राजस्थान का वह जिला जिसके साथ सबसे अधिक अन्य जिलों की सीमा लगती है ?
Anonymous Quiz
7%
अजमेर
74%
पाली
12%
भीलवाड़ा
7%
नागौर
👍39❤9🤩5😁3🎉2
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के गठन का प्रावधान है ?
Anonymous Quiz
18%
अनुच्छेद - 317
51%
अनुच्छेद - 315
22%
अनुच्छेद - 318
8%
अनुच्छेद - 319
👍34❤7🤩3
सवाई प्रतापसिंह के दरबारी संगीतज्ञ कौन थे जिन्हें महाराजा द्वारा ‘ बुधप्रकाश ‘ की उपाधि प्राप्त थी ?
Anonymous Quiz
22%
देवर्षि भट्ट
43%
हीरानन्द व्यास
22%
चांद खां
13%
बिहारी
👍30❤8🎉4🤩2😁1
अधिकाधिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ आजकल किन दावों को भी विधिक अधिकारों के रूप में मान्यता दे रही है ?
Anonymous Quiz
8%
नागरिकों के सांस्कृतिक दावे
27%
राजनीतिक अधिकारों को
12%
आर्थिक अधिकारों को
54%
1 , 2 , 3 तीनों
❤28👍20😁2🎉2🤩2
‘ राजस्थान रिसर्च सोसायटी ‘ कहां स्थित है ?
Anonymous Quiz
45%
जयपुर
23%
मुम्बई
25%
उदयपुर
8%
कोलकाता
👍32🎉12❤9😁7🤩4
30 अप्रैल , 1526 ई . को निम्न में से कौनसा युद्ध हुआ -
Anonymous Quiz
32%
खानवा का युद्ध
24%
पानीपत का दूसरा युद्ध
39%
पानीपत का पहला युद्ध
5%
हल्दीघाटी का युद्ध
❤27🤩15👍11😁3🎉2
प्राकृतिक संसाधनों की प्रकृति एवं उपलब्धता के आधार पर राजस्थान में उन उद्योगों के विकास की सर्वाधिक सम्भावनाएं है , जिनका आधार है -
Anonymous Quiz
10%
जल
45%
ऊर्जा
28%
पशुधन
18%
कृषि
👍35❤10🎉4🤩4😁3
सोटिंग भट्ट एवं धनेश्वर भट्ट नामक संस्कृत विद्वान किस मेवाड़ के शासक के दरबारी थे ?
Anonymous Quiz
14%
राणा हम्मीर
46%
महाराणा कुम्भा
25%
महाराणा सांगा
15%
महाराणा लाखा
👍24❤17🤩8🎉4😁2
निम्न में से राजस्थान का कौनसा शहर सीमेंट का सबसे बड़ा उत्पादक है -
Anonymous Quiz
4%
जयपुर
10%
जोधपुर
75%
चितौड़गढ़
11%
नागौर
❤24👍21🎉8🤩1
वायल क्या है ?
Anonymous Quiz
19%
स्त्रियों के पैरों की पायल
20%
एक सूती वस्त्र
30%
बढ़ई का एक औजार
32%
1 व 2 दोनों ही
👍30❤8😁2🎉2🤩2
#Current_Affairs_Update
😋😋 फूड सेफ्टी इंडेक्स 2021-22
जारीकर्ता= FSSAI(फूड स्टैंडर्ड एंड सिक्योरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया)
प्रथम स्थान = तमिलनाडु
✅ राजस्थान== दसवां स्थान
Join us for more updates
@Taiyari_karlo
😋😋 फूड सेफ्टी इंडेक्स 2021-22
जारीकर्ता= FSSAI(फूड स्टैंडर्ड एंड सिक्योरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया)
प्रथम स्थान = तमिलनाडु
✅ राजस्थान== दसवां स्थान
Join us for more updates
@Taiyari_karlo
👍39❤4🤩3😁1
👍69❤19😁12🎉12🤩12
राजस्थान राज्य वृक्ष ‘ खेजड़ी ‘
👉दर्जा :- 31 अक्टूबर , 1983 को।
👉5 जून 1988 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खेजड़ी वृक्ष पर 60 पैसे का डाक टिकट जारी किया गया ।वैज्ञानिक नाम :- प्रोसेपिस सिनरेरिया है।
👉खेजड़ी को राजस्थान का कल्प वृक्ष, थार का कल्प वृक्ष , रेगिस्तान का गौरव आदि नामो से जाना जाता है।
👉खेजड़ीको Wonder Tree व भारतीय मरुस्थल का सुनहरा वृक्ष भी कहा जाता है । खेजड़ी के सर्वाधिक वृक्ष शेखावाटी क्षेत्र में देखे जा सकते है।
👉खेजड़ी के सर्वाधिक वृक्ष नागौर जिले में देखे जाते है।
👉खेजड़ी के वृक्ष की पूजा विजय दशमी / दशहरे ( आश्विन शुक्ल -10 ) के अवसर पर की जाती है।
खेजड़ी के वृक्ष के नीचे गोगा जी व झुंझार बाबा के मंदिर बने होते है।खेजड़ी को हरियाणवी व पंजाबी भाषा में जांटी के नाम से जाना जाता है। खेजड़ी को तमिल भाषा में पेयमेय के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को कन्नड़ भाषा में बन्ना-बन्नी के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को सिंधी भाषा में छोकड़ा के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को बंगाली भाषा में शाईगाछ के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को विश्नोई संप्रदाय में शमी के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को स्थानीय भाषा में सीमलो कहा जाता है।
👉खेजड़ी की हरी फलियां सांगरी (फल गर्मी में लगते है ) कहलाती है तथा पुष्प मींझर कहलाता है।
👉खेजड़ी कि सूखी फलियां खोखा कहलाती है । वैज्ञानिको ने खेजड़ी वृक्ष की आयु पांच हजार वर्ष बताई है ।
👉राज्य में सर्वाधिक प्राचीन खेजड़ी के दो वृक्ष एक हजार वर्ष पुराने मांगलियावास गांव ( अजमेर ) में है । मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या (श्रावण) को वृक्ष मेला लगता है।
👉खेजड़ी के वृक्ष को सेलेस्ट्रेना व ग्लाइकोट्रमा नामक कीड़े नुकसान पंहुचा रहे है।
👉माटो :- बीकानेर के शासकों द्वारा प्रतीक चिन्ह के रूप रूपये में खेजड़ी के वृक्ष को अंकित करवाया।
👉ऑपरेशन खेजड़ा नामक अभियान 1991 में चलाया गया।
👉वन्य जीवो के रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम बलिदान 1604 में जोधपुर के रामसडी गांव में करमा व गौरा के द्वारा दिया गया
👉खेजड़ी के लिए प्रथम बलिदान अमृता देवी बिश्नोई ने 1730 में 363 लोगो के साथ जोधपुर के खेजड़ली ग्राम या गुढा बिश्नोई गांव में भाद्रपद शुक्ल दशमी को दिया।
👉भाद्रपद शुक्ल दशमी को विश्व का एकमात्र वृक्ष मेला खेजड़ली गांव में लगता है । बिश्नोई सम्प्रदाय के द्वारा दिया गया यह बलिदान साका या खड़ाना कहलाता है।
👉इस बलिदान के समय जोधपुर का राजा अभयसिंह था। अभयसिंह के आदेश पर गिरधर दास के द्वारा 363 लोगों की हत्या की गई।
👉खेजड़ली दिवस प्रत्येक वर्ष 12 सितंबर को मनाया जाता है।
👉अमृता देवी वन्य जीव पुरस्कार की शुरुआत 1994 में की गई।
👉खेजड़ली आंदोलन चिपको आंदोलन का प्रेरणा स्त्रोत रहा है
╔══════════════════╗
📚 JOIN 🔜 @Taiyari_karlo 📚
╚══════════════════╝
👉दर्जा :- 31 अक्टूबर , 1983 को।
👉5 जून 1988 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खेजड़ी वृक्ष पर 60 पैसे का डाक टिकट जारी किया गया ।वैज्ञानिक नाम :- प्रोसेपिस सिनरेरिया है।
👉खेजड़ी को राजस्थान का कल्प वृक्ष, थार का कल्प वृक्ष , रेगिस्तान का गौरव आदि नामो से जाना जाता है।
👉खेजड़ीको Wonder Tree व भारतीय मरुस्थल का सुनहरा वृक्ष भी कहा जाता है । खेजड़ी के सर्वाधिक वृक्ष शेखावाटी क्षेत्र में देखे जा सकते है।
👉खेजड़ी के सर्वाधिक वृक्ष नागौर जिले में देखे जाते है।
👉खेजड़ी के वृक्ष की पूजा विजय दशमी / दशहरे ( आश्विन शुक्ल -10 ) के अवसर पर की जाती है।
खेजड़ी के वृक्ष के नीचे गोगा जी व झुंझार बाबा के मंदिर बने होते है।खेजड़ी को हरियाणवी व पंजाबी भाषा में जांटी के नाम से जाना जाता है। खेजड़ी को तमिल भाषा में पेयमेय के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को कन्नड़ भाषा में बन्ना-बन्नी के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को सिंधी भाषा में छोकड़ा के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को बंगाली भाषा में शाईगाछ के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को विश्नोई संप्रदाय में शमी के नाम से जाना जाता है।
👉खेजड़ी को स्थानीय भाषा में सीमलो कहा जाता है।
👉खेजड़ी की हरी फलियां सांगरी (फल गर्मी में लगते है ) कहलाती है तथा पुष्प मींझर कहलाता है।
👉खेजड़ी कि सूखी फलियां खोखा कहलाती है । वैज्ञानिको ने खेजड़ी वृक्ष की आयु पांच हजार वर्ष बताई है ।
👉राज्य में सर्वाधिक प्राचीन खेजड़ी के दो वृक्ष एक हजार वर्ष पुराने मांगलियावास गांव ( अजमेर ) में है । मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या (श्रावण) को वृक्ष मेला लगता है।
👉खेजड़ी के वृक्ष को सेलेस्ट्रेना व ग्लाइकोट्रमा नामक कीड़े नुकसान पंहुचा रहे है।
👉माटो :- बीकानेर के शासकों द्वारा प्रतीक चिन्ह के रूप रूपये में खेजड़ी के वृक्ष को अंकित करवाया।
👉ऑपरेशन खेजड़ा नामक अभियान 1991 में चलाया गया।
👉वन्य जीवो के रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम बलिदान 1604 में जोधपुर के रामसडी गांव में करमा व गौरा के द्वारा दिया गया
👉खेजड़ी के लिए प्रथम बलिदान अमृता देवी बिश्नोई ने 1730 में 363 लोगो के साथ जोधपुर के खेजड़ली ग्राम या गुढा बिश्नोई गांव में भाद्रपद शुक्ल दशमी को दिया।
👉भाद्रपद शुक्ल दशमी को विश्व का एकमात्र वृक्ष मेला खेजड़ली गांव में लगता है । बिश्नोई सम्प्रदाय के द्वारा दिया गया यह बलिदान साका या खड़ाना कहलाता है।
👉इस बलिदान के समय जोधपुर का राजा अभयसिंह था। अभयसिंह के आदेश पर गिरधर दास के द्वारा 363 लोगों की हत्या की गई।
👉खेजड़ली दिवस प्रत्येक वर्ष 12 सितंबर को मनाया जाता है।
👉अमृता देवी वन्य जीव पुरस्कार की शुरुआत 1994 में की गई।
👉खेजड़ली आंदोलन चिपको आंदोलन का प्रेरणा स्त्रोत रहा है
╔══════════════════╗
📚 JOIN 🔜 @Taiyari_karlo 📚
╚══════════════════╝
👍73❤17🤩6🎉4