच्छता में सहभाग : स्वच्छ भारत, विकसित भारत। श्री पाटिल ने कहा कि इस वर्ष का स्वच्छता ही सेवा अभियान पांच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है।
ये पांच स्तंभ हैं – स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता, स्वच्छ पाठशाला: स्वच्छता के लिए युवा, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, स्वच्छता के लिए जन भागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि।
श्री पाटिल ने कहा कि पहली अक्टूबर को एक दिन, एक घंटा और एक साथ अभियान के तहत देशभर में एक साथ स्वैच्छिक श्रमदान और स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। इस वर्ष के अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहभागिता को बढ़ावा देना है
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