✅कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा एथलेटिक्स 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में भारत ने जीता गोल्ड और सिल्वर
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने पैरा एथलेटिक्स में इतिहास रच दिया है। पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत, दोनों पदक अपने नाम कर लिए है। दिलीप महादु गावित ने 10 दशमलव 71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड और अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ ने 10 दशमलव 83 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
यह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम भारोत्तोलन और शर्मिला धनखड़ ने महिला शॉटपुट एफ-57 पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते थे।
इन शानदार प्रदर्शनों के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या अब
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने पैरा एथलेटिक्स में इतिहास रच दिया है। पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत, दोनों पदक अपने नाम कर लिए है। दिलीप महादु गावित ने 10 दशमलव 71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड और अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ ने 10 दशमलव 83 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
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📜Hello’s Friendssss..👇
⭕CET (graduation) की अंतिम तिथि आज
🚀CET स्नातक स्तर परीक्षा- 1 से 03 दिसंबर 2026
✅CET पात्रता अब 3 साल तक मान्य रहेगी।
CET परीक्षा में 1/3 नेगेटिव मार्किंग रहेगी।
CET पात्रता के लिए 40% अंक जरूरी
🚨🚨Cet Graduation Level अंतिम दिनांक आज
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🏆 ओमेगा ब्लॉक (Omega Block)📌 क्या है?
वायुमंडलीय High Pressure (उच्च दाब) प्रणाली, जो दो Low Pressure (निम्न दाब) क्षेत्रों के बीच लंबे समय तक स्थिर रहती है।
नाम क्यों?
➡️ Jet Stream का पैटर्न ग्रीक अक्षर Ω (Omega) जैसा दिखता है।
📌 बनने की प्रक्रिया:
✅ Jet Stream में बड़े मोड़ (Large Bends) बनते हैं।
✅ बीच में High Pressure Block बनता है।
✅ गर्म हवा फँस जाती है, जिसे Heat Dome (ऊष्मा गुंबद) कहते हैं।
✅ बादल बनने की प्रक्रिया रुकती है → लगातार धूप → तापमान में वृद्धि।📌
प्रभाव:
High Pressure क्षेत्र → लंबे समय तक Heatwave, शुष्क एवं गर्म मौसम।
🌧️ Low Pressure क्षेत्र → भारी वर्षा (Heavy Rainfall)।
Exam Pointers:📍 मुख्यतः Northern Hemisphere के Mid-Latitudes में पाया जाता है।
Climate Change के कारण Omega Blocks अधिक तीव्र एवं लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
वायुमंडलीय High Pressure (उच्च दाब) प्रणाली, जो दो Low Pressure (निम्न दाब) क्षेत्रों के बीच लंबे समय तक स्थिर रहती है।
नाम क्यों?
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📌 बनने की प्रक्रिया:
✅ Jet Stream में बड़े मोड़ (Large Bends) बनते हैं।
✅ बीच में High Pressure Block बनता है।
✅ गर्म हवा फँस जाती है, जिसे Heat Dome (ऊष्मा गुंबद) कहते हैं।
✅ बादल बनने की प्रक्रिया रुकती है → लगातार धूप → तापमान में वृद्धि।📌
प्रभाव:
High Pressure क्षेत्र → लंबे समय तक Heatwave, शुष्क एवं गर्म मौसम।
🌧️ Low Pressure क्षेत्र → भारी वर्षा (Heavy Rainfall)।
Exam Pointers:📍 मुख्यतः Northern Hemisphere के Mid-Latitudes में पाया जाता है।
Climate Change के कारण Omega Blocks अधिक तीव्र एवं लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
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✅सारनाथ में युवा बौद्ध शोध का चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मध्यम मार्ग पर वैश्विक विमर्श
सारनाथ में युवा बौद्ध शोध के चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीवाईबीएस) का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) ने केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान (सीआईएचटीएस) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘आज की पीढ़ी के लिए बुद्ध का मध्यम मार्ग’ रखी।
सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बुद्ध के मध्यम मार्ग की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।
इससे पहले युवा बौद्ध विद्वानों के तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ ने डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (डीएआईसी) के सहयोग से नई दिल्ली में किया था। उस सम्मेलन का विषय “21वीं सदी में बुद्ध धम्म में ज्ञान का संचरण” था।
इसमें रूस, वियतनाम, कंबोडिया, श्रीलंका, म्यांमार, ताइवान और भारत सहित कई देशों के युवा विद्वानों, प्रोफेसरों, भिक्षुओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया था।
सारनाथ में युवा बौद्ध शोध के चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीवाईबीएस) का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) ने केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान (सीआईएचटीएस) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘आज की पीढ़ी के लिए बुद्ध का मध्यम मार्ग’ रखी।
सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बुद्ध के मध्यम मार्ग की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।
इससे पहले युवा बौद्ध विद्वानों के तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ ने डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (डीएआईसी) के सहयोग से नई दिल्ली में किया था। उस सम्मेलन का विषय “21वीं सदी में बुद्ध धम्म में ज्ञान का संचरण” था।
इसमें रूस, वियतनाम, कंबोडिया, श्रीलंका, म्यांमार, ताइवान और भारत सहित कई देशों के युवा विद्वानों, प्रोफेसरों, भिक्षुओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया था।
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संसद में लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक 2026 पारित
संसद ने लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने इसे मंजूरी दी, लोकसभा से विधेयक बुधवार को पारित हुआ था। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने विधेयक पेश किया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णनन ने विधेयक पर चर्चा के लिए सात घंटे का समय दिया।
विधेयक में सख्त दंड और जुर्माने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इनमें दस वर्ष तक की सज़ा, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषी व्यक्तियों की संपत्ति जब्त करना शामिल है। मामलों के शीघ्र निपटान के लिए राज्य सरकार और केन्द्रशासित प्रदेश प्रशासन विशेष त्वरित अदालतें स्थापित करेंगे। मामले की छानबीन पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने की तिथि से दो महीने के अंदर पूरी करनी होगी। आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के युवा विकसित भारत के लिए सबसे बड़ा निवेश है।
संसद ने लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने इसे मंजूरी दी, लोकसभा से विधेयक बुधवार को पारित हुआ था। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने विधेयक पेश किया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णनन ने विधेयक पर चर्चा के लिए सात घंटे का समय दिया।
विधेयक में सख्त दंड और जुर्माने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इनमें दस वर्ष तक की सज़ा, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषी व्यक्तियों की संपत्ति जब्त करना शामिल है। मामलों के शीघ्र निपटान के लिए राज्य सरकार और केन्द्रशासित प्रदेश प्रशासन विशेष त्वरित अदालतें स्थापित करेंगे। मामले की छानबीन पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने की तिथि से दो महीने के अंदर पूरी करनी होगी। आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के युवा विकसित भारत के लिए सबसे बड़ा निवेश है।
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