Hindi/Urdu Poems
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Hindi/Urdu Poetry Collection.
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मैं खुद से ही बंधी हुई इन्सान हुं
दुनिया कि दोड में..... मैं आगे बढने ही नही पाई

#sangeetasalvi
#review

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🔥 @tgWiz
❤1
किसी ने पूछा मुझसे कैसा रिश्ता है आपका
तो ये कि....
वो मनाता नहीं है और
मैं रुठती बहुत हूं
वो ख़ामोश रहता है और
मैं बोलती बहुत हूं
वो एक नज़र देखता तक नहीं और
मेरी नज़र सिर्फ उसे ढूंढती है
#Sangeetasalvi
#review

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👍3
कमाना ज़रुरी है..
बेरोजगार लोगो के पंखा चलाने से,,
घर का बिल ज्यादा आता है ..🤗

#review
#shahid

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❤1
बिल्कुल ❤️ ये पूरी तरह original गणपति बप्पा पर शायरी है:

> जिस घर में गूंजे बप्पा का नाम,
वहाँ खुशियों का रहता है पैगाम।
मिटा देते हैं हर दुख और परेशानी,
गणपति बप्पा हैं सबकी ज़िंदगी की कहानी। 🙏❤️

दिल से बस एक ही अरदास रहे,
बप्पा का हाथ हमेशा हमारे साथ रहे।
🌺 गणपति बप्पा मोरया 🌺
#review
#mrpavan143

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👍2
सबके ग़म को अपना समझ, हर दर्द सहती रही,
कोई भी टूटा तो उसके पास बैठी रही।
मेरी बारी आई तो सब अपने दूर हो गए,
जो कहते थे “हम हैं”, वही मजबूर हो गए।
जिन्हें मेरी आवाज़ हमेशा सुनाई देती थी,
मेरी ख़ामोशी की आवाज़ उन्हें सुनाई न दी।
मैं हर किसी के लिए एक सहारा बनी रही,
मगर जब मुझे सहारे की ज़रूरत पड़ी,
तब मेरी परछाईं भी मेरे साथ खड़ी न रही।

#BidyaG
#review

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❤8
विकल्प अधिक मिलने पर,,
कपड़े पसंद करना भी मुश्किल हो जाता है..🤗
#shahid
#review

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❤4
ना जाने किसने चलाया ये तोहफ़े लेने देने का रिवाज,,
गरीब आदमी मिलने झुलने से डरता है..🤗
#shahid
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👍4
है शब्द समीप तुम्हारे…

है शब्द समीप तुम्हारे…
है शब्द समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे भाव सारे

है शब्द पुष्प समीप तुम्हारे…
है शब्द पुष्प समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे सुगंध सारे

है समुद्र समीप तुम्हारे…
है समुद्र समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे अश्रू सारे

है प्रेम तरु समीप तुम्हारे…
है प्रेम तरु समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे प्रेम पर्ण सारे

है शब्द उजास समीप तुम्हारे…
है शब्द उजास समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे तिमिर के किरण सारे

है काव्य तरंग समीप तुम्हारे…
है काव्य तरंग समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे ऋतु सारे

है शब्द समीप तुम्हारे…
है शब्द समीप मेरे…
ये अंतर रिक्त करे भाव सारे
#anil
#review

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ये चेहरा क्यों उदास लिए बैठा है
अभि तक तु उसके आने की आस लिए बैठा है!
किसी गैर का उसे होता देख तो तुझे मर जाना चाहिये था।
तू कैसा आशिक़ है यार अब भी सांस लिए बैठा है!
#Sachin #review

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👍2
ख़ुद से ही मन भर जाने पर कहां जाते हैं लोग 🥺...
#shahid
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❤1👍1
मोम बनकर देख लिया, अब पत्थर होना ही सही है,
कम से कम अपनी नज़रों में तो मैं आज सही हूँ।
सफ़ाइयाँ देते-देते थक गई हूँ अब इस ज़माने को,
जो जैसा समझे समझ ले, मैं अब वैसी ही सही हूँ।

#BidyaG
#review

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❤6
तुम्हारा कमा कर घर आना ज़रूरी है,,
घर आना उतना ज़रूरी नहीं..🤗
#shahid
#review

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👍2❤1
ग़लत जगह बंध जाने से बेहतर है,,
उम्र भर भटकते रहना...🤗
#shahid
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❤6🔥2
दिखावे के ये तोहफ़े लेने देने का रिवाज,
खाना खिलाने का रिवाज ही खा गया

#review
#PriyankaB

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❤2🎉2
वो शक्स तो चला गया.....खाश जाते जाते यह भी बेता देता कि.....
लोगो को कैसे भुलाया जाता हैं...!!

#sangeetasalvi
#review

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👍3
सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे

सच्ची वफ़ा के जख्मी वादे
मखमली बर्फ के तले जम गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
सुकून के लम्हों में चांदी कि परतों में चैन से लिपट गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
अश्रु बनके दूसरे दरख्त के छाँव में इत्मीनान से बैठ गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
युगों-युगों से चलकर रक्तिम हो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
अश्कों के हर्फ़ में छुप के से सिमट गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
तन्हाई के बादल में लहू-लहू बरस गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
झूठ के तसव्वुर में धधक कर सुलगते रह गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
सूखे हुए रहस्य के दरिया में गुमनाम हो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
अतीत के भ्रम के भँवर में झुलस गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
मधुर शब्दों की बेबाक सिलवटों में युही उलझ गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
बहुत देर दिल के कोहरे में दस्तक दे कर मायूस हो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
रात के वक़्त वफा के जुगनू बनके धोखे के जंगल में खो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
पिछले सफर के सफर में हमेशा के लिए रुसवा हो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
तड़प- तड़प के हसरतों के शोर में शामिल हो गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
फरेब के आईने में पल भर झूठी तसल्ली दे गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
ठंडी रेत की ऐतबार की लकीरों में झूठ का वजूद छोड़ गए

सच्ची वफा के ज़ख्मी वादे
मखमली बर्फ के तले जम गए
#anil
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और फ़िर ये प्रेमिकाओं द्वारा सुधारे गये लड़कों को पाकर
ये पत्नियां इतराती बहुत है..🤗
#shahid
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👍4
शायद मैं कमजोर नहीं हूँ…


कुछ लोग मिले, कुछ छूट गए,
कुछ अपने होकर रूठ गए,
हम हँसते रहे ज़माने में,
पर अंदर से जाने कितनी बार टूट गए।
जिसे अपना माना, वही दूर हुआ,
जिस पर भरोसा था, वही मजबूर हुआ,
हर बार दिल ने खुद को समझाया,
पर हर बार कोई नया कसूर हुआ।
अब कोई सामने आता है तो दिल घबराता है,
बिना वजह ये जिस्म काँप जाता है,
बीता हुआ कल आँखों के आगे आता है,
और मन फिर खुद से ही सवाल करता है।
क्या सच में मैं इतनी कमजोर हूँ?
नहीं… बस थोड़ा-सा थक गई हूँ,
लोगों को समझते-समझते
शायद खुद को समझना भूल गई हूँ।
पर अब जो भी हो, एक बात याद रखूँगी
टूटूँगी नहीं, बस थोड़ा ठहरूँगी,
सबसे दूर हो जाऊँगी कभी-कभी,
मगर खुद से कभी दूर नहीं होऊँगी।

#BidyaG
#review

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कुछ चेहरे बीते कल की याद दिला जाते हैं,
भूले हुए एहसास फिर लौट आते हैं।
हम तो समझे थे सब पीछे छोड़ आए हैं,
मगर कुछ डर… वक़्त के साथ नहीं जाते हैं।
कुछ बातें हम भूलना तो चाहते हैं,
मगर उनकी परछाइयाँ साथ चली आती हैं।
शायद यही तो अजीब बात है ज़िंदगी की,
कुछ कहानियाँ खत्म होकर भी खत्म नहीं होतीं…
हम आगे बढ़ तो जाते हैं,
मगर कुछ एहसास पीछे रह जाते हैं,
वक़्त के साथ सब बदल भी जाए,
फिर भी कुछ ज़ख्म दिल में रह जाते हैं।

#BidyaG
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अपने दिल की बातें नहीं बोल पाते..🤗
#shahid
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