🎯. लौह अयस्क खनन क्षेत्र नहीं है-
(A) मोरीजा
(B) डाबला
(C) नीमला
(D) तलवाड़ा
[D]
व्याख्या -
-
लौह अयस्क उत्पादन में राजस्थान तृतीय स्थान पर है ।
राजस्थान में लौह अयस्क क्षेत्र
(1) मोरिजा बानेल -जयपुर
(2) नीमला राइसेला - दौसा
(3) नीम का थाना -सीकर
(4) डाबला सिंघाना -झुंझुंनू
(5) नाथरा री पाल -उदयपुर
(6) तिरंगा पहाड़ी - भीलवाड़ा
(A) मोरीजा
(B) डाबला
(C) नीमला
(D) तलवाड़ा
[D]
व्याख्या -
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लौह अयस्क उत्पादन में राजस्थान तृतीय स्थान पर है ।
राजस्थान में लौह अयस्क क्षेत्र
(1) मोरिजा बानेल -जयपुर
(2) नीमला राइसेला - दौसा
(3) नीम का थाना -सीकर
(4) डाबला सिंघाना -झुंझुंनू
(5) नाथरा री पाल -उदयपुर
(6) तिरंगा पहाड़ी - भीलवाड़ा
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भारत का उभरता सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र (Ecosystem)
भारत की सुपरकंप्यूटिंग यात्रा 1990 के दशक की शुरुआत में परम 8000 से विकसित होकर 2015 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत एक राष्ट्रीय परितंत्र में बदल गई है।
सितंबर 2026 तक 40 सुपर कंप्यूटरों द्वारा 68 पीएफ (पेटाफ्लॉप्स) यानी काफी तेज गणना देने के साथ, एनएसएम उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) तक अपना विस्तार कर रहा है।
मिशन ने कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, मौसम भविष्यवाणी एवं जलवायु मॉडलिंग, आपदा प्रबंधन, बिग डेटा एनालिटिक्स और खगोल भौतिकी में कम्प्यूटर अनुप्रयोगों को संभव बनाते हुए स्वदेशी सर्वर, सॉफ्टवेयर, कूलिंग और नेटवर्किंग प्रौद्योगिकियां भी विकसित की हैं।
भारत की सुपरकंप्यूटिंग यात्रा 1990 के दशक की शुरुआत में परम 8000 से विकसित होकर 2015 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत एक राष्ट्रीय परितंत्र में बदल गई है।
सितंबर 2026 तक 40 सुपर कंप्यूटरों द्वारा 68 पीएफ (पेटाफ्लॉप्स) यानी काफी तेज गणना देने के साथ, एनएसएम उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) तक अपना विस्तार कर रहा है।
मिशन ने कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, मौसम भविष्यवाणी एवं जलवायु मॉडलिंग, आपदा प्रबंधन, बिग डेटा एनालिटिक्स और खगोल भौतिकी में कम्प्यूटर अनुप्रयोगों को संभव बनाते हुए स्वदेशी सर्वर, सॉफ्टवेयर, कूलिंग और नेटवर्किंग प्रौद्योगिकियां भी विकसित की हैं।
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◾️भारतीय तटरक्षक बल ने 8 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के पारादीप के पास राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड (एनएमएसएआरबी) की देखरेख में 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास (सारेक्स-2026) का आयोजन किया।
◾️“खोज एवं बचाव तैयारियों तथा समुद्री सुरक्षा को विस्तृत करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग” विषय पर आयोजित इस अभ्यास में समुद्री और हवाई एजेंसियों ने भाग लिया।
◾️इसका उद्देश्य समुद्र में बड़े पैमाने पर बचाव अभियानों के लिए परिचालन तैयारियों, आपसी समन्वय और संयुक्त कार्रवाई क्षमता का प्रदर्शन करना था।
◾️“खोज एवं बचाव तैयारियों तथा समुद्री सुरक्षा को विस्तृत करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग” विषय पर आयोजित इस अभ्यास में समुद्री और हवाई एजेंसियों ने भाग लिया।
◾️इसका उद्देश्य समुद्र में बड़े पैमाने पर बचाव अभियानों के लिए परिचालन तैयारियों, आपसी समन्वय और संयुक्त कार्रवाई क्षमता का प्रदर्शन करना था।
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