Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
♦️पुष्कर झील :
➖इस झील को सर्वप्रथम पुष्करणा ब्राह्मणों द्वारा खोदी जाने के कारण इसका नाम पुष्कर झील पड़ा।
➖यह राज्य की मीठे पानी की प्राकृतिक झील है। यह झील ज्वालामुखी से निर्मित है अतः कालाडेरा झील कहलाती है (भारत की दूसरी कालाडेरा झील लोनार, महाराष्ट्र में है) इसे हिन्दुओं का पाँचवा तीर्थ / तीर्थराज /तीर्थों का मामा/सबसे पवित्र व सर्वाधिक प्रदूषित झील आदि नामों से जाना जाता है।
➖ पुष्कर झील पर ही मेनका ने विश्वामित्र की तपस्या भंग की थी तथा कालिदास ने अभिज्ञान शाकुंतलम एवं वेदव्यास ने महाभारत की रचना भी यहीं पर की थी। अर्द्ध-चन्द्राकार में फैली इस झील में 52 घाट बने हुए है।
➖1911 में महारानी मेरी जब पुष्कर देखने आयी तो उसने यहाँ महिलाओं के लिए अलग घाट का निर्माण करवाया। इसी स्थान पर महात्मा गाँधी की अस्थियाँ प्रवाहित की गयी थी तभी से इसे 'गाँधी घाट' कहते है।
➖ पुष्कर झील को स्वच्छ रखने हेतु 1997-98 में कनाडा के सहयोग से सफाई की गई। यहाँ पर कार्तिक पूर्णिमा (नवम्बर) में सबसे रंगीन मेला लगता है।
➖इस झील को सर्वप्रथम पुष्करणा ब्राह्मणों द्वारा खोदी जाने के कारण इसका नाम पुष्कर झील पड़ा।
➖यह राज्य की मीठे पानी की प्राकृतिक झील है। यह झील ज्वालामुखी से निर्मित है अतः कालाडेरा झील कहलाती है (भारत की दूसरी कालाडेरा झील लोनार, महाराष्ट्र में है) इसे हिन्दुओं का पाँचवा तीर्थ / तीर्थराज /तीर्थों का मामा/सबसे पवित्र व सर्वाधिक प्रदूषित झील आदि नामों से जाना जाता है।
➖ पुष्कर झील पर ही मेनका ने विश्वामित्र की तपस्या भंग की थी तथा कालिदास ने अभिज्ञान शाकुंतलम एवं वेदव्यास ने महाभारत की रचना भी यहीं पर की थी। अर्द्ध-चन्द्राकार में फैली इस झील में 52 घाट बने हुए है।
➖1911 में महारानी मेरी जब पुष्कर देखने आयी तो उसने यहाँ महिलाओं के लिए अलग घाट का निर्माण करवाया। इसी स्थान पर महात्मा गाँधी की अस्थियाँ प्रवाहित की गयी थी तभी से इसे 'गाँधी घाट' कहते है।
➖ पुष्कर झील को स्वच्छ रखने हेतु 1997-98 में कनाडा के सहयोग से सफाई की गई। यहाँ पर कार्तिक पूर्णिमा (नवम्बर) में सबसे रंगीन मेला लगता है।
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Forwarded from TARGET SI EXAM 2025
भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में बुधवार को इसकी टेस्टिंग हुई।
यह मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नोलॉजी से लैस है। यानी इसे एक साथ कई टारगेट्स पर लॉन्च किया जा सकता है। इसका पहला परीक्षण अप्रैल 2012 में हुआ था।
अग्नि-5 की रेंज 5000 किमी है। ऐसे में यह मिसाइल पाकिस्तान, चीन, तुर्किये जैसे कई देशों तक मार करने की क्षमता रखती है।
मिसाइल 7500 किलोग्राम के बंकर बस्टर वॉरहेड ले जाने और जमीन में 100 मीटर की गहराई तक जाकर दुश्मनों के न्यूक्लियर सिस्टम, रडार सिस्टम, कंट्रोल सेंटर, हथियार स्टोरेज को तबाह कर सकेगी
यह मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नोलॉजी से लैस है। यानी इसे एक साथ कई टारगेट्स पर लॉन्च किया जा सकता है। इसका पहला परीक्षण अप्रैल 2012 में हुआ था।
अग्नि-5 की रेंज 5000 किमी है। ऐसे में यह मिसाइल पाकिस्तान, चीन, तुर्किये जैसे कई देशों तक मार करने की क्षमता रखती है।
मिसाइल 7500 किलोग्राम के बंकर बस्टर वॉरहेड ले जाने और जमीन में 100 मीटर की गहराई तक जाकर दुश्मनों के न्यूक्लियर सिस्टम, रडार सिस्टम, कंट्रोल सेंटर, हथियार स्टोरेज को तबाह कर सकेगी
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